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छत्तीसगढ़

बिलासपुर महिला थाना के परिवार परामर्श केंद्र द्वारा काउन्सलिंग से बिखरने से बच रहे परिवार

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बिलासपुर महिला थाना द्वारा महिला अपराधों में त्वरित कार्यवाहियां करने के साथ परिवार परामर्श केंद्र द्वारा सलाह द्वारा परिवारों को टूटने से व अनावश्यक विवाद सुलझाया जाता है। वर्तमान में पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के नेतृत्व में जिले में चलाए जा रहे नशे विरुद्ध चलाए जा रहे निजात के तहत काउन्सलिंग से दर्जनों परिवारों को बिखरने से बचाया गया है।

आवेदिका रोशनी भारती द्वारा परिवार परामर्श केन्द्र बिलासपुर में अपने पति जशवंत भारती के खिलाफ शिकायत आवेदन लगाई जहां परिवार परामर्श केन्द्र में काउसिलिंग पर रखा गया। दौरान काउसिलिंग के आवेदिका का कहना है आवेदिका की शादी 2021 में सामाजिक रीति रिवाज से हुआ था।अना0पति आये दिन शराब पीकर आता है और लडाई झगडा कर मारपीट करता है। 

आवेदिका और अना0 के दाम्पत्य जीवन से एक बेटी है। अना0पति शराब पीने का आदि है पैसे की मांग कर आवेदिका को मारपीट करता रहता है आवेदिका अपने पति के शराब पीने के आदि और गाली गलौच मारपीट से परेशान होकर परिवार परामर्श केन्द्र में आवेदन लगाई। जिसपर थाना प्रभारी और काउसलर द्वारा निजात कार्यक्रम के तहत अना0पति को समझाया गया। 

अना0 पति का कहना है कि मै अपनी पत्नी और बेटी को अच्छे से रखूंगा मारपीट और शराब का सेवन नही करूंगा कमाउगा । दोनो के आपसी रजामंदी से राजी खुशी रहना लेख कराये जिसपर दोनो पक्षो को समाईश देकर समझौता कराया गया। कई बार काउन्सलिंग से पति ने बताया उसने शराब सेवन छोड़ दिया है और पति पत्नी अच्छे से रह रहे हैं।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका नंदरानी विश्वकर्मा थाना कोटा क्षेत्र महिला परिवार परामर्श केन्द्र में उपस्थित आई और अपने पति,सास,ससुर के खिलाफ आवेदन पेश की।आवेदिका के आवेदन पर परिवार परामर्श केन्द्र में काउसिलिंग में रखा गया जिसपर दोनो पक्षो को काउसिलिंग में बुलाया गया जिसपर आवेदिका का कहना है कि आवेदिका की शादी 2022 को अना0पति के साथ सामाजिक रीति रिवाज से हुआ था।

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आवेदिका अपने ससुराल में कुछ दिन ठीक से रही उसके बाद अना0पति शराब पीकर आता और गाली गलौच कर वाद विवाद कर मारपीट करता था।सास और ससुर भी आये दिन घरेलू बात को लेकर वाद विवाद का लडाई झगडा करते थे। आवेदिका के पति और ससुराल वाले गरीब घर से आई है कहकर ताना मारते थे। आवेदिका परेशान होकर अपने मायके चली गई और अपने पति और ससुराल वालो को वापस ले जाने के लिए फोन लगाने पर गाली गलौच करते थे।आवेदिका 4 माह से गर्भवती है यह जानते हुए भी आवेदिका के पति और ससुराल वाले आवेदिका को लडाई झगडा करते थे। आवेदिका अपने पति के शराब पीने के आदि से परेशान थी जिसपर आवेदिका अपने पति और ससुराल वालो को समझाईश हेतु आवेदन लगाई जिसपर थाना प्रभारी और काउसलर द्वारा आवेदिका के पति और ससुराल वालो को बुलाकर समझाया गया। अना0पति का कहना है कि अपनी पत्नी का ख्याल रखूंगा और शराब नही पियूगंा लेख कराया है अना0पति और आवेदिका राजी खुशी साथ में रहना लेख कराया जिसपर आपसी सहमति से राजी खुशी रहना बोलने पर समझौता कराया गया। आवेदिका अपने पति को नशा मुक्त कराने हेतु संबंधित थाना क्षे़़़़़त्र कोटा में निजात कार्यक्रम के तहत समझाईश हेतु काउसिलिंग कराया जा रहा है, जिससे अनावेदक नशा मुक्त होकर अपने परिवार के साथ राजी खुशी जीवन यापन करें।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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