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छत्तीसगढ़

नेशनल कौंसिल फॉर सोशल वर्क एजुकेशन कैम्पेन के तहत छत्तीसगढ़ राज्य कमिटी द्वारा नेशनल कौंसिल फॉर सोशल वर्क एजुकेशन

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बिलासपुर: नेशनल कौंसिल फॉर सोशल वर्क एजुकेशन कैम्पेन  के तहत छत्तीसगढ़ राज्य कमिटी द्वारा नेशनल कौंसिल फॉर सोशल वर्क एजुकेशन : हितधारकों की भूमिका एवं उत्तरदायित्व विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया. इस अवसर पर एन.सी.एस.डब्ल्यू.ए. छत्तीसगढ़ राज्य की समन्वयक एवं गुरुघासीदास विश्वविद्यालय की प्रोफ़ेसर प्रतिभा जे मिश्रा द्वारा स्वागत भाषण के साथ कार्यक्रम की शुरुवात हुई.

कार्यक्रम के अतिथि प्रोफ़ेसर हर्ष वर्धन तिवारी पूर्व माननीय कुलपति भोपाल विश्वविद्यालय, मध्यप्रदेश ने स्वामि विवेकानन्द जी के द्वारा स्थापित रामकृष्ण मिशन एवं समाज कार्य से मिशन के संबन्ध कि चर्चा कि एवं किस प्रकार वर्तमान कोविड -19 के विश्वव्यापी महामारी मे अपने समाज कार्य के प्रोफ़ेशनल् कर्यकर्ताओ की भूमिका की सराहना की.

नेशनल कौंसिल फॉर सोशल वर्क एजुकेशन के महत्व पर प्रो. आर. पी. द्धिवेदी, अध्यक्ष NAPSWI, नई दिल्ली ने प्रकाश डालते हुए कहा की समाज कार्य के माध्यम से समाज कि सेवा वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरिके से संभव है. उन्होने कहा कि आज लगभग 600 संस्थानो मे समाज कार्य कि शिक्षा दी जा रही है आज प्रत्येक छेत्र यथा परिवार न्यायालय, बाल कल्याण, करखानो मे प्रोफ़ेशनल् सोशल वर्कर्स की आवश्यकता है एवं कोई भी कार्य प्रशिक्षित कार्यकर्ता के बगैर अपने लक्ष्यो को प्राप्त नही कर सकता.

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हितधारकों की भूमिका एवं उत्तरदायित्व  विषय पर चर्चा करते हुए  टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज की सह प्राध्यापिका डॉ. शूली कुमार ने बताया कीटाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज की स्थापना क मूल उद्देश्य ही गरीबी से लडना एवं समाज मे समानता  लाना था, क्षेत्र क्रिया कार्यक्रम से हि child line अस्तित्व मे आयी.समाज कार्य की परिषद बनने से शिक्षा कि गुणवत्ता मे सुधार होगा.

इस अवसर पर  टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज के डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो। पी. के. शाजहान प्रेजेन्तशन के माध्यम से परिषद कि आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डाला एवं विश्व के विभिन्न देशो मे स्थापित परिषद यथा काउन्शिल् ओन् सोशल वर्क एजुकेशन यू एस ए, सोशल वर्क  एन्ग्लन्द् के महत्व पर प्रकाश देते हुये भारत मे परिषद कि आवश्यकता पर बल दिया.

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नेशनल कौंसिल फॉर सोशल वर्क एजुकेशन के समन्वयक एवं  दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. संजय भट्ट ने अपने अध्यक्षीय भाषन मे बताया कि आज 1,10000 छात्र स्नातक एवं स्नातकोत्तर मे अध्ययनरत है एवं 524 शोधार्थि पी एच डी मे अध्ययनरत है अतः शिक्षा के मानकीकरन हेतु परिषद कि आवश्यकता पर बल दिया.प्रो. अनूप कुमार भारतीय ने कार्यक्रम के ओपन सेशन का आयोजन किया जिसमे देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की एवं विद्वजनों से अपने जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया.

कार्यक्रम के अंत में नमिता गुप्ता मैनेजिंग डायरेक्टर एवं को -फाउंडर आन फाउंडेशन ने सभी विद्वानों का इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु धन्यवाद ज्ञापन किया.इस वेबिनार में देश के विभिन्न राज्यों यथा छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश,उत्तराखंड  के ५०० से अधिक समाजकार्य के शोधार्थी ,छात्र- छात्राएं ने अपनी भागीदारी की. 

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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