छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के ऑनलाईन पेंशन मैनेजमेंट सिस्टम को मिला राष्ट्रीय एलेट्स इनोवेशन अवार्ड

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग द्वारा राज्य के पेंशनरों के पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए संचालित आनलाईन पेंशन मैनेजमेंट सिस्टम ‘आभार आपकी सेवाओं का‘ राष्ट्रीय स्तर पर एलेट्स एनोवेशन अवार्ड (Elets Innovations Award) से सम्मानित किया गया है। एलेट्स टेक्नोमीडिया प्राईवेट लिमिटेड द्वारा ‘ई-गवर्नेंस इनिशिएटिव फॉर गवर्नमेंट सर्विस डिलिवरी‘ श्रेणी में यह अवार्ड प्रदान किया गया है।
नई दिल्ली में आज शाम वर्चुअल रूप से आयोजित समारोह में एलेट्स टेक्नोमीडिया प्राईवेट लिमिटेड के संस्थापक, सीईओ एवं एडीटर इन चीफ डी. रवि गुप्ता द्वारा संचालक कोष, लेखा एवं पेंशन छत्तीसगढ़, रायपुर नीलकंठ टीकाम (आईएएस) को वर्चुअल माध्यम से अवार्ड प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस उपलब्धि के लिए वित्त विभाग और कोष, लेखा एवं पेंशन संचालनालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनरों के पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए मई 2018 से राज्य में ‘आभार आपकी सेवाओं का‘ ऑनलाईन पेंशन मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। यह एक एकल खिड़की तंत्र (सिंगल विन्डो सिस्टम) के रूप में ई-गर्वनेंस की अवधारणा के अंतर्गत पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
इस व्यवस्था अंतर्गत पेंशन प्रकरणों के निराकरण हेतु समस्त आवश्यक दस्तावेज (सेवा पुस्तिका को छोड़कर) ऑनलाईन प्रस्तुत किये जाते हैं एवं डिजिटल हस्ताक्षर युक्त पी.पी.ओ/जी.पी.ओ./सी.पी.ओ जारी किये जाते हैं। बैंको को पेंशन भुगतान हेतु भी समस्त दस्तावेज कोषालयों द्वारा ऑनलाईन बैंक को प्रेषित किये जाते है। इस व्यवस्था के लागू होने के फलस्वरूप प्रथम पेंशन भुगतान हेतु पेंशनरों की भौतिक उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
पेंशनरों को पेंशन संबंधी जानकारी प्रदाय करने की दृष्टि से ‘आभार आपकी सेवाओं का’ पोर्टल पर ‘पेंशनर लॉग इन कार्नर’ की सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से प्रकरण की स्थिति ज्ञात की जा सकती है एवं पेंशन संबंधी शिकायतें ऑनलाईन दर्ज की जा सकती है। पेंशनर हेतु ई-कोष लाईट ऐप में पेंशनर कार्नर विकसित किया गया है जिसके माध्यम से पी.पी.ओ/जी.पी.ओ./सी.पी.ओ. एवं परिचय पत्र की डिजिटल प्रति डॉउनलोड करने की सुविधा पेंशनरों को प्रदाय की गई है। साथ ही पेंशनर को पेंशन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी ‘एसएमएस‘ के माध्यम से उपलब्ध करायी जा रही है। आभार लागू होने से अब तक कुल 27 हजार 231 पेंशनरों को इस व्यवस्था से लाभ दिलाया गया है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















