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छत्तीसगढ़

जर्जर शासकीय स्कूलों की प्राथमिकता से की जाएगी मरम्मत: बिलासपुर कलेक्टर सौरभ कुमार

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बिलासपुर| कलेक्टर सौरभ कुमार ने आज टीएल की बैठक में कहा कि जिले में जर्जर शासकीय स्कूलों की प्राथमिकता से मरम्मत की जाएगी। उन्होंने प्रथम चरण में सभी चार विकासखण्डों से 50-50 स्कूलों के प्रस्ताव इस सप्ताह के अंत तक मंगाये है। गौठानों में पशुओं की देखभाल के लिए 26 संविदा सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी (एवीएफओ) की नियुक्ति प्रकिया शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि फसलों की सुरक्षा के लिए रोका-छेका अभियान के तहत मवेशियों को सहेजकर गौठानों में रखें। कलेक्टर ने इसके लिए नगरीय क्षेत्रों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया।

उन्होंने 15 अगस्त को हर्षाेल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए विभिन्न विभागों को सौंपे गये दायित्व की संपूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने बताया कि कोरेाना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस की रात्रि में सभी शासकीय, सार्वजनिक भवनों एवं राष्ट्रीय महत्वों के स्मारकों पर रोशनी करने, शासकीय अधिकारी, कर्मचारियों को उनके निवास स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने, नक्सली हिंसा में शहीदों के परिजनों को सम्मानपूर्वक जिला स्तरीय समारोह मंे आमंत्रित करने कहा। इसके साथ ही राज्य सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संपूर्ण गरिमा के साथ सभी शासकीय भवनों, कार्यालयों तथा हर घर तिरंगा फहराने कहा।

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कलेक्टर ने समय-सीमा के लंबित प्रकरण, मुख्यमंत्री जनशिकायत एवं कलेक्टर जनचौपाल में प्राप्त जनशिकायतों, समस्याओं के निराकरण की विभागवार समीक्षा की। लंबित प्रकरणों का निराकरण शीघ्र करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए गोबर खरीदी की वर्तमान प्रगति को नाकाफी बताया। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रतिदिन की जा रही गोबर खरीदी की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्टर ने टीकाकरण की धीमी प्रगति पर नाराज़गी जाहिर करते हुए लक्ष्यनुरूप टीकाकरण बढ़ाने निर्देशित किया। फिलहाल प्रतिदिन लगभग 4 हजार टीके लग रहे हैं। कलेक्टर ने लोगों को मोबिलाइज कर टीकाकरण केन्द्रों पर लाने को कहा है। उन्होंने स्कूल और हाटबाजार में प्राथमिकता से टीका लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोगों को टीके लगाना हमारा लक्ष्य है। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती जयश्री जैन, नगर निगम आयुक्त श्री अजय त्रिपाठी, सभी एसडीएम सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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