Connect with us

छत्तीसगढ़

बिलासपुर: दिन-रात या हो बरसात, नहीं थम रहा अवैध मिट्टी का कारोबार

Published

on

बिलासपुर(शिवा गोरख की रिपोर्ट)| आपने मिट्टी के कर्ज के बारे में तो सुना ही होगा, जिसका मतलब होता है धरती का ऋणी होना। परंतु चकरभाटा में कुछ लोग मिट्टी से ही मालामाल हो रहे हैं। चल संपत्ति या स्थावर संपत्ति ,बंद स्थान या खुला स्थान, दिन में या रात में,गृह भेदन करके या सामान्य स्थिति में, किसी भी हालात में यह लोग मिट्टी चुराने में सक्षम है। विगत कुछ दिनों से चकरभाटा क्षेत्र में हो रही अजीब सी चोरी की कहानी आपको बताते हैं।

कानून के हिसाब से चोरी, चोरी करने का तरीका ,किस संपत्ति की चोरी की गई और कब चोरी की गई के आधार पर अलग-अलग धाराएं और सजा का प्रावधान किया गया है।क्या हो जब मामला जंगम संपत्ति मतलब चलायमान संपत्ति और स्थावर संपत्ति दोनों की एक साथ चोरी का हो?क्या होगा जब एक ही चीज की चोरी दिन में भी और रात में भी की जाए?क्या होगा जब चोरी घर के बाहर और घर के भीतर एक साथ की जाए?

क्या होगा जब विभेदन कर दीवार तोड़कर मिट्टी खोदकर सुरंग बनाकर चोरी की जाए और साथ ही उसी चीज की चोरी खुले स्थान से की जाए? है न इंटरेस्टिंग मामला?

मिट्टी चोर के नाम से प्रसिद्ध व्यक्ति जो चकरभाटा क्षेत्र में रहता है लगातार दिन हो या रात हो, बरसात हो ,बारिश हो ,ठंड हो ,कभी रुकता नहीं ।कभी खुद ,कभी उठा नहीं सकने पर दूसरे लोगों को भेजते रहता है ।और चाहे वह आर्मी का प्रतिबंधित क्षेत्र हो ,चाहे वह सिंचाई विभाग का नाला हो, चाहे वह किसी निजी व्यक्ति की भूमि हो ,चाहे वह बीएसपी का भूमि हो उसे फर्क नहीं पड़ता।वो कर्मठ है,अपने मिट्टी चोरी के कार्य मे सिद्धहस्त है।हर तरह के मिट्टी की पहचान,पत्थरों की पहचान,मिट्टी के मिलने के क्षेत्र को खोजने में वह किसी भूगर्भशास्त्री की तरह निपुण है।इसके साथ ही साथ वो निडर है।उसकी लाल सुर्ख आंखों से लोग भय खाते हैं।छोटी मोटी मिट्टी की चोरी करते करते आज वह शख्स मिट्टी का बेताज बादशाह बन गया है।

यह भी पढ़ें   बोरवेल में फंसे राहुल की स्थिति अब पहले से बेहतर, शरीर में फैला इन्फेक्शन 80 फीसदी तक खत्म हुआ

गौरतलब हो कि उसका जेसीबी जिसका नंबर भी नहीं जिसका कागजात भी नहीं है।मिट्टी चुराने का उसका पैटर्न यह है कि वह
चुपके- चुपके धीमे पांव आता है, सुनसान पाते ही फटाफट खुदाई करता है ,और बिना कागजात की बिना नंबर लिखी हुई हाईवा गाड़ी आती है, फटाफट उसमें मिट्टी लोड की जाती है, मुरूम लोड किया जाता है और पहुंचा दिया जाता है बड़े-बड़े बिल्डरों के यहां जो खेत को पाटकर प्लाट प्लाट को काटकर रेजिडेंशियल कॉलोनी बना रहे हैं। इस तरह से उक्त व्यक्ति का मिट्टी के प्रति ऋण तो नही उतर रहा परंतु मिट्टी से हुवे कमाई से उसकी धन संपत्ति में चौतरफा इज़ाफ़ा हो रहा है।

यह भी पढ़ें   रायपुर पहुंची हॉकी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी

उक्त व्यक्ति मिट्टी चिचिरदा के कच्चे मार्ग के आस पास से ,सरकारी नाले से मिट्टी चुराने प्रसिद्ध है।जानकारी हो कि चिचिरदा के आस -पास पत्थर के खदान भी हैं,जहाँ अवैध माइनिंग कर के पत्थर निकाले जाते हैं।देखने में तो यहाँ तक भी आया है कि इस इलाके में कोयले की अवैध डंपिंग,कोयले में मिलावट करके काला पत्थर भी मिलाया जाता है।खनिज विभाग को इन सब कर्मकांडों की जानकारी न हो यह तो किसी मज़ाक से कम नहीं।मगर खाना पुर्ति के लिए ही सही,खनिज विभाग अपने कुम्भकर्णी नींद से जागे तो सही…

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   मिलेट के प्रसंस्करण और वेल्यूएडिशन से किसानों, महिला समूहों और युवाओं को मिलेगा रोजगार: सीएम बघेल

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   सनी लियोन का पति… वायरल हो रहा है ये फनी वीडियो, देख छूट जाएगी हंसी

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   साल तथा मिश्रित लकड़ी के अवैध चिरान जप्त, वन विभाग की लकड़ियों के अवैध संग्रहण और परिवहन पर कार्रवाई जारी

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   मिलेट के प्रसंस्करण और वेल्यूएडिशन से किसानों, महिला समूहों और युवाओं को मिलेगा रोजगार: सीएम बघेल

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   CG Breaking: राज्य सरकार ने दो IAS अधिकारियो को दिया अतिरिक्त प्रभार, आदेश जारी

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending