क्राइम
अवैध प्रेम संबंध बना पत्नि की हत्या का कारण, घायल दामाद का चल रहा है बिलासपुर में इलाज…
बिलासपुर। तखतपुर जिला बिलासपुर में हत्या की सूचना पर चैकी प्रभारी जूनापारा स.उ.नि. मनोज शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर रवाना हुऐ घटना स्थल जाकर देखने पर पता चला की एक महिला की टांगी से वार से चोंट आकर मृत्यु हो गई है एक अन्य पुरूष को भी गंभीर चांेटे आई है जिसे परिजन इलाज के लिये अस्पताल लेकर गये है, पुछताछ पर घटना स्थल पर मौजुद सूचक अजय भारद्वाज से पुछताछ किया गया जो बताया कि इसका सगा बडा भाई का ससुर चंदन मेश्राम टांगी से वार कर हत्या किया है।
जघन्य हत्या की सूचना तत्काल पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह (भा.पु.से.) को दी गई जिन्होने तत्काल सक्रिय होकर कार्यवाही करने निर्देश दिये निर्देश प्राप्त होने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार जायसवाल के एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामिण राहुल देव शर्मा एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कोटा सिद्वार्थ बघेल के मार्गदर्शन में चैकी प्रभारी जूनापारा स.उ.नि. मनोज शर्मा द्वारा तत्काल जांच करते हुये मामले के नामजद आरोपी चन्दन मेश्राम की तलाश शुरू की जो गाॅव में पुलिस आ गई है जानकर तत्काल भागने की फिराक में था जिसके संबंध मेे सूचना एकत्र की गई जो गाॅव के बाहर भागने दौरान घेराबंदी कर पकडा गया, पुलिस कार्यवाही दौरान आरोपी चन्दन मेश्राम पुलिस कार्यवाही का विरोध कर रहा था जिसे सुझबुझ से पकडा गया एवं घटना में प्रयुक्त टांगी व खुन से सना हुआ कपडा जप्त कर हिरासत में लिया गया है।
सूचक अजय भारद्वाज, आरोपी चन्दन मेश्राम, ग्रामिणो से पुछताछ पर पता चला कि आरोपी चन्दन मेश्राम की बेटी ललीता ने ग्राम धुमा के संजु भारद्वाज से प्रेम विवाह किया था जिससे गांव घर में ललीता का आना जाना नही था दामाद संजु भारद्वाज लगातार ससूराल घर आता जाता रहता था, इसी बीच संजु भारद्वाज का इसकी सास अमरीका बाई से नजदीकिया बढ गई, जिसकी भनक संजु के ससुर चन्दन को लग गई थी जो मौके की तलाश में था, जिस कारण दामाद संजु भारद्वाज व ससूर चन्दन मेंश्राम में झगडा भी हुआ था, कि दिनाॅक 10.05.23 के 02.00 बजे दोपहर करीब अमरीका बाई व संजु भारद्वाज को गाॅव खेत के पम्प हाउस में मिलते देख लिया था जिससे अत्यंत आक्रोश में आकर चन्दन मेश्राम ने अपनी पत्नि अमरीका बाई व दामाद संजु मेश्राम की पास रखे टंागी से प्राणघातक वार कर गंभीर चोंट पहुॅचा दी एवं दोनो को मरा समझ कर वही पर छोडकर चला गया घटना को प्रत्यक्षदर्शी अजय भारद्वाज ने देख लिया था जिसकी सूचना पर प्रकरण सदर कायम कर विवेचना जारी है।
विशेष योगदान:-
निरीक्षक एस. आर. साहू थाना प्रभारी तखतपुर, चैकी प्रभारी जूनापारा स.उ.नि. मनोज शर्मा, प्र.आर. अनिल मिश्रा, आर. दुषयंत पटेल, राजू सिन्हा, मनोज कुलमित्र।
क्राइम
Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप
Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
क्राइम
CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
क्राइम
Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’
Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।
-
Uncategorized6 days ago
लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल, विपक्ष ने किया वॉकआउट
-
Uncategorized2 days ago
बैठकर की जानी चाहिए शिवलिंग की पूजा, तभी मिलता है पूर्ण फल …
-
Uncategorized3 days ago
03 अगस्त भस्म आरती: सावन का पहला सोमवार-भगवान महाकालेश्वर का दिव्य श्रृंगार, यहां कीजिए दर्शन
-
Uncategorized5 days ago
PM Fasal Bima Yojana 2026 : आखिरी तारीख 16 अगस्त तक बढ़ी, जानिए कैसे करें आवेदन
