छत्तीसगढ़
Bhatapara breaking news छतरपुर को भा रहा छत्तीसगढ़िया बोईर
Bhatapara breaking news तीन साल से स्थिर बाजार में आई रौनक
Bhatapara breaking news भाटापारा- छतरपुर से भरपूर मांग की राह देख रहा है, छत्तीसगढ़ का बेर। नजर आते रुझान को देखकर उत्पादक क्षेत्रों से खरीदी की योजना तो है लेकिन पहली बार यह क्षेत्र, बेहद सतर्कता के साथ काम करेगा क्योंकि तीन साल का पुराना स्टाॅक, कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ है। लिहाजा पहली प्राथमिकता पुराने भंडारण के निपटान की होगी।

बेर में गर्मी के संकेत मिलने लगे हैं क्योंकि छतरपुर से छत्तीसगढ़ के बेर की मांग सीमित मात्रा में निकलने लगी है। सौदे में कीमत को लेकर थोड़ी चिंता तो जरूर है लेकिन लगाई गई पूंजी की वापसी तय देखकर स्वीकार किया जा रहा है नया भाव। यह स्थिति बेर संग्राहकों के लिए अच्छी मानी जा रही है क्योंकि नई फसल के लिए बाजार की मांग निकलनी है।
Bhatapara breaking news संकेत अच्छे दिन की

वनोपज में महुआ के बाद, बेर दूसरी ऐसी उपज मानी जाती है जिसका उपभोक्ता बाजार, देश के बाहर तक है। बांग्लादेश खरीदी करता है छत्तीसगढ़ के बेर की, तो देश में राजस्थान दूसरा ऐसी उपभोक्ता मांग वाला क्षेत्र है, जहां बेर का पाउडर का उपयोग खटाई के रूप में किया जाता है। यहां की मांग निकलने के बाद छतरपुर की इकाईयां बेर की खरीदी को लेकर रुझान दिखा रहीं हैं। संकट के दौर से गुजरते प्रदेश के निर्यातकों के लिए निश्चित ही यह स्थिति अच्छे दिन की शुरुआत का संदेश लेकर आई है।
Bhatapara breaking news आसान होगी आगे की राह
छतरपुर में बेर पाउडर बनाने वाली इकाईयों की संख्या अच्छी- खासी है। यहां से निकल रही मांग, प्रदेश के बेर निर्यातकों के लिए संजीवनी साबित होगी क्योंकि तीन साल से राजस्थान और बांग्लादेश की खरीदी बंद है। ऐसे में बेर की बड़ी मात्रा कोल्ड स्टोरेज में रखी हुई है। लिहाजा नया परिवर्तन, संकट में फंसे निर्यातकों की पूंजी की वापसी की राह खोलता नजर आ रहा है। नई खरीदी के माध्यम से बेर संग्राहकों तक पहुंचने वाले पैसे से उत्पादक क्षेत्र में पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा। जिससे जीवन-यापन सामान्य हो सकेगा।
Bhatapara breaking news शुरुआत इस भाव से
बेर पाउडर बनाने वाली छतरपुर की इकाइयां छत्तीसगढ़ से फिलहाल गुणवत्ता देखकर 1300 से 1800 रुपए क्विंटल की कीमत पर बेर की खरीदी कर रहीं हैं। बढ़त की संभावना तब ही बनेगी, जब बेर पाउडर की खरीदी की मात्रा राजस्थान से ज्यादा निकलेगी। स्थानीय मांग को संतोषजनक नहीं मान रहे बेर निर्यातकों का पूरा ध्यान उच्च गुणवत्ता वाले बेर की आपूर्ति करने पर है। हालांकि कीमत संतोषजनक तो नहीं मानी जा रही है लेकिन पूंजी प्रवाह में निरंतरता बनाए रखने के लिए निर्यातक यह भाव स्वीकार कर रहें हैं।
Bhatapara breaking news राहत भरी मांग

छतरपुर से बेर की मांग निकलने लगी है। कीमत भले ही कम बोली जा रही है लेकिन इससे पुराना स्टॉक क्लियर करने और नई फसल की खरीदी में बड़ी मदद मिलेगी।
– सुभाष अग्रवाल, एस पी इंडस्ट्रीज, रायपुर
सेहत के लिए फायदेमंद होता है बेर
बेर एक मौसमी फल है जो स्वाद में खट्टा-मीठा होता है। इसमें प्रोटीन, विटामिन सी जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। पके हुए मीठे बेर ज्यादा फायदेमंद होते हैं। जिन्हें खाने से शरीर को ताकत मिलती है ब्लड प्यूरिफाई होता है और इम्युनिटी बढ़ती है। और भी कई तरह की समस्याओं में फायदेमंद है पके हुए बेरों का सेवन।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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