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छत्तीसगढ़

CG: 1 अप्रैल से सभी राशन दुकानों में होगा फोर्टिफाइड चावल का वितरण

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रायपुर। कुपोषण से मुक्ति एवं बच्चों में पोषक तत्वों की कमी दूर करने के लिए अब तक मध्यान्ह भोजन के जरिए बच्चों को फोर्टिफाइड चावल परोसा जा रहा है। अब यही चावल राशन दुकानों के माध्यम से कार्डधारियों को भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि हितग्राहियों का भी विटामिन और मिनरल का स्तर बढ़ सके। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बच्चों के साथ अब राशन कार्डधारियों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए उन्हें भी फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत एपीएल कार्डधारियों को छोड़कर शेष अंत्योदय प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निशक्तजन राशन कार्डधारकों को फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराया जाएगा।

1 अप्रैल से मिलेगा फोर्टिफाइड चावल

प्रदेश के सभी जिलों के राशन दुकानों में फोर्टिफाइड चावल का वितरण आगामी अप्रैल माह शुरू किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा राशन दुकानों में बैनर-पोस्टर चस्पा कर प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया गया है। रायपुर जिले में भी समस्त राशन दुकानों को विभाग ने फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जाने की सूचना को लिए दुकानों के बाहर बैनर-पोस्टर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसका पालन करते हुए राशन दुकानों के बाहर सूचना भी चस्पा की जा रही है।

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100 दाने में फोर्टिफाइड का एक दाना

सामान्य चावल को फोर्टिफाइड बनाने के लिए पहले सामान्य चावल को पाउडर बनाया जाता है। उसमें सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाकर उसे फिर चावल का रूप दिया जाता है। ये चावल फिर सामान्य चावल में तय अनुपात में मिलाया जाता है यानी सामान्य 100 दाने चावल में फोर्टिफाइड राइस का एक दाना मिलाया जाता है। इस मात्रा के अनुसार ही राशन दुकानों में आने वाले 50 किलो चावल से भरी बोरी में फोर्टिफाइड चावल भी मिला रहेगा, जिससे हितग्राहियों को इसका लाभ मिल सके।

फोर्टिफाइड चावल आखिर है क्या

फोर्टिफाइड चावल आखिर क्या है? यह कैसे बनता है तथा किस रूप में चावल में मिलाया जाता है? इसके बारे में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक फूड फोर्टिफिकेशन, एक टेक्नॉलॉजी के माध्यम से खाने में विटामिन और मिनरल के स्तर को बढ़ाना है। इसमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 पोषक तत्व या माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिलाए जाते हैं। इससे पोषक तत्वों की कमी दूर होने के साथ स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है।

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पॉलिश से खत्म होते हैं पोषक तत्व

सामान्य चावल में पोषक तत्व जरूर रहते हैं, लेकिन चावल की मिलिंग और पॉलिशिंग के समय फैट और सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर चोकर की परतें हट जाती हैं। चावल की पॉलिश करने से 75 से 90 प्रतिशत विटामिन्स भी निकल जाते हैं, जिसकी वजह से चावल के अपने पोषक तत्व कम हो जाते हैं। ऐसे में फोर्टिफाइड राइस मिलाकर सामान्य चावल को पाैष्टिक किया जाता है। फोर्टिफाइड चावल राशन दुकानों में वितरित करने के अलावा प्राथमिक और माध्यमिक शासकीय स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन के रूप में दिया जाता है।

कर रहे तैयारी

फोर्टिफाइड चावल अप्रैल माह से राशन दुकानों में वितरित किया जाना है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। फोर्टिफाइड चावल के उपयोग एवं लाभ के बारे में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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