क्राइम
इंदौर: बिलाल आज़म ने चाक़ू की नोक पर किया लड़की का रेप, फिर इस्लाम कबूलने..

इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बिलाल आज़म नामक एक शख्स ने हिन्दू लड़की का बलात्कार किया है। दोनों के बीच 2 वर्ष पूर्व साथ में काम करने के दौरान जान-पहचान हुई थी। कुछ दिनों बाद बिलाल लड़की पर उससे निकाह करने का दबाव डालने लगा।
इनकार करने पर उसने पीड़िता की फोटो-वीडियो इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी। शुक्रवार (15 नवंबर 2024) को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
वहीं, हिन्दू संगठनों ने पीड़िता का समर्थन करते हुए बिलाल पर एक्शन की माँग को लेकर आंदोलन का एलान किया है। खबरों के अनुसार, घटना इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र की है। यहाँ शुक्रवार को पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दी। पीड़िता ने बताया है कि वर्ष 2022 में वह एक कम्पनी में टेलीकॉलिंग की नौकरी करती थी। यहीं पर उसकी पहचान बिलाल आज़म से हुई। धीरे-धीरे बातचीत के बाद उनमे दोस्ती हो गई। थोड़े दिनों के बाद बिलाल आज़म, पीड़िता को उससे निकाह करने के लिए कहने लगा।
वहीं, पीड़िता ने अपने रिश्ते को सिर्फ दोस्ती तक बताकर निकाह से इनकार किया। इस पर बिलाल आज़म आगबबूला हो गया। इसके बाद से वो पीड़िता का हर समय पीछा करने लगा। 15 जून 2022 को उसने चाकू की नोंक पर पीड़िता का बलात्कार किया। इस दौरान उसने पीड़िता के अश्लील फोटो और वीडियो उतार लिए और इसके आधार पर वह लड़की को ब्लैकमेल करने लगा।
बिलाल आज़म से तंग आकर पीड़िता नौकरी करने बेंगलुरु चली गई। वर्ष 2023 में पीड़िता वापस इंदौर आई। इंदौर में वो निरंजनपुर इलाके में रहने लगी। लेकिन, आरोपी आज़म बिलाल ने लड़की को फिर से खोज निकाला और उसे प्रताड़ित करने लगा। वह लड़की को इस्लाम कबूल कर निकाह करने का दबाव बनाते हुए शारीरिक संबंध बनाने पर मजबूर करने लगा।
जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसे बुरी तरह पीटा। यही नहीं, 22 अक्टूबर 2024 को आज़म ने पीड़िता को धमकाकर उसके नाम पर एक पर्सनल लोन भी ले लिया। इस लोन की किश्त अभी तक पीड़िता ही चुका रही है। 2 नवंबर 2024 को पीड़िता का मोबाइल फोन भी चोरी हो गया। तब पीड़िता ने इसकी शिकायत लसूड़िया थाने में दी। बहुत खोजबीन के बाद यह फोन बिलाल आज़म की गाडी में पाया गया, उसी ने फोन चुराया था।
इसके बाद विवश होकर पीड़िता ने हिन्दू संगठन के सदस्यों से मदद मांगी। शुक्रवार को पीड़िता विजयनगर थाने पहुँची। उनके साथ हिन्दू संगठन से संबंधित कई कार्यकर्ता भी थे। शिकायत देकर कार्रवाई की माँग की गई। पुलिस FIR दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने घोषणा की है कि यदि जल्द ही आरोपी पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा। उन्होंने इस घटना को लव जिहाद बताया है।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।





















