Connect with us

छत्तीसगढ़

रायपुर में मारपीट कर व्यापारी से 50 लाख की लूट का मामला, 2 नाबालिग साहित 10 बदमाश गिरफ्तार

Published

on

रायपुर। राजधानी रायपुर के डुमरतराई में कारोबारी से हुई 50 लाख की लूट के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। वारदात में शामिल 8 लुटेरें और 2 एटीएम कार्ड से पैसा निकालने वाले कुल 10 बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में 2 नाबालिग भी शामिल है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने करीब 6 लाख नगदी बरामद की है। मामला माना थाना क्षेत्र का है। बता दें कि 16 मई को डुमरतराई में अनाज व्यापारी नरेंद्र खेतपाल से डुमरतराई स्थित अपनी दुकान से दो पहिया वाहन में नगद रकम लेकर घर लौट रहे थे। इस दौरान मिंटू स्कूल के पास अज्ञात लुटेरों ने मारपीट कर 50 लाख रुपए लूटकर फरार हो गए थे। मामले में कुछ बाइक पर सवार अज्ञात लुटेरे सवार थे। लुटेरों ने कारोबारी को सड़क पर रोककर लात, घूंसे और डंडे से सिर पर हमला कर पैसों से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे। इसके बाद कारोबारी ने इसकी जानकारी अपने बेटे कृष्ण खेतपाल को दी। फिर माना थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच पड़ताल के बाद शनिवार को 8 लुटेरें और 2 एटीएम कार्ड से पैसा निकालने वाले कुल 10 बदमाशों को गिरफ्तार किया। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

यह भी पढ़ें   भारी मात्रा में अवैध शराब खपाने करने फिराक में जुटे आरोपी गिरफ्तार, 218 लीटर से अधिक शराब जब्त

प्लानिंग के साथ लूट

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान टीम को डूमरतराई थोक बाजार में काम करने वाले देवेन्द्र धृतलहरे और अजय उर्फ अज्जू के बारे में पता चला। टीम को पता लगा कि ये लोग गायब हैं और आपराधिक आदतों वाले भी। डूमरतराई में ही लूट के शिकार हुए कारोबारी नरेंद्र खेतपाल की दुकान है। जांच टीम ने देवेन्द्र धृतलहरे और अजय को ढूंढना शुरू किया। इस बीच पुलिस को अभनपुर के केन्द्री में रहने वाले शिव कुमार कोसले के बारे में पता चला। ये बात पुख्ता हुई कि ये भी इस कांड में शामिल है। पुलिस ने शिव को अभनपुर जाकर पकड़ा। शिव ने बताया कि पूरी घटना के मास्टर माइंड देवेन्द्र धृतलहरे और अजय हैं। ये दोनों जानते थे कि कारोबारी नरेंद्र अक्सर अपनी दुकान बंद करने के बाद कैश लेकर घर जाता है। घटना के 10 दिन पहले दोनों ने शिव से संपर्क किया और प्लानिंग शुरू हुई। शिव ने पुलिस को बताया कि माना तूता रोड़ के पास जंगल में सभी की मुलाकात होती थी। सब यहीं बैठकर लूट की वारदात को कैसे अंजाम देना है, इसकी प्लानिंग करते थे। शिव ने ही अपने इलाके के बाकी लड़कों को इस वारदात को अंजाम देने के लिए राजी किया। घटना के बाद सभी अलग-अलग फरार हो गए। वारदात के दो दिन बाद आरोपी देवेन्द्र, अजय और शिव ने लूट की रकम आपस में बांट ली थी। कैश बैग में इन बदमाशों को कारोबारी का एटीएम कार्ड एवं बैंक पास बुक भी मिला। बदमाशों को कारोबारी की बैंक डीटेल्स भी मिल गई थी। इसके बाद शिव कुमार अपने साथी शशिकांत और बनवारी के साथ एटीएम गया और कारोबारी के खाते से 40 हजार रुपए निकाल लिए।

यह भी पढ़ें   नवविवाहिता की आग से जलकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर आरोपी पति को किया गया गिरफ्तार

इस कांड को अंजाम देने वाले मास्टर माइंड आरोपी देवेन्द्र धृतलहरे, अजय उर्फ अज्जू और तिलक अब भी फरार हैं। पकड़े गए बदमाशों में शिव कुमार कोसले, मनीष यादव, टिकेश चतुर्वेदी, सूरज महेश्वर, नरेन्द्र बंजारे, अगम दास कोसले, शशिकांत चतुर्वेदी, बनवारी यादव और दो नाबालिग शामिल हैं। ये सभी अभनपुर और मुजगहन के रहने वाले हैं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

Published

on

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

यह भी पढ़ें   भाजपा गीदम मंडल कार्यसमिति की बैठक संपन्न, प्रभारी सुभाउ कश्यप रहे मौजूद

इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

यह भी पढ़ें   पुलिस अधीक्षक महोदय राजनेश सिंह के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस द्वारा 24 घंटे अंदर किया गया दोनो आरोपियों को गिरफ्तार

परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

Continue Reading

छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

Published

on

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें   CG: मेडिकल कॉलेज में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पदों पर भर्ती, आए 80 हजार से ज्यादा आवेदन

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

Continue Reading

कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Published

on

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

यह भी पढ़ें   Bilaspur: मध्यप्रदेश से शराब की आयात करने वाला तश्कर गिरफ्तार

बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें   अम्बिकापुर : विभिन्न पदों के भर्ती हेतु प्लेसमेंट कैंप का आयोजन 13 फरवरी को

बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending