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छत्तीसगढ़ की गर्भवती महिलाओं में बढ़ रहा है डायबिटीज का खतरा सिम्स में हुआ शोध

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बिलासपुर, 13 जनवरी/ बिलासपुर सहित राज्य में महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज का खतरा बढ़ रहा है।छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर के बायोकेमिस्ट्री विभाग और स्त्री रोग विभाग के संयुक्त शोध में यह तथ्य प्रकाश में आया है।

आइये जाने क्या होता है गर्भावस्था मधुमेह चिकित्सकों की भाषा में इसे जेस्टेशनल डायबिटीज मेलिटस के नाम से जाना जाता है। गर्भावस्था के आरम्भ अथवा मध्य में ग्लूकोस का मेटाबोलिज्म सम्पूर्ण रूप से नहीं हो पाता है। इस स्थिति को जेस्टेशनल ग्लूकोज़ इम्पेयरमेंट कहते हैं। यही स्थिति आगे चलकर गर्भावस्था में होने वाले डायबिटीज मेलिटस में परिवर्तित हो जाती है। मातृत्व स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की रिपोर्ट के अनुसार भारत में गर्भावस्था के दौरान जेस्टेशनल मधुमेह से ग्रसित स्त्रियों का प्रतिशत 10 से 14.3 प्रतिशत है, जो की वैश्विक प्रतिशत से बहुत अधिक है। सिम्स में बायोकेमिस्ट्री विभाग में हुए शोध में भी चौकाने वाले आंकड़े आये हैं।

डॉ प्रशांत निगम ने विभाग द्वारा किये गए पॉयलेट स्टडी में ही 600 महिलाओं में से 90 महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज की स्क्रीनिंग हेतु ओरल ग्लूकोस टॉलरेंस टेस्ट के परिणाम के आधार पर निर्धारित मानक से ज्यादा ग्लूकोज़ पाया गया। सिम्स आने वाली गर्भवती महिलाओं में उक्त पायलट स्टडी के अनुसार 15% महिलायें जेस्टेशनल डायबिटीज से पीड़ित पाई गईं हैं, व्यापक शोध करने पर यह आंकड़ा कम या ज्यादा हो सकता है।

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स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ संगीता जोगी ने बताया की यदि जेस्टेशनल डायबिटीज का इलाज़ न किया जाए तो माँ एवं बच्चे दोनों को खतरा हो सकता है। इसीलिए सभी गर्भवती स्त्रियों को अनिवार्यतः यह जांच करानी चाहिए। यह जांच बहुत सरल एवं सुगम है। सिम्स में यह जांच नियमित रूप से की जा रही है। जेस्टेशनल डायबिटीज का उपचार न कराने पर जहाँ माँ के गर्भाशय में असामान्य रूप से अधिक अम्नियोटिक द्रव बन सकता है।वहीँ प्री-इक्लैम्प्सिया, प्रदीर्घ अथवा बाधित प्रसव (प्रोलोंग अथवा ऑब्स्ट्रक्टेड प्रसव) या पोस्टपार्टम हेमोरेज जैसी विभिन्न घातक स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। यही नहीं गर्भस्थ शिशु का गर्भपात, गर्भावस्था में मृत्यु, जन्मजात विकृति, श्वसन सम्बन्धी कारकों से पीड़ित हो सकता है। नवजात शिशु को जन्म के उपरान्त भी खतरा रहता है।

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गर्भावस्था मधुमेह के प्रमुख कारण एवं निदा

जेस्टेशनल डायबिटीज के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मुख्य कारण अनुवांशिक कारक, अधिक उम्र में गर्भाधान करना, मोटापा, पोषक आहार का सेवन न करना, निष्क्रिय जीवन शैली, पॉलीसिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम, गर्भावस्था में उचित देखभाल न करना एवं तनाव सम्मिलित है। साथ ही सही समय पर जांच न कराना भी एक प्रमुख कारण है।

जाँच उपरान्त उपचार हेतु किसी भी एंटीनेटल केयर सेण्टर अथवा चिकित्सा महाविद्यालय में अवश्य जाएँ। स्त्रीरोग विभाग, सिम्स में भी उपचार हेतु समस्त सुविधाएँ उपलब्ध हैं। अधिष्ठाता सिम्स डॉ के के सहारे ने बायोकेमिस्ट्री एवं स्त्रीरोग विभाग के चिकित्सकों को इस पायलेट स्टडी के लिए शुभकामनायें दी एवं विस्तृत शोध करने हेतु प्रेरित किया।

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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