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Bilaspur: कोरोना से परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता देने के लिए आशा एवं स्माईल योजना शुरु

बिलासपुर, 18 जून 2021
अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति बिलासपुर द्वारा ऐसे परिवार जिनके मुखिया की मृत्यु कोविड-19 महामारी से हुई है एवं उन्हें जीवन-यापन करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उनको आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के द्वारा आशा एवं स्माईल नाम से योजना प्रारंभ किया जा रहा है।
परिवार का मुखिया जो परिवार का पालन पोषण करता था जिनकी मृत्यु कोेरोना से हो गई हो तो उनके उस परिवार का पालन पोषण करने वाले व्यक्ति के लिए योजनान्तर्गत ऋण उपलब्ध कराया जाना है। व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए अधिकतम राशि 5 लाख रू. का ऋण दिया जायेगा। जिसमें 20 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान शामिल होगा।
योजना के लिए आवेदक को अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा समुदाय का सदस्य (सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य होगा) होना चाहिए। आवेदक बिलासपुर जिले के मूल निवासी हो (सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य होगा)। आवेदक की वार्षिक परिवारिक आय 3 लाख रू. तक होनी चाहिए (सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य होगा)। आवेदक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। मृतक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अर्थात् रोटी कमाने वाले की मृत्यु तब हुई हो जब वह 18 से 60 वर्ष के आयु वर्ग में था। ‘‘रोटी कमाने वाला उस परिवार के सदस्य के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसकी आय कुल घरेलू आय में सबसे अधिक अनुपात मंे योगदान करती है। कोविड-19 द्वारा रोटी कमाने वाले की मृत्यु का प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार्य दस्तावेज रजिस्टार जन्म और मृत्यु या स्थानीय नगर निकाय द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र या श्मशान या कब्रिस्तान में स्थानीय प्राधिकरण द्वारा रसीद। यदि किसी गांव में मृत्यु हुई है तो गांव के प्रखण्ड विकास अधिकारी (बी.डी.ओ.) का पत्र भी स्वीकार किया जा सकता है।
इसी प्रकार से कार्यपालन अधिकारी ने ऋण लेने के इच्छुक आवेदकों को अवगत कराया है कि ऋण स्वीकृत किए जाने की स्थिति में आवेदक के ऋण के बराबर का जमानत लगाना होगा। ऋण ब्याज दर 6 प्रतिशत वार्षिक प्रतिमाह किश्त के रूप में वसूल की जाएगी। जो पात्र आवेदक है अविलंब आवेदन पत्र प्राप्त कर पूर्ण रूप से भरकर 25 जून 2021 तक कार्यालय कलेक्टर, जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति बिलासपुर, पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग, कक्ष क्रमांक 17, प्रथम तल में निर्धारित अवधि में आवेदन प्राप्त व जमा कर सकते हैं।
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Iran Israel war: ईरान के खार्ग पर ताबड़तोड़ हमले, ट्रंप की डेडलाइन पूरी होने से पहले ही US-इजरायल का अटैक
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खार्ग द्वीप पर हमले के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि अब संयम खत्म हो चुका है. आईआरजीसी ने चेताते हुए कहा कि अगर हमले ऐसे ही जारी रहे तो अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया जा सकता है.

Iran Israel war: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. वह ईरान को लगातार अल्टीमेटम दे रहे हैं. उनके नए अल्टीमेटम की मियाद खत्म होती नजर आ रही है. इस बीच खबर है कि ईरान के खार्ग द्वीप पर ताबड़तोड़ हमले हुए हैं.
मेहर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के ऑयल हब खार्ग द्वीप पर मंगलवार को ताबड़तोड़ हवाई हमले हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, खार्ग पर एक के बाद एक हमले किए जा रहे हैं.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खार्ग द्वीप पर हमले के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि अब संयम खत्म हो चुका है. आईआरजीसी ने चेताते हुए कहा कि अगर हमले ऐसे ही जारी रहे तो अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया जा सकता है. इससे वर्षों तक इस क्षेत्र में तेल और गैस संकट बाधित हो सकता है.
होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप की डेडलाइन नजदीक, वेस्ट एशिया में कूटनीतिक हलचल तेज
बता दें कि यह हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब एक दिन पहले ही ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईरान में फंसे अमेरिकी एयरमैन के रेस्क्यू ऑपरेशन की डिटेल जानकारी दी थी. ईरान जंग को छह हफ्ते का समय हो गया है.
इससे पहले पिछले महीने भी अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर हमला कर ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था. इन हमलों में ईरान के नौसेना माइन स्टोरेज और मिसाइल बंकर नष्ट कर दिए गए जबकि तेल प्रतिष्ठानों का बाल भी बांका नहीं किया.
इस द्वीप को इसके आइसोलेशन की वजह से फॉरबिडन आइलैंड भी कहा जाता है. ट्रंप ने पहले भी खार्ग द्वीप पर हमले की धमकी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज में जहाजों पर हमले नहीं रुके तो खार्ग में तेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा.
बता दें कि खार्ग द्वीप ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है. यहां से ईरान के 90 फीसदी तेल का एक्सपोर्ट होता है. इसकी स्टोरेज क्षमता लगभग तीन करोड़ बैरल है.
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Maharashtra चुनाव: इन 49 सीटों पर कांटे की टक्कर, उद्धव और शिंदे में कौन किस पर रहेगा भारी?

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। प्रदेश में 20 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को नतीजों का ऐलान किया जाएगा। इस बार की चुनावी जंग महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच होने जा रही है, जहाँ दोनों गठबंधनों के नेता एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।
चुनावी स्थिति
शिवसेना के दो धड़ों के बीच भी मुकाबला देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला गुट और एकनाथ शिंदे का गुट दोनों ही खुद को असली शिवसेना बताकर लोगों से वोट मांग रहे हैं। खासकर 49 सीटों पर यह कांटे की टक्कर देखी जा रही है, जिनमें 19 सीटें मुंबई के मेट्रोपोलिटन इलाकों में आती हैं और 12 सीटें शहर की हैं।
2022 में शिवसेना का विभाजन
जून 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद, एकनाथ शिंदे ने कई विधायकों के साथ एनडीए में शामिल होकर मुख्यमंत्री बनने में सफलता प्राप्त की थी। वहीं, उद्धव ठाकरे और कुछ विधायक महा विकास अघाड़ी में बने रहे। अब कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर उद्धव सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
उद्धव ठाकरे पर अपने पिता बालासाहेब ठाकरे की विरासत को बचाने का दबाव भी है। शिंदे का आरोप है कि उद्धव ने कांग्रेस के साथ जाकर अपने पिता के विचारों को धोखा दिया है। इस चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है।
चुनावी रणनीतियाँ
उद्धव ठाकरे: उद्धव ने उन 40 सीटों पर जीतने की रणनीति बनाई है, जहां से विधायक जीत के बाद शिंदे के साथ चले गए थे। उनके लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने गढ़ को सुरक्षित रखें।
एकनाथ शिंदे: शिंदे का दावा है कि यदि महायुति की जीत होती है, तो मुख्यमंत्री वे ही होंगे। उन्हें अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने और पिछली जीत को दोहराने की चुनौती का सामना करना होगा।
प्रमुख मुकाबले
ठाणे की कोपरी पांचपखाड़ी सीट: यहाँ शिंदे को कड़ी टक्कर मिल रही है, जहाँ उद्धव गुट ने आनंद दिघे के भतीजे केदार को मैदान में उतारा है।
वर्ली सीट: उद्धव ने यहाँ अपने बेटे आदित्य को चुनावी मैदान में उतारा है, जो मिलिंद देवड़ा से मुकाबला कर रहे हैं।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में यह 49 सीटें न केवल उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इन सीटों पर जीत या हार दोनों ही नेताओं के भविष्य का निर्धारण करेगी। सियासी दांव-पेंच और जनता की सोच इस बार के चुनाव में निर्णायक साबित होगी।
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अवैध शराब विक्रेताओं पर थाना कोटा पुलिस की कार्यवाही

बिलासपुर: थाना कोटा पुलिस ने अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गनियारी स्थित कपूर तालाब से 1000 किलो से अधिक महुआ लहान को नष्ट कर दिया है और 10 लीटर कच्ची महुआ शराब भी जब्त की है।
गिरफ्तार आरोपियों में गौरी वर्मा, निवासी गनियारी, और जयप्रकाश रात्रे, निवासी लोकबंद शामिल हैं। जिला पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भापुसे) ने ऑपरेशन चेतना के तहत नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गनियारी में एक महिला अवैध रूप से हाथभट्ठी से कच्ची महुआ शराब बना रही है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गौरी वर्मा से 3 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी कीमत 600 रुपये थी, जब्त की और धारा 34(01) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
वहीं, ग्राम लोकबंद निवासी जयप्रकाश रात्रे से 7 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी कीमत 1400 रुपये थी, जब्त की गई और उन्हें धारा 34(02) आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
रेड कार्यवाही के दौरान गनियारी के कपूर तालाब में शराब बनाने के लिए रखे 1000 किलो से अधिक महुआ लहान/पाश को मौके पर ही नष्ट किया गया। बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और आम जन से नशा उन्मूलन में सहयोग की अपील की है।















