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छत्तीसगढ़

#Chhattisgarh : राज्य में मलेरिया का भयंकर प्रकोप, इसे खत्म करने 20.43 लाख लोगों तक पहुंचेगा स्वास्थ्य विभाग

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रायपुर. 7 जुलाई 2021। मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक एक लाख 41 हजार घरों में पहुंचकर छह लाख 27 हजार 363 लोगों की मलेरिया जांच कर चुकी है। इस दौरान पॉजिटिव पाए गए 4735 मरीजों का मौके पर ही इलाज शुरू किया गया है।

बस्तर संभाग के सातों जिलों में इस अभियान का चौथा चरण 15 जून से शुरू किया गया है। वहीं सरगुजा संभाग के पांचों जिलों में इस अभियान का दूसरा और प्रदेश के नौ अन्य जिलों में पहला चरण संचालित किया जा रहा है।

बस्तर और सरगुजा संभाग में पूर्व में संचालित इस अभियान के अच्छे नतीजों को देखते हुए मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को इस बार कुल 21 जिलों में विस्तारित किया गया है।

बस्तर संभाग में पहले मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के नाम से चलाए गए इस अभियान के प्रभाव की सराहना नीति आयोग और यूएनडीपी ने भी की है और इसे देश के आकांक्षी जिलों में संचालित सर्वश्रेष्ठ अभियानों में से एक बताया है।

राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत इस बार 21 जिलों में 20 लाख 43 हजार से अधिक लोगों की मलेरिया जांच का लक्ष्य है।

अभियान के दौरान मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम घने जंगलों और पहाड़ों से घिरे बस्तर संभाग के पहुंचविहीन, दुर्गम एवं दूरस्थ इलाकों में घर-घर पहुंचकर 11 लाख 37 हजार से अधिक लोगों की जांच करेगी। वहीं 14 अन्य जिलों में करीब नौ लाख छह हजार लोगों की मलेरिया जांच की जाएगी।

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि बस्तर संभाग में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के चौथे चरण में स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक एक लाख 18 हजार घरों में पहुंचकर पांच लाख 36 हजार से अधिक लोगों की मलेरिया जांच कर चुकी है।

इस दौरान पॉजिटिव पाए गए 4676 लोगों का तत्काल इलाज शुरू किया गया। स्वास्थ्य विभाग का अमला अब तक बस्तर जिले में 60 हजार 835, बीजापुर में 97 हजार 016, दंतेवाड़ा में एक लाख 19 हजार 172, कांकेर में 30 हजार 669, कोंडागांव में 44 हजार 721, सुकमा में एक लाख 20 हजार 687 और नारायणपुर में 63 हजार 080 लोगों की जांच कर चुकी है।

डॉ. शुक्ला ने बताया कि जांच में बस्तर जिले में 647, बीजापुर में 730, दंतेवाड़ा में 608, कांकेर में 206, कोंडागांव में 295, सुकमा में 683 और नारायणपुर में 1507 लोग मलेरियाग्रस्त पाए गए।

अभियान के दौरान मलेरिया के मरीजों को निःशुल्क दवा देने के साथ ही घरों में मच्छररोधी स्प्रे का छिड़काव, लार्वा को नष्ट करने की गतिविधि और मेडिकेटेड मच्छरदानियों का वितरण किया जा रहा है। लोगों को मच्छरों और मलेरिया से बचाव के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।

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चौथे चरण के दौरान अब तक पॉजिटिव पाए गए 51 प्रतिशत मरीजों में मलेरिया के लक्षण दिखाई दे रहे थे, जबकि 49 प्रतिशत में इसके कोई लक्षण नहीं थे। नियमित सर्विलेंस के दौरान मलेरिया के अलाक्षणिक मरीज पकड़ में नहीं आते हैं।

बिना लक्षण वाले मरीज रिजर्वायर के रूप में समुदाय में रहते हैं और इनके द्वारा मलेरिया का संक्रमण होते रहता है। अलाक्षणिक मलेरिया एनीमिया और कुपोषण का भी कारण बनता है।

मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के दूसरे चरण वाले सरगुजा जिले में अब तक 14 हजार 177, सूरजपुर में 3277, बलरामपुर-रामानुजगंज में 15 हजार 132, जशपुर में 15 हजार 788 और कोरिया में 3174 लोगों की जांच की गई है।

अभियान में पहली बार शामिल गरियाबंद जिले में अब तक 5730, धमतरी में 5392, कोरबा में 12 हजार 298, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 4351, कबीरधाम में दस हजार 399 तथा बालोद में 1419 लोगों की मलेरिया जांच की गई है।

इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक करीब 23 हजार घरों में पहुंचकर 91 हजार से अधिक लोगों की जांच कर चुकी है, जिनमें 59 पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें बलरामपुर और बालोद के दो-दो, कोरिया और कोरबा के एक-एक, गरियाबंद के 18, धमतरी के आठ तथा कबीरधाम जिले के 27 मरीज शामिल हैं।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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