छत्तीसगढ़
धान खरीदी का आंकड़ा 10 लाख मीट्रिक टन के पार
रायपुर । छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी का आंकड़ा 21वें दिन 10 लाख मीट्रिक टन को पार कर गया है। राज्य सरकार की धान खरीदी के समुचित व्यवस्था के चलते किसान उत्साह के साथ धान खरीदी केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। धान बेचने के लिए अब उन्हें लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को 2100 करोड़ से अधिक की राशि भुगतान की गई है। धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए उठाव चल रहा है। अब तक 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उठाव समितियों से किया जा चुका है। सरकार द्वारा इस वर्ष 110 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान बेचने वाले किसानों की सुविधा के लिए टोकन तुंहर हाथ एप बनाया गया है। इसके जरिए किसान ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं इसके अलावा मेन्युअल तरीके से अग्रिम में टोकन दिया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप किसानों का धान सुविधाजनक ढंग से खरीदने का काम हो रहा हैं। 21 नवंबर को 35 हजार 742 किसानों से 1 लाख 22 हजार 753 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है, इसके अलावा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 20 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की गई। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए राज्य में 47 हजार 427 टोकन तथा टोकन तुंहर हाथ एप के जरिये 6082 टोकन ऑनलाइन जारी किए गए हैं।
खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के 21 दिनों में किसानों से समर्थन मूल्य पर 10 लाख 13 हजार 880 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। अब तक तीन लाख 229 किसानों को धान के एवज में 2109.81 करोड़ रूपए की राशि बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत जारी कर दिया गया है। अधिकारी धान खरीदी व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखे हुए हैं। सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
खाद्य सचिव ने बताया कि राज्य समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए चालू सीजन में प्रदेश में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.21 लाख नये किसान है। राज्य में धान खरीदी के लिए 2560 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। इस साल किसानों से सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। अब तक 7 लाख 64 हजार 067 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डी.ओ. जारी किए गए हैं, जिसके एवज में उपार्जन केंद्रों से 4 लाख 30 हजार 632 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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