क्राइम
बिलासपुर: बर्तन चोरी करने वाली गिरोह की महिलाएं गिरफ्तार, थाना कोनी का है मामला

बिलासपुर। बिलासपुर में पुलिस कार्रवाई में पुलिस को बर्तन चोरी करने वाली गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो महिला चोरों को गिरप्तार किया है। मामला कोनी पुलिस थाना का है।
थाना कोनी जिला बिलासपुर(छ.ग.)
थाना कोनी के चोरी के प्रकरण के फरार आरोपी गिरफ्तार
ग्राहक बनकर देती थी चोरी को अंजाम
घर आलीशान सुखसुविधाओ से होता था जीवन व्यापन
शहर के आउटर एरिया के बर्तन दुकानों को बनाती थी निशाना
आरोपियों के नाम
(1) अनिता कोशले पति संतोश कोशले उम्र 31 साल पता वार्ड क्रमांक 12 बिलासपुर,
(2) शशि आनंद पति स्व. महेन्द्र आनंद उम्र 34 साल निवासी वार्ड क्रमांक 12 बिलासपुर,
जप्त माल:- 10 नग कांस का थाली क़ीमती 5000 रुपये
विवरण:- दिनांक 06-04-2021 को थाना कोनी क्षेत्रांतर्गत ओम मेटल बर्तन दुकान मेन रोड कोनी मे दिन दहाडे ग्राहक की वेश मे तीन महिला आरोपिया दुकान मे प्रवेश कर दुकान दार व दुकान के कर्मचारियों के आखो मे धुल झोककर कासे के बर्तन को अपने शरीर के अंदर छिपाकर चोरी के नियत से भागने लगी जिसमे महिलाओ के समुह का फायदा उठाकर माल सहित फरार हो गयी। तत्काल श्री प्रशांत अग्रवाल पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को सूचना दी गई।
मामले की गंभीरता को ध्यान मे रखते हुए तत्काल संज्ञान मे लेकर अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी करने का निर्देश उपरांत उमेश कश्यप अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर), श्रीमती निमिषा पांन्डेय, सीएसपी सरंकण्डा के मार्गदर्शन में और रविन्द्र कुमार यादव थाना प्रभारी कोनी के नेतृत्व में हमराह पुलिस थाना कोनी के स्टाफ के साथ थाना कोनी मे अपराध क्रमांक 69/2021 धारा 380, 34 भादवि, का मामला दर्ज होते ही कोनी पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए दिनांक 06-04-2021 के 23-30 बजे आरोपिया दिनीता उर्फ विनिता मसीह, उम्र 33 साल निवासी शारदा नगर सांई मंदिर के पीछे सिविल लाईन को तत्काल माल सहित धर दबोचा गया।
दो अन्य आरोपी महिला अनिता कोशले एवं शशि आनंद महिला ग्राहको के बीच छिपते हुए घटना स्थल से निकल गयी। तत्पश्चात पुलिस ने उनके छिपने के संभावित स्थानो पर लगातार दबिस दी जिससे परेशान होकर दोनो महिला आरोपी आत्म समर्पण करने पर मजबूर हुई। जिनके निशादेही पर चोरी गये सभी मसरूका (कांसे के बर्तन ) क़ीमती लगभग 5000 का बरामद करने मे पुलिस को अहम सफलता मिली है ।
विशेष योगदानः– उपनिरीक्षक रविन्द्र कुमार यादव, थाना प्रभारी कोनी, सउनि शैलेन्द्र सिहं,
आर 412 प्रकाश सिंह आर.511 मनोज साहू, आर.642 सचिन नामदेव, आर.11 प्रफुल सिंह ,म.आर.691 आरती मिश्रा म.अ. 690 ज्योति पंकज
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।





















