छत्तीसगढ़
भिलाई में 150 से अधिक निर्दोष कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर अपराध पंजीबद्ध करने के विरोध में

ज़िला कांग्रेस कमेटी ( शहर/ग्रामीण ) द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री का नेहरू चौक में पुतला दहन किया गया ,पुलिस प्रशासन ने चाक चौबंद कर पुतला दहन को रोकने का प्रयास किया और उन्हें आशातीत सफलता भी मिली पर कांग्रेसजनों ने पुतला दहन करने में सफल रहे।
दोपहर से ही कांग्रेसजन कांग्रेस भवन में आने लगे थे, और लगभग 2.30 बजे कांग्रेसी पुतला को लेकर नारे लगाते हुए नेहरू चौक पहुंचे , पुलिस वालों ने पुतला न जल पाए इसके लिए पूरी तैयारी कर रखे थे, बोतल में पानी लेकर पुलिस वाले दौड़ते रहे और कांग्रेसी उन्हें छकाते रहे ,योजना बद्ध तरीके से कांग्रेसियों ने दो पुतला बना रखा था, पुलिस उलझ गई और समय का फायदा उठाते हुए कांग्रेसजनों ने पुतला को जला दिए और कांग्रेसजन नारे लगाते रहे।
इस अवसर पर शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि भाजपा सरकार जिस तरह से शासन-प्रशासन चला रही है ,छत्तीसगढ़ की भोली-भाली जनता के अनुकूल नही है ,शांत छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है और बदले की भावनाओ से प्रेरित साय सरकार प्रजातन्त्र की मर्यादाओ को लांघ रही है, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने कभी भी भाजपा या अन्य विपक्ष के नेताओ पर जबरदस्ती कार्यवाही नही की ,छत्तीसगढ़ में भय का वातावरण जानबूझ कर निर्मित किया जा रहा है ताकि भाजपा सरकार अपनी विफलता को सफलता के रूप में प्रस्तुत कर सके।
ज़िला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि भाजपा सरकार अपनी शैशव काल मे ही अपनी यौवन की तस्वीर बना रही है, बलौदा बाजार और भिलाई की घटनाएं बताती है कि भविष्य में हमे कैसा शासन और प्रशासन का सामना करना पड़ेगा ? छत्तीसगढ़ इन 8 माह में बस्तर,सरगुजा ,बिलासपुर रायपुर नित नए अपराधो का सामना कर रहा है ,बालिकाओ के साथ बलात्कार आम बात हो गई है, सरे आम मर्डर हो जा रहा है, पर पुलिस आधुनिक तकनीक होने के बावजूद अपराधी तक नही पहुंच पा रही है,अब तो हालात ये हो गए है कि विदेश से वसूली के लिए धमकियां दी जा रही है , भाजपा सरकार को आम जनों की समस्याओं से कोई लेनादेना नही है ,जो लोग छत्तीसगढ़ को अपराध मुक्त की बात करते है बढ़ते अपराध के ग्राफ पर मौन साध चुके ,
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि बलौदा बाजार और भिलाई की घटनाओं पर पुलिस ने जिस तत्परता से जिन जिन धाराओ में कार्यवाही की है ,वह कानून के जानकारों के लिये भी यक्ष प्रश्न बन हुआ है?
भिलाई की घटना में अपहरण के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है , जिस अपराधी को पुलिस नही पकड़ पाई उसे थाना ले जाना अपहरण की श्रेणी में आ गया ,ऐसे में तो कोई भी आदमी किसी अपराधी को थाना नही लेकर जाएगा क्योंकि कब उस पर पुलिस अपहरण की धारा लग दे ?
पुलिस प्रशासन को बिना दबाव का कार्य करना चाहिए, तब जनता सुख चैन रह सकती है,
मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओ को टारगेट कर रही है ,बलौदा बाजार में बड़ी संख्या में निर्दोष युवाओ को जेल में डाल दिया गया और अब उसी कार्यवाही की पुनरावृत्ति भिलाई में की गई है, एक पूर्व मुख्यमंत्री की गाड़ी को रोक कर ,उनके सुरक्षा कर्मियों से धक्का मुक्की की जा रही है तब आम जनता के साथ गुंडों का व्यवहार कैसा और कितना भयानक होगा समझा जा सकता है,इस घटना से छत्तीसगढ़ में अपराध का पैरामीटर कितना ऊंचा है समझा जा सकता है ,एक पूर्व मुख्यमंत्री असुरक्षित है तब समझा जा सकता कि जनता कितनी सुरक्षित हाथों में जीवन यापन कर रही है?
महापौर रामशरण यादव ने कहा कि भिलाई की घटना के लिए पुलिस प्रशासन की उदासीनता है समय रहते गुंडों को पकड़ लिया जाता तो कांग्रेस कार्यकर्त्ताओ को प्रदर्शन करने की जरूरत ही नही पड़ती ,कांग्रेस कार्यकर्ता अपराधियो की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे ,छत्तीसगढ़ में पुलिस प्रेसर में काम कर रही है ,जिसका ताजा तरीन घटना है सरगुजा की मंत्री के शराबी जेठ पर कार्यवाही करने वाला कर्तव्यनिष्ठ सिपाही आज लाइन अटैच है और पुलिस के बढ़े अधिकारी ही अपने सिपाही की रक्षा नही कर पा रहे है मतलब छत्तीसगढ़ में किस अपराध पर रिपोर्ट लिखना है और क्या लिखना है भाजपा सरकार तय कर रही है,जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे है और अलग अलग प्रकार के अपराधों में वृद्धि हो रही है। जो शांत छत्तीसगढ़ के लिये सही नही है
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















