छत्तीसगढ़
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में अब तक का सर्वाधिक 212 मिलियन लदान एवं 23697 करोड़ रुपये का सकल अर्जन

बिलासपुर .
हर वर्ष माल लदान और सकल अर्जन के क्षेत्र में अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन ने वर्ष 2021-22 में अब तक का सर्वाधिक माल लदान एवं सकल अर्जन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में 212 मिलीयन टन माल लदान किया गया है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 187 मिलीयन टन माल लदान का किया गया था । इसी प्रकार 23697 करोड़ रुपये का आरंभिक राजस्व अर्जित किया, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में 29.11% अधिक है । इसके साथ ही 5 नए गुड शेड और 3 साइडिंग की कमीशनिंग तथा 33 निजी साइडिंग पर 94 नए ग्राहकों को सह-उपयोगकर्ता अनुमति दी गई है ।इसके साथ ही अधोसंरचना के विकास पर ज़ोर देते हुए नई लाइन, दोहरीकरण, तीसरी एवं चौथी लाइन तथा आमान परिवर्तन के कार्यों में 178.86 किलोमीटर नए रेल खंड की कमीशनिंग की गई । साथ ही, 186 रुट किलोमीटर विद्युतीकरण, 38.36 किलोमीटर आटो सिग्नलिंग के कार्य किए गए ।
संरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 13 समपार फाटकों को बंद कर 8 रोड अंडर ब्रिज और रोड ओवर ब्रिज बनाए गए ।
यात्री सुविधाओं में वृद्धि करते हुए 23 नए फुट ओवर ब्रिज, 6 लिफ्ट, 1 एस्केलेटर, 22 प्लेटफार्म की ऊंचाई में वृद्धि, 3 प्लेटफार्म की लंबाई में वृद्धि, 5 स्टेशनों में हाई स्पीड वाई-फ़ाई, गोंदिया में ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड, कांमठी में ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड, गोंदिया, इतवारी, कांमठी, चांदाफ़ोर्ट और डोंगरगढ़ मे कोच गाइडेंस डिस्प्ले सिस्टम, 28 महत्वपूर्ण स्टेशनों में जीपीएस वॉच, सारे एटीवीएम में क्यू-आर कोड आधारित डिजिटल पेमेंट सिस्टम, 72 प्री फेब्रीकेटेड टायलेट तथा कोचिंग डिपो दुर्ग तथा बिलासपुर में आटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट की कमीशनिंग की गई ।
प्रतीक्षारत महिला यात्रियों के लिए बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, गोंदिया सहित अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों में ‘अक्षिता सेफ बबल’ की सुविधा प्रदान की गई । रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा घर से भटके तथा मानव तरस्करी के शिकार 225 नाबालिक बच्चों को रेसक्यू कर उनके परिजनो को सौपा गया । सफर के दौरान गुम हुए लगभग 66 लाख रुपए मूल्य के 555 सामानो को बरामद कर यात्रियो को वापस किए गए ।
कोविड महामारी के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 130 ऑक्सीजन स्पेशल ट्रेनों का कुशलतापूर्वक संचालन किया गया । 4 किसान रेलों के साथ कुल 49750 टन पार्सल का परिवहन किया गया ।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में 266 करोड़ रुपये के स्क्रैप की बिक्री की गई, जो कि लक्ष्य से 26 प्रतिशत अधिक है ।
सेंट्रल हास्पिटल बिलासपुर में कोविड महामारी के बावजूद भी 3218 सफल सर्जरी की गई तथा किडनी रोग के मरीजों के लिए डायलिसिस यूनिट की स्थापना की गई । बिलासपुर एवं डिवीज़नल हास्पिटल रायपुर में जीवनदायिनी ऑक्सीज़न की आपूर्ति हेतु पीएसए ऑक्सीज़न जनरेशन प्लांट की स्थापना की गई । साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत 22 हॉस्पिटल व हेल्थ यूनिटों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फोर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) कि शुरुआत की गई ।
महाप्रबंधक आलोक कुमार ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की इन सभी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए समस्त रेलकर्मियों के प्रयासों की सराहना की है ।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















