छत्तीसगढ़
पिकअप ड्राइवर से लूट करने वाले गिरोह पर बिलासपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 आरोपी गिरफ्तार

पिकअप ड्राइवर से पिकअप वाहन और मोबाइल नगदी लूटने वाले आरोपियों पर बिलासपुर पुलिस का कड़ा प्रहार
बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्देश के तहत, एक पिकअप ड्राइवर से पिकअप वाहन, मोबाइल और नगदी लूटने के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्यवाही की गई है।
आरोपियों के नाम:
ऋषि कुमार पाटले, पिता सुधाराम पाटले, उम्र 39 वर्ष, निवासी साठ बांधपारा, चंदनिया, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़।
जानू कोशले, पिता स्व. सनद कुमार कोशले, उम्र 20 वर्ष, निवासी बांधपारा, चंदनिया, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़।
नागराज पाटले, पिता सुधाराम पाटले, उम्र 24 वर्ष, निवासी बांधपारा, चंदनिया, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़।
बरामद संपत्ति:
पिकअप वाहन क्रमांक MP 18 ZC 3368
मोटरसाइकिल क्रमांक CG 11 A 7398
सात नग सागौन लकड़ी के गोले
नगदी 120 रुपये
पीड़ित राजन महरा, उम्र 20 वर्ष, निवासी डबरीपारा, हरदीबाजार, दीपका, कोरबा, ने थाना में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि हरदीबाजार से दो व्यक्ति उसकी पिकअप बुक करके पानी टंकी और सीमेंट भरवाने के बहाने उसे ग्राम जेवरा ले गए। बाद में, रात में उसे ग्राम सोंठी के जंगल में ले जाकर मारपीट की धमकी दी और उसके मोबाइल फोन व 220 रुपये की नगदी लूटकर उसे जंगल में छोड़ दिया। आरोपी उसकी पिकअप लेकर भाग गए।
पुलिस की कार्रवाई: इस गंभीर मामले को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अर्चना झा और उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) उदयन बेहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निलेश पांडेय के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सहायता से आरोपियों की पहचान की गई।
कड़ी पूछताछ के बाद आरोपियों ने अपने 5 अन्य साथियों के साथ अपराध करना स्वीकार किया। तीन आरोपियों से लूटा गया पिकअप वाहन, 120 रुपये नगदी, मोटरसाइकिल और लकड़ी काटने का आरा बरामद किया गया। सात सागौन लकड़ी के गोले अकलतरा के नुरूटाल आरामिल से बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निलेश पांडेय, सउनि दिलीप प्रभाकर, प्र. आर. परमेश्वर सिंह, आरक्षक राजेंद्र साहू और प्रकाश जगत का सराहनीय योगदान रहा।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















