क्राइम
शादीशुदा महिला का प्रेमी ने करवाया सामूहिक बलात्कार, महिला ने की आत्महत्या

शादी के समय तो पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ सात जन्मों तक रहने की कसमें खाते है। पर शादी के बाद जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव कई बार उनकी जीवन की परीक्षा लेते है। ऐसे में कई बार पति-पति के बीच मतभेद भी हो जाते है। जिसके कारण कई बार वह एक-दूसरे का चेहरा देखना भी पसंद नहीं करते। शादी के बाद कई बार पति-पत्नी, शादी के बाद भी अपने साथी के अलावा अन्य किसी के साथ रिश्ते बना लेते है। हालांकि ऐसे रिश्तों का परिणाम कभी भी अच्छा नहीं रहता। तमिलनाडु के कोइम्बतुर से सामने आई है, जहां शादी के बाद के नाजायज संबंधों के कारण दो परिवार तितर-बितर हो गए थे।
विस्तृत जानकारी के अनुसार, कोइम्बतुर में सोमानारु बस स्टेंड के पास अपना खुद का ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला ने आत्महत्या कर ली थी। जिस केस में पुलिस ने महिला के प्रेमी को पकड़ लिया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ब्यूटी पार्लर चलाने वाली परिणीता 41 साल के वी मुथुपंडी के प्यार में पड़ गई थी। जो की निजी कंपनी में काम करता था और पिछले दो सालों से अपनी पत्नी और बच्चों से अलग रह रही थी। पुलिस ने बताया कि पिछले दिसंबर महीने में परिणीता कि पहचान मुथुपंडी के साथ हुई थी। जिसके बाद दोनों एक दूसरे के नजदीक आए थे। भागने के लिए उन दोनों ने एक प्लान बनाया। जिसके चलते मंगलवार को परिणीता ने गंगादेवी ने ब्यूटीपार्लर बुलाकर अपने सारे गहने अपने प्रेमी को दे दिये थे। गहने मिलने के बाद मुथुपंडी ने परिणीता को साड़ी से बांध दिया और उसका मुंह बंद कर उसको जान से मार दिया था।
पुलिस ने बताया कि 39 साल की गंगादेवी जब ब्यूटीपार्लर से वापिस घर आ रही थी तो उसके पति ने ब्यूटीपार्लर जाकर चेक किया। जहां उसने देखा की उसकी पत्नी जमीन पर गिरी पड़ी थी। गंगादेवी ने बताया कि तीन लोगों ने उसकी दुकान में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया था और उसके गहने भी चुरा लिए थे। पर गंगादेवी ने अपनी बदनामी के डर से पुलिस को इस बारे में कोई जानकारी ना देने को कहा। पर पति श्रीनिवासन ने बताया कि ऐसा कुछ नहीं होगा और वह उसे लेकर दूसरे दिन करुमथमपट्टी पुलिस स्टेशन लेकर गया।
अपनी चोरी पकड़ी ना जाए इसलिए गंगादेवी ने पुलिस स्टेशन में भी झूठ बोला। शिकायत लिखवाकर पुलिस ने जांच के लिए पुलिस की एक टीम को ब्यूटीपार्लर भेजा और सीसीटीवी फुटेज लाने के लिए कहा। इसके बाद परिणीता और उसका पति घर चले गए। हालांकि इसके बाद जब घर में कोई नहीं था तब गंगादेवी ने अपनी जान दे दी। केस को और भी अधिक उलझता देखकर जांच में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी जुड़ गए। गंगादेवी के आत्महत्या करने के बाद पुलिस ने उनकी कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच शुरू की। जिसमें पुलिस को पता चला की गंगादेवी और मुथुपंडी आपस में एकदूसरे के साथ काफी देर तक बात करते थे।
पुलिस ने जब मुथुपंडी को ट्रेस किया तो उसका लोकेशन नीलगिरी जिले के उधगमंडल से मिल आया था। जहां से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। पूछताछ में पता चला कि मुथुपंडी और गंगादेवी के बीच प्रेम संबंध थे। पुलिस ने बताया कि जब गंगादेवी पुलिस स्टेशन आई तो उसका भांडा फुट न जाये इसलिए उसने झूठ बोला। पर फिर भी उसे डर लग रहा था, जिसके कारण उसने आत्महत्या कर ली। मुथुपंडी के कबूलनामे के अनुसार पुलिस ने उसपर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने बताया कि उन्होंने मुथुपंडी के पास से सारे गहने जप्त कर लिए है और फिलहाल उसे रिमांड पर लिया गया है।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।






















