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छत्तीसगढ़

नारायणपुर : आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पद पर भर्ती हेतु 25 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित

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नारायणपुर| कार्यालय परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नारायणपुर अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता/सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद नियुक्त किया जाना है। परियोजना अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत् हलामीमुंजटा  एवं बाकुलवाही में आंगनबााड़ी कार्यकर्ता के एक-एक पद, कुकड़ाझोर, करलखा, सुलेंगा, और बोरण्ड में सहायिका के एक-एक पद तथा ग्राम करमरी में मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के एक पद पर नियुक्ति हेतु 25 जनवरी 2023 तक कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना नारायणपुर में सीधे अथवा डॉक के माध्यम से आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है।

उक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। एक वर्ष या अधिक सेवा का अनुभव रखने वाली को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जावेगी। आवेदिका उसी ग्राम की स्थायी निवासी होनी चाहिए जिस ग्राम में आंगनबा़ड़ी केन्द्र स्थित है। ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच अथवा पटवारी तथा नगरीय निकायांे में वार्ड पार्षद अथवा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड ग्राम में निवासरत रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो मान्य किया जावेगा। 

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु 12वीं अथवा 11वीं बोर्ड तथा आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 8वीं बोर्ड उत्तीर्ण होनी चाहिए। उक्त ग्रामों में कोई आवेदिका न मिलने पर कार्यकर्ता पद हेतु शैक्षणिक योग्यता शिथिल मानकर दसवीं बोर्ड रखी जावेगी। इस अनुसार भी आवेदिका न मिलने पर पुनः शिथिल मानकर आठवी बोर्ड एवं इसके उपरांत भी आवेदिका न मिलने पर पांचवीं बोर्ड उत्तीर्ण रखी जावेगी। सहायिका पद में भी शैक्षणिक योग्यता वाली आवेदिका न मिलने पर शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रावधान शिथिल कर कम शैक्षणिक योग्यता के आवेदन पत्र पर भी विचार किया जावेगा।

अनुभवी कार्यकर्ता/सहायिका/सह सहायिका होने पर गरीबी रेखा परिवार, अनुसूचित जनजाति परिवार की महिला होने पर तथा विधवा परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा महिला होने पर अतिरिक्त अंक दिया जावेगा। दावा आपत्ति अवधि में किसी प्रकार के नये दस्तावेज मान्य नहीं होगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं का पद पूर्णतः मानसेवी तथा अशासकीय पद है। इन्हें केन्द्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जावेगा।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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