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छत्तीसगढ़

सूरजपुर: नोटिस पर नाराजगी, बंदूक लेकर प्रधानपाठक को धमकाने पहुंचा निलंबित शिक्षक

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स्कूल में गैरहाजिर रहने वाले प्रधानपाठक सुशील कुमार कौशिक को जब अनुपस्थित किया गया तो वह सीधे बन्दूक लेकर स्कूल पहुंच गया और महिला प्राचार्य को गोली से उड़ाने की धमकी दी।

प्रतापपुर: शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों में शिक्षकों के आए दिन नए नए कारनामे सामने आ रहे हैं। सूरजपुर जिले में छात्राओं के शोषण की घटना के बाद अब प्रधान पाठक द्वारा बंदूक लेकर आने की घटना सामने आई है।

स्कूल में गैरहाजिर रहने वाले प्रधानपाठक सुशील कुमार कौशिक को जब अनुपस्थित किया गया तो वह सीधे बन्दूक लेकर स्कूल पहुंच गया और महिला प्राचार्य को गोली से उड़ाने की धमकी दी। अब इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसके साथ ही घटना के बाद डरी हुई प्राचार्य ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की है।

शिकायत की जांच के बाद प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया गया है लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि अब तक पुलिस ने उससे हथियार जब्त नहीं किया और ना ही गिरफ्तारी हुई। मामला सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत बरबसपुर शासकीय हाई स्कूल का है।

बताया जा रहा है कि प्रतापपुर विकासखंड के प्राथमिक शाला मुसलमानपारा में पदस्थ प्रधान पाठक सुशील कुमार कौशिक अक्सर शराब के नशे में रहता है और बच्चों को पढ़ाने का काम नहीं करता है। 19 नवम्बर को प्रधान पाठक सुशील कुमार कौशिक बिना किसी सूचना के शाला में अनुपस्थित था ऐसे में संकुलवार दैनिक उपस्थिति प्रतिवेदन में जन शिक्षक द्वारा उन्हें अनुपस्थित दशति हुए जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई थी।

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अनुपस्थित रहने पर प्रधान पाठक सुशील कुमार कौशिक को बीईओ द्वारा कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था। नोटिस जारी होने से नाराज प्रधान पाठक शराब के नशे में धुत होकर 21 नवंबर को शासकीय हाई स्कूल पहुंच गया। प्रधान पाठक ने अपने साथ एक बंदूक रखी थी।

प्रधान पाठक ने बंदूक को स्कूल में प्राचार्य कक्ष में टेबल पर रख दिया और कुर्सी पर बैठकर महिला प्राचार्य को धमकी देने लगा। अनुपस्थित किए जाने से नाराज प्रधान पाठक ने प्राचार्य को जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान पूरे स्कूल में दहशत का माहौल बना रहा। प्राचार्य को धमकाने के दौरान लोगों से फोन पर बात भी करता नजर आ रहा है।

शिकायत के बाद निलंबित

अनुपस्थित किए जाने और नोटिस जारी होने से नाराज प्रधान पाठक द्वारा बन्दूक लेकर स्कूल पहुंचने की घटना से बच्चे व शिक्षक डरे सहमें रहे। इस घटना की शिकायत महिला प्राचार्य ने बीईओ से 22 नवंबर को की। इसके बाद डीईओ के निर्देश पर बीईओ द्वारा मामले की जांच की गई। बताया जा रहा है कि प्रधान पाठक अक्सर स्कूल में अनुपस्थित रहता है और शराब के नशे में आता है।

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अब तक गिरफ्तारी नहीं

हैरानी की बात तो यह है कि स्कूल में शराब के नशे में बंदूक लेकर घुसने वाले प्रधान पाठक पर शिक्षा विभाग ने निलंबन की कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली लेकिन उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। घटना को दस दिन बीत जाने के बाद भी अब तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं किया और ना ही उसकी गिरफ्तारी हुई। प्रधान पाठक के पास से हथियार भी जब्त नहीं किया गया। ऐसे में प्रधान पाठक कभी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।

की गई है कार्रवाई

बीईओ एमएस ध्रुव ने बताया कि प्रधान पाठक ने बरबसपुर हाई स्कूल के प्राचार्य को धमकी दी है। वह बंदूक लेकर स्कूल पहुंचा था। प्राचार्य की शिकायत के बाद जांच उपरांत जानकारी डीईओ को दी गई। प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया गया है। प्रधान पाठक पर पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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