क्राइम
ग्रह क्लेश से तंग सर्राफ व्यापारी ने पत्नी और तीन बच्चों समेत चार को जहर खिलाया, गिरफ्तार

इटावा,12उत्तरप्रदेश के इटावा जनपद में थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत लालपुरा मुहल्ले में सर्राफ व्यापारी ने अपनी पत्नी व तीन बच्चों समेत चार लोगो को जहर खिलाकर मौत के घाट उतार दिया
पत्नी और बच्चो की हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित सर्राफ व्यापारी खुद ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंच गया। घटना की जानकारी होने के बाद पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आरोपित सर्राफ व्यापारी को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सोमवार की देर रात थाना कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि लालपुरा मुहल्ले में सर्राफ व्यापारी मुकेश वर्मा की पत्नी और तीन बच्चे जिनमे दो बेटियां और एक बेटे ने ग्रह क्लेश से तंग आकर जान दे दी है। पत्नी और बच्चो की मौत के बाद सर्राफ व्यापारी ने भी रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने के प्रयास किया गया है।
सूचना पर पुलिस ने सर्राफ व्यापारी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि सर्राफ व्यापारी मुकेश वर्मा अपनी 42 वर्षीय पत्नी रेखा, पन्द्रह वर्षीय बेटी नव्या, तेरह वर्षीय बेटी नन्नी और ग्यारह वर्षीय बेटे आदि के साथ लालपुरा में रहता था। उसने रात में सभी को खाने में जहर मिलाकर खिला दिया जिसके बाद उसकी पत्नी और बच्चों की हालत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते चारो की सांसे थम गई।

इसके बाद वह सीधा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने के इरादे पहुंच गया। इधर मुहल्ले में पड़ोसियों ने देर रात तक व्यापारी के घर के दरवाजे खुले देखकर अंदर जाकर देखा तो पत्नी और बच्चों की लाशे देखकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर सर्राफ व्यापारी को रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सर्राफ व्यापारी मुकेश वर्मा ने दो शादियां की थी।
पहली पत्नी की शादी के दो वर्ष बाद मृत्यु हो गई थी और दूसरी शादी के बाद से घर में क्लेश के चलते उसने परिवार सहित जहर खाकर आत्महत्या करने का फैसला लिया था लेकिन पत्नी और बच्चों की मृत्यु होने के बाद वह खुद ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने के इरादे से रेलवे स्टेशन पहुंच गया था। पुलिस सर्राफ व्यापारी से पूछताछ कर रही है।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।





















