Connect with us

देश

यूपी के वृन्दावन में 60 लाख का प्लॉट 30 करोड़ में बिका, दंग हैं सभी लोग, जानें क्यों बिका महंगा?

Published

on

Property Market: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक प्लॉट 30 करोड़ रुपये में बिका है। जबकि, उस लैंड की कीमत सिर्फ 60 लाख रुपये हैं। 300 वर्ग गज का प्लॉट की ज्यादा कीमत देखकर सभी लोग दंग रह गए हैं, आखिर ऐसा क्यों हुआ?

क्या वृंदावन में प्रॉपर्टी के दाम आसमान छू रहे हैं? मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण (MVDA) रेजिडेंशियल प्लॉट्स की ऑनलाइन नीलामी के दौरान ऐसा हैरान करने वाला वाक्या हुआ है।

सभी को एक प्लॉट की बोली बेस प्राइस से कहीं अधिक की बोली ने लोगों को परेशान कर दिया। गुरुवार को शुरू हुई नीलामी में कुल आठ प्लॉट्स पर बोली लगाई गई। इनमें वृन्दावन के रुक्मणि विहार स्थित 300 वर्ग गज का प्लॉट भी था, जिसकी बेस कीमत 60 लाख रुपये थी। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक नीलामी (ई-नीलामी) के दौरान बोलियां नाटकीय रूप से बढ़ गईं, और प्लॉट की कीमत आश्चर्यजनक रूप से 30 करोड़ रुपये हो गई। इस बोली ने MVDA अधिकारियों को हैरान कर दिया। 30 करोड़ रुपये की बोली ने अधिकारियों को इसके कारणों को जांचने के लिए प्रेरित किया।

यह भी पढ़ें   ठग गिरोह का पर्दाफाश, मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर करते थे ठगी

नीलामी की समीक्षा करने पर एमवीडीए अधिकारी यह देखकर दंग रह गए कि 60 लाख रुपये मूल्य के प्लॉट्स के लिए 30 करोड़ रुपये की बोली के अलावा 288 वर्ग मीटर के एक अन्य प्लॉट्स के लिए 19 करोड़ 11 लाख रुपये मिले। अधिकारियों के मुताबिक ये ज्यादा बोलियां नीलामी की प्रक्रिया को बाधित करने के लिए रणनीतिक रूप से लगाई गई थीं, जिसका उद्देश्य कीमतों को उचित स्तर से अधिक बढ़ाकर सही खरीदारों को प्लॉट लेने से रोकना था।

बोली लगाने के जोश ने पार्टिसिपेंट्स के सिक्योरिटी डिपॉजिट को भी खतरे में डाल दिया है। जब प्रतिभागी नीलामी के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें एक सिक्यरिटी अमाउंट जमा करनी होती है। बोली जीतने के बाद बोली का पैसा जमा न करने पर सिक्योरिटी अमाउंट जब्त कर लिया जाता है।

यह भी पढ़ें   बिलासपुर Breaking : 53 पंचायतों में साढ़े 3 करोड़ रुपए का घोटाला!

स्पेशल अधिकारी प्रसून द्विवेदी ने इस बात पर जोर दिया कि जिन बोलीदाताओं ने 60 लाख रुपये मूल्य के प्लॉट्स के लिए 30 करोड़ रुपये की बोली ऑफर की थी, , उन्होंने अपने सिक्योरिटी अमाउंट को खतरे में डाल दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये बोलीदाता अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में विफल रहे, तो उनका सिक्योरिटी अमाउंट जब्त कर लिया जाएगा। बाकी बचे प्लॉट्स की नीलामी शुक्रवार और 29 और 30 जुलाई को जारी रहने वाली है।

यह घटना पूरे भारत में रियल एस्टेट निवेश में बढ़ती दिलचस्पी के बीच पारदर्शी और निष्पक्ष संपत्ति की नीलामी तय करने में अधिकारियों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बता रही है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

Published

on

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।

यह भी पढ़ें   ग्राहक बनकर शराब के ठेके पर पहुंचे DM,

सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम

आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”

‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’

दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   13 अक्टूबर राशिफल: जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

Published

on

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
यह भी पढ़ें   कोरोना संक्रमण से 10 नक्सलियों की मौत

साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
यह भी पढ़ें   पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने शादीशुदा महिला के साथ बनाया अवैध संबंध, महिला के बुजुर्ग ससुर ने दी खुदकुशी की धमकी, देखें #Video

वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending