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गोधन न्याय योजना : अब तक कुल 1 लाख 84 हजार 842.14 क्विंटल गोबर की हुई खरीदी, 22690 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद का हुआ उत्पादन

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जांजगीर-चांपा| राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के तहत जिले में कुल 266 गौठान है। जिले में इस योजना से लोगों को स्व- सहायता समूहों को रोजगार प्राप्त हुआ है। इस योजना से स्व-सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति और पारिवार के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। प्रत्येक माह में दो बार 01 से 15 तारीख तक एवं 16 से 30 या 31 तारीख तक गोबर विक्रेताओं को भुगतान किया जाता है। पशुपालक किसानों को भी गोबर से नगद आय होने लगी है। किसानों को फसल के लिए गांव में ही जैविक खाद उपलब्ध हो रहा है। 

  उपसंचालक कृषि ने बताया कि योजना का प्रारंभ 20 जुलाई 2020 से किया गया है। आज 26 जून तक जिले में कुल 1 लाख 84 हजार 842.14 क्विंटल गोबर खरीदी की गई है। जिसमें वर्मी कम्पोस्ट खाद का उत्पादन 22,690 क्विंटल हुआ है। जिसमें से 10 हजार 112 क्विंटल का विक्रय कर लिया गया है। इसी तरह गौठान में सुपर कम्पोस्ट खाद का उत्पादन 15,524 क्विंटल हुआ है। जिसमें से 7,940 क्विंटल विक्रय किया जा चुका है। शेष सुपर कम्पोस्ट का विक्रय कार्य जारी है। जिले में कुल कम्पोस्ट खाद का उत्पादन 38 हजार 214 क्विंटल है जिसमें 18 हजार 52 क्विंटल विक्रय कर लिया गया है। वर्मी कम्पोस्ट विक्रय उपरांत 6 लाख 39 हजार 331 रुपये लाभांश प्राप्त हुआ है। गौठान में स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट का 273 नमूना गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया था, जिसमें 238 नमूना का परीक्षण परिणाम प्राप्त हुआ है, सभी मानक स्तर का है शेष परिणाम प्रतीक्षित है। मानक स्तर के वर्मी कम्पोस्ट का सहकारी समिति के माध्यम से कृषकों को विक्रय किया जा रहा है।

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  विकासखंड बलौदा अन्तर्गत ग्राम बहेराडीह जो ग्राम पंचायत जाटा का आश्रित ग्राम है। बहेराडीह गौठान में 19 पशुपालकों के द्वारा योजना प्रारंभ की तिथि से आज तक 1134.09 क्विंटल गोबर खरीदी की गई है। स्व-सहायता समूह को 1,134.09 क्विंटल गोबर वर्मी कम्पोस्ट खाद के लिये प्रदाय किया गया है। जिसमें 52.20 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद उत्पादन हुआ है। शेष 300.95 क्विंटल गोबर को सुपर कम्पोस्ट खाद के लिये तैयार किया जा रहा है। जिसे कृषकों को बिक्री के लिये प्रेरित किया जा रहा है। 

विकासखंड बलौदा के ग्राम कुलीपोटा गौठान में गोधन न्याय योजना के प्रारंभ तिथि से आज तक 11 पशुपालकों से 413.51 क्विंटल गोबर क्रय की गई है। वर्मी कम्पोस्ट खाद 61.80 क्विंटल उत्पादन हुआ है जिसमें से 26.70 क्विंटल की बिक्री कर ली गई है, शेष वर्मी कम्पोस्ट खाद की बिक्री जारी है। इसी तरह से सुपर कम्पोस्ट खाद 223.51 क्विंटल तैयार किया जा रहा है, खाद तैयार होने पर कृषकों को बेचा जाएगा। 

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जैविक खेती को बढ़ावा – 

कृषि विभाग के मैदानी अमलों के द्वारा किसानों को जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। बैठक, जन-चौपाल आदि के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट खाद के लाभ जानकारी दी जा रही है। समय-समय पर विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के भ्रमण के दौरान गौठान में वर्मी कम्पोस्ट के फायदे के संबंध में किसानों को समझाइश दी जाती है।

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एचटीएटी परीक्षा चार अक्टूबर को: प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक बनने का मौका, जाने कब करे आवेदन

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सूरत। गुजरात के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत  शिक्षकों के लिए प्रधानाध्यापक (हेड टीचर) बनने का बेहतरीन मौका सामने आया है। गुजरात राज्य परीक्षा बोर्ड ने हेड टीचर एप्टीट्यूड टेस्ट (HTAT) के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस परीक्षा के जरिए योग्य शिक्षकों को पदोन्नति (Promotion) दी जाएगी।

एचटीएटी परीक्षा का आयोजन 4 अक्टूबर को किया जाएगा। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है:

आवेदन की शुरुआत: 11 अगस्त
आवेदन की अंतिम तिथि: 25 अगस्त
शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 27 अगस्त


इच्छुक अभ्यर्थियों को राज्य परीक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होगा, दस्तावेज अपलोड करने होंगे और आवेदन की एक प्रति अपने पास सुरक्षित रखनी होगी। परिचय-वृत्तऔर पोर्टफ़ोलियो

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परीक्षा पैटर्न और अंक योजना

यह परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) आधारित होगी, जिसमें कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्न पत्र दो भागों में विभाजित रहेगा:

भाग 1: 50 प्रश्न
भाग 2: 100 प्रश्न


प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा और परीक्षा हल करने के लिए कुल 135 मिनट का समय मिलेगा। राहत की बात यह है कि परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग (नकारात्मक अंकन) लागू नहीं होगी। सिलेबस में भाषा, गणित, सामान्य ज्ञान,  शैक्षिक प्रबंधन और प्रशासन जैसे विषय शामिल रहेंगे।

पात्रता और न्यूनतम अंक

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का प्राथमिक या उच्च प्राथमिक स्कूल में कार्यरत  शिक्षक होना अनिवार्य है। साथ ही मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक और B.Ed., D.El.Ed. या समकक्ष शैक्षणिक योग्यता के साथ आवश्यक शिक्षण अनुभव होना चाहिए।

परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को न्यूनतम 60% अंक और आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC) के अभ्यर्थियों को 55% अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने उम्मीदवारों को आवेदन से पहले पूरी अधिसूचना ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी है।

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फार्मेसी काउंसिल की बैठक रही हंगामेदार: फार्मासिस्ट अभिषेक चंदा का निलंबन बहाल, पक्षपात के आरोपों के बीच रजिस्ट्रार पर बैठक छोड़कर जाने का आरोप

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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल की आम सभा की बैठक बुधवार को हंगामेदार रही। बैठक में फार्मासिस्ट अभिषेक चंदा के निलंबन का मामला प्रमुख रूप से उठा। काउंसिल सदस्यों ने दस्तावेजों की जांच के बाद सर्वसम्मति से उनका निलंबन वापस लेने का निर्णय लिया।

बैठक में विशेष सम्मिलन 2 अप्रैल 2026 की कार्यवाही विवरण के अनुमोदन, संजय जैन द्वारा पंजीयन के लिए आवेदन पर कार्यसमिति के अभिमत का अनुमोदन और छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के लिए पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की नियुक्ति जैसे मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

बैठक छोड़कर गए रजिस्ट्रार
बैठक के दौरान रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्देकर पर पक्षपात, तानाशाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। आरोपों के बीच वे बैठक छोड़कर चले गए, जिसको लेकर भी सदस्यों ने आपत्ति जताई। हालांकि, रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्देकर ने कहा कि बैठक में बहुत शोर-शराबा हो रहा था, जिससे उनके सिर में दर्द होने लगा। इसकी सूचना उन्होंने समूह में लिखकर दी और अध्यक्ष को बताकर बैठक से निकल गए।

फार्मासिस्ट अभिषेक चंद्रा का निलंबन बहाल
बिलासपुर निवासी फार्मासिस्ट अभिषेक चंदा ने पहले काउंसिल के रजिस्ट्रार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके बाद उनके पंजीयन को निलंबित कर दिया गया था। बुधवार को हुई काउंसिल की आम सभा में संबंधित दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया। सदस्यों का कहना है कि जांच में दस्तावेजों में छेड़छाड़ के संकेत मिले, जिसके बाद सदस्यों ने इसका विरोध किया। वहीं अभीमत से अभिषेक चंदा का निलंबन वापस लेने का निर्णय लिया।

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बड़ी खबर : तीन साल से एक ही जगह पर जमे अधिकारी-कर्मचारी बदले जाएंगे, GAD ने जारी किया आदेश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे  समय से एक ही जगह पर जमे अधिकारी-कर्मचारी बदले जाएंगे। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग, छग शासन के सचिव अविनाश चंपावत ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, मंत्रालय से लेकर कलेक्टर ऑफिस तक तीन साल से एक ही जगह पर काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारी बदले जाएंगे। अगर किसी को रोकना बहुत जरूरी है तो कारण बताना होगा।

आदेश में लिखा है कि राज्य के विभिन्न विभागों, विभागाध्यक्ष कार्यालयों, संभागीय आयुक्त कार्यालयों, कलेक्टर कार्यालयों तथा अधीनस्थ कार्यालयों में पदस्थ कतिपय अधिकारी एवं कर्मचारी लंबे समय से एक ही स्थान अथवा एक ही कार्य-पटल पर कार्यरत हैं। कर्मचारियों की कार्य क्षमता में वृद्धि एवं उनके समग्र विकास के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें कार्यालय में संपादित होने वाले सभी प्रकार के कार्यों का कार्यरत रहते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो। इससे वे विभिन्न कार्य प्रक्रियाओं, नियमों एवं कार्यालयीन व्यवस्थाओं से भली-भांति परिचित होते हैं, जिससे उनकी दक्षता, कार्यकुशलता में निरंतर वृद्धि होती है। अतः कर्मचारियों को समय-समय पर विभिन्न कार्यों में सहभागिता एवं प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि उक्त उद्देश्य की प्रभावी रूप से पूर्ति सुनिश्चित की जा सके। अतएव प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही, कार्यकुशलता एवं सुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा निम्नानुसार निर्णय लिया जाता है।

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