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छत्तीसगढ़

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, मुख्यालय में महाप्रबंधक, नीनु इटियेरा ने अधिकारियों, कर्मचारियों को स्वच्छता पखवाडा की सामूहिक शपथ दिलाई

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में स्वच्छता पखवाडा पर प्रभात फेरी निकाली गयी ।

भारतीय रेलवे द्वारा स्वच्छ-रेल स्वच्छ-भारत के तहत दिनांक 01 से 15 अक्टूबर’ 2024 तक स्वच्छता-पखवाडा का आयोजन किया जा रहा है । जोनल मुख्यालय में प्रथम दिन आज दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक, सुश्री नीनु इटियेरा ने सभी विभागाध्यक्ष एवं रेलवे स्टाफ को स्वच्छता-पखवाडा की सामूहिक शपथ दिलाईं गई । इस शपथ समारोह में विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे । ज़ोनल मुख्यालय के साथ साथ तीनों रेल मंडलो में भी स्वच्छता पखवाडा की सामूहिक शपथ दिलाईं गई ।

दिनांक 01 से 15 अक्टूबर, 2024 तक आयोजित स्वच्छता पखवाडा में रेल यात्रियों से एवं यात्रा के दौरान “मेरी सीट मेरा डब्बा” अभियान के अंतर्गत साफ–सफाई एवं स्वच्छता बनाए रखने का विशेष आह्वान किया जाएगा । इस स्वच्छता पखवाडा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी स्टेशनों तथा गाडियों में प्रत्येक दिवसों के थीम के अनुसार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है । दिनांक 01 अक्टूबर, 2024 को सामूहिक स्वच्छता शपथ और स्वच्छ जागरूकता, दिनांक 02 अक्टूबर, 2024 को महात्मा गांधी जयंती का उत्सव और स्वच्छ भारत दिवस, दिनांक 03 तथा 04 अक्टूबर, 2024 को स्वच्छ स्टेशन, दिनांक 05 तथा 06 अक्टूबर, 2024 को स्वच्छ रेल गाड़ी, दिनांक 07 अक्टूबर, 2024 को स्वच्छ पटरी, दिनांक 08 अक्टूबर, 2024 को स्वच्छ रेल परिसर (स्वच्छ कार्य स्थल एवं स्वच्छ आवासीय परिसर), दिनांक 09 तथा 10 अक्टूबर, 2024 को स्वच्छ आहार, दिनांक 11 अक्टूबर, 2024 को स्वच्छ नीर, दिनांक 12 अक्टूबर, 2024 को स्वच्छ प्रसाधन एवं स्वच्छ पर्यावरण, दिनांक 13 अक्टूबर, 2024 को स्वच्छ स्पर्धा, दिनांक 14 अक्टूबर, 2024 को नो सिंगल यूज प्लास्टिक, दिनांक 15 अक्टूबर, 2024 को समीक्षा एवं स्वच्छ जागरूकता रैली थीम पर कार्य किए जाएंगे ।

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आज दिनांक 01 अक्टूबर, 2024 को ”स्वच्छता पखवाडा” का शुभारंभ महाप्रबंधक कार्यालय से प्रातः 07.00 बजे प्रभात फेरी निकालकर की गई । यह प्रभात फेरी महाप्रबंधक कार्यालय, डीआरएम ऑफिस से बिलासपुर रेलवे स्टेशन तक निकाली गयी । इस प्रभात फेरी में स्लोगन एवं पोस्टर के माध्यम से स्वच्छता जागरूकता का संदेश देते हुए बिलासपुर रेलवे स्टेशन में समाप्त हुई । प्रभातफेरी में अपर महाप्रबंधक, अपर मंडल रेल प्रबंधक, सहित सभी विभागाध्यक्ष, मुख्यालय एवं मंडल के अधिकारीगण, सैकडों की संख्या में कर्मचारीगण, नागरिक सुरक्षा दल की टीमों ने भाग लिया ।

स्वच्छता पखवाडा के शुभारंभ अवसर पर सभी मंडल के सहित सभी प्रमुख स्टेशनों एवं रेलवे कालोनियों में भी प्रभातफेरी निकालकर कालोनियों के निवासियों एवं यात्रियों को स्वच्छता जागरूकता हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही स्वच्छता शपथ समारोह का आयोजन कर स्वयं एवं अन्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने एवं साल 100 घंटा श्रम दान करते हाये आसपास के माहौल को स्वच्छ रखना एवं आपने साथ 100 अन्य व्यक्तियों को भी स्वच्छ के लिए प्रेरित करने की शपथ ली गयी ।

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बिलासपुर स्टेशन में स्वच्छ जागरूकता थीम पर स्काउट-गाइड के बच्चों द्वारा नुक्कड-नाटक की जीवंत प्रस्तुति से यात्रियों को कचरा फैलाने अथवा गंदगी के दुष्परिणामों के बारे में बताकर स्वच्छता जागरूकता का संदेश दिया गया । मंडल के ब्रजराजनगर, रायगढ, कोरबा, चांपा, अनूपपुर, शहडोल, अम्बिकापुर, मनेन्द्रगढ, उमरिया सहित सभी प्रमुख स्टेशनों एवं रेलवे कालोनियों में प्रभातफेरी निकालकर कालोनियों के निवासियों एवं यात्रियों को स्वच्छता जागरूकता हेतु प्रेरित किया गया ।

रायपुर रेल मंडल में भी “स्वच्छता पखवाड़ा “ अभियान के अंतर्गत आज मंडल रेल प्रबंधक, द पू म रे रायपुर एवं नागपुर रेल मण्डल में “स्वच्छता पखवाड़ा “ अभियान के अंतर्गत प्रथम दिन अपर मंडल रेल प्रबंधक, द पू म रे नागपुर ने उपस्थित सभी अधिकारियों व रेल कर्मियों को स्वच्छता के प्रति शपथ दिलाई कि न गंदगी करेंगे न ही किसी और को गंदगी करने देगे । तीनों रेल मंडलो में अधिकारीगण तथा रेल कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया ।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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