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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री बघेल ने भारत स्काउट एवं गाइडस छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथ

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रायपुर| मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज भारत स्काउट एवं गाइडस छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण के वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सफलतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों से कहा कि आपने एक ऐसे वैश्विक आंदोलन को छत्तीसगढ़ में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अपने कंधे पर ली है, जिसकी शुरुआत 1907 में लार्ड वेडेन पॉवेल ने ब्रिटेन में की थी। स्काउटिंग व्यक्ति के चरित्र निर्माण का आंदोलन है, जो बच्चों को मानवीय मूल्यों से संस्कारित करता है। स्काउटिंग के महत्वपूर्ण सिद्धांतों में एक सिद्धांत है कि स्काउट सबका मित्र होता है। हर स्काउट दूसरे स्काउट का भाई होता है। इस तरह यह सिद्धांत स्काउटिंग को विश्व-बंधुत्व से जोड़ देता है। विनम्रता, वफादारी और विश्वसनीयता हर स्काउट का गुण है। यह आंदोलन व्यक्ति को प्रकृति से प्रेम करना सिखाता है। यह सिखाता है कि यह संसार पशु-पक्षियों से पूरा होता है। उन्हें सहेजे रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि स्काउटिंग मितव्ययी होना सिखाती है। मन-वचन और कर्म की शुद्धता स्काउटिंग की पहली शर्त है। एक स्काउट हमेशा दूसरों की सेवा के लिए शरीर और मन से तैयार रहता है। स्काउटिंग की परंपरा के अनुसार, हर स्काउट अपनी स्कार्प पर गांठ लगाकर संकल्प लेता है कि जब तक वह सेवा का काम नहीं कर लेगा, तब तक गांठ नहीं खोलेगा। स्काउटिंग विश्व-समाज निर्माण का एक आंदोलन है, जिसे भारत भी आगे बढ़ा रहा है। भारत में यह आंदोलन स्वतंत्रता से पहले ही शुरु हो चुका था। स्वतंत्र भारत में  ‘भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की स्थापना 7 नवम्बर, 1950 को पंडित जवाहरलाल नहेरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद तथा मंगल दास पकवासा द्वारा की गई थी।

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शपथ ग्रहण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, विधायक एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सत्यनारायण शर्मा तथा संसदीय सचिव तथा भारत स्काउट एवं गाइडस राज्य परिषद के राज्य मुख्य आयुक्त विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने भी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।


वर्चुअल कार्यक्रम में उपाध्यक्ष के रूप में मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, पंकज शर्मा, अटल श्रीवास्तव, कन्हैया अग्रवाल, चंद्र प्रकाश बाजपेई, महिला उपाध्यक्ष के रूप में विधायक श्रीमती देवती कर्मा, संसदीय सचिव शकुंतला साहू, शशि चंद्राकर, अनिता रावटे, श्रीमती ममता राय ने शपथ ली। इन पदाधिकारियों का कार्यकाल राज्य परिषद की प्रथम बैठक की तिथि से 5 वर्ष की अवधि तक होगा। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्रकुमार, मुख्य सचिव अमिताभ जैन एवं विधायक बृहस्पति सिंह उपस्थित थे।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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