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छत्तीसगढ़

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सभी ट्रेनों के टिकट चेकिंग स्टाफ हुए हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीनों से लैस

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बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए टीटीई को हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीनों से लैस किया है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत सभी 201 ट्रेनों के टीटीई को 926 हैंड हेल्ड टर्मिनल डिवाइस उपलब्ध कराये गए हैं । इस डिवाइस के द्वारा खाली सीटों का ब्योरा आसानी से देखा जा सकता है ।

एचएचटी मशीन यानी कि हैंड टर्मिनल मशीन एक तरह से डिजिटल डिवाइस है । इस मशीन के मिलने से एक-एक सीट का ब्योरा ऑनलाइन हो गया है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों को हैंड हेल्ड टर्मिनल के जरिए सीट खाली होने पर गाड़ी में ही आरक्षण की सुविधा दी है । इसमें ब्योरा ऑनलाइन रहेगा, आरक्षण कराने वाले सभी यात्रियों का डेटा उपलब्ध रहेगा तथा रेलवे कर्मचारी यानी टीटीई अब पेपरलेस हो गए है । सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में ये मशीन उपलब्ध करा दी गई है ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो ।

हैंड हेल्ड मशीन के उपयोग से यात्री सुविधाओं में वृद्धि

भारतीय रेलवे में यात्रा के दौरान खाली सीट व यात्री किराए को लेकर ये मशीन काफी सहायक साबित हो रही है । वेटिंग लिस्ट वाले यात्री या फिर कैंसिल मोड वाले यात्रियों के बारे में भी एचएचटी डिजिटल डिवाइस के जरिए जानकारी मिल रही है । अगर पीएनआर किसी तरह से भूल गए हो तो यात्री के नाम से भी सफर को लेकर यात्रियों की डिटेल्स उपलब्ध होती है । ये मशीन ट्रेन यात्री आरक्षण सिस्टम के मेन सर्वर से जुड़ी रहती है । यह सिस्‍टम रिजर्वेशन चार्ट को डिवाइस पर डाउनलोड करने की सुविधा देता है, जिससे रियल टाइम में यह पता चल पाता है कि कौन से यात्री ट्रेन में चढ़े और कौन नहीं । अगर कोई सीट चार्ट बनने के बाद भी खाली रहती है तो उसे चलती ट्रेन में यात्रियों को उपलब्‍ध करा दिया जाता है । रेलवे ने इस तकनीक की सुविधा टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई) को दी है, जिसकी मदद से वे हर स्‍टेशन पर खाली होने वाली सीटों का ब्‍योरा देख सकते हैं और वेटिंग लिस्‍ट वाले यात्रियों को वह सीट उपलब्‍ध करा सकेंगे ।

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हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन आईपैड के आकार की होती है, जिसमें पैसेंजर रिजर्वेशन चार्ट को पहले से ही लोड कर दिया जाता है । इसकी मदद से टीटीई पेपर चार्ट के बजाए डिजिटल माध्‍यम से रियल टाइम का डाटा देख सकते हैं । यह डिवाइस रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्‍टम के सेंट्रल सर्वर से जुड़ी होती है । ऐसे में अगर कोई कन्‍फर्म टिकट वाला यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ता या लास्‍ट मिनट में अपनी यात्रा रद्द करता है तो उसकी खाली सीट का ब्‍योरा डिवाइस की स्‍क्रीन पर दिखने लगता है । अब टीटीई इस बर्थ को वेटिंग लिस्‍ट या आरएसी वाले यात्रियों को अलॉट कर देता है ।

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हैंड हेल्ड टर्मिनल डिवाइस (एचएचटी) 4G सिम के साथ दी जा रही है जिससे टीटीई ट्रेनों में खाली बर्थ की सूचना देंगे और तत्काल आरएसी-वेटिंग सूची के यात्रियों का टिकट कंफर्म हो जाएगा । इससे यात्रियों को आरक्षित सीटों का लाभ मिलेगा ।

हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन का उपयोग यात्रियों से अतिरिक्त किराया, जुर्माना और अन्य शुल्क वसूलने और जारी करने के लिए भी किया जा सकता है । यात्रियों को सुविधाजनक रूप से यात्रा के लिए टिकट चेकिंग स्टाफ को दी गई हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन से यात्रियों को यात्रा के दौरान कन्फर्म टिकट के साथ ही कागज की बचत व कार्य में पारदर्शिता आयेगी ।


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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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छत्तीसगढ़

तीसरा बड़ा मंगलवार आज : अपनी मनोकामना के अनुसार हनुमान जी को इन चीजों का लगाए भोग …

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Dharm Desk- ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है. आज 19 मई को तीसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. जो पुरुषोत्तम मास के साथ पड़ने से और अधिक खास बन गया है. इस दिन हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है. पूजा-अर्चना का विशेष क्रम जारी है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को भगवान राम और हनुमानजी के मिलन हुआ था. इसी कारण इस दिन हनुमानजी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है. तीसरे बड़े मंगल के अवसर पर मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया है.

 

1.गुड़-चना चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग अर्पित करना अत्यंत प्रिया है. यह उपाय विशेष रूप से मंगल दोष से जुड़े कष्टों को शांत करने के लिए किया जाता है. नियमित रूप से यह भोग चढ़ाने से जीवन में स्थिरता आती है और बाधाओं में कमी देखने को मिलती है. ऐसे में बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को गुड़ चने भोग लगाकर प्रार्थना करना चाहिए.

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2.नारियल अर्पित करने से क्या होता है

 

इस दिन को लेकर मानता है कि साबुत नारियल पर सिंदूर लगाकर और कलावा बांधकर हनुमान जी को अर्पित करने से आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है. इस उपाय को करने से घर में सुख-समृद्धि और धन संबंधी समस्याओं में सुधार आता हैं.

 

3.पान का बीड़ा चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करना खास तौर पर उन लोगों द्वारा किया जाता है. जिनके काम अटक रहे होते हैं. पूजा के बाद पान चढ़ाकर कार्य सिद्धि की कामना की जाती है. इससे कठिन और रुके हुए कार्यों में गति आने लगती है और हनुमान जी से प्रार्थना की जाती है कि आप मेरा इस कष्ट या पीड़ा को हारने का बीड़ा आपको मैं सोचता हूं.

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4.इमरती और लड्डू चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को इमरती और बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय है. इनका भोग लगाने से भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति की कामना करते हैं. यह प्रसाद चढ़ाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में खुशहाली का वातावरण बनता है.

 

5.केसर भात अर्पित करने से क्या होता है

 

केसर भात का भोग हनुमान जी को अर्पित करने से कुंडली के दोषों को शांत करने का प्रयास किया जाता है. यह भोग विशेष रूप से बड़े मंगल के दिन किया जाता है. इससे जीवन में आने वाले संकटों का प्रभाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है. इससे हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है.

 

 

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