छत्तीसगढ़
भारतीय रेलवे में 24 घंटे के भीतर ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की जनसंख्या से अधिक यात्रियों ने की यात्रा

1 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच विशेष ट्रेनों के माध्यम से रेलवे ने 65 लाख यात्रियों को सेवाएं दीं। इस अवधि में बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में करीब 7.5 करोड़ यात्रियों ने विशेष ट्रेनों के माध्यम से यात्रा की।
बिलासपुर – 06 नवंबर 2024
इस वर्ष दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ी संख्या में विशेष ट्रेनों का परिचालन किया है। इसके अंतर्गत:
4 नवंबर 2024 को रेलवे ने एक ही दिन में सबसे अधिक यात्रियों को यात्रा की सुविधा दी, जिसमें कुल 3 करोड़ यात्रियों ने सफर किया। यह संख्या ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की संयुक्त जनसंख्या से भी अधिक है।
4 नवंबर को 120.72 लाख यात्री (19.43 लाख आरक्षित और 101.29 लाख बिना आरक्षित) यात्रा पर थे।
180 लाख उपनगरीय यात्रियों की यात्रा को ट्रैक किया गया।
इस वर्ष 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए कुल 7,666 विशेष ट्रेनों की घोषणा की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 73% अधिक है। पिछले साल इसी अवधि में 4,429 ट्रिप चलाई गई थीं।
1 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच अब तक 4,521 विशेष ट्रेनों के माध्यम से 65 लाख यात्रियों को सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
विशेष ट्रेनों की संख्या:
3 नवंबर को: 207 ट्रेनें
4 नवंबर को: 203 ट्रेनें
5 नवंबर को: 171 ट्रेनें
6 नवंबर को: 164 ट्रेनें चलाने की योजना है।
7 नवंबर को: 164 ट्रेनें भी चलेंगी।
छठ पूजा के बाद की भीड़:
8 नवंबर को सुबह सूर्य अर्घ्य के बाद से यात्रियों की वापसी की भीड़ शुरू होगी। इसके लिए विशेष ट्रेनें भी तय की गई हैं, और समस्तीपुर एवं दानापुर मंडल में स्थानीय मांग को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों की योजना भी बनाई गई है।
आगामी विशेष ट्रेनों की योजना:
8 नवंबर को 164 ट्रेनें
9 नवंबर को 160 ट्रेनें
10 नवंबर को 161 ट्रेनें
11 नवंबर को 155 ट्रेनें
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित ट्रेनें:
गाड़ी संख्या 08795/08796 दुर्ग-अमृतसर-दुर्ग फेस्टिवल स्पेशल, दुर्ग से 07 एवं 10 नवंबर 2024 को, और अमृतसर से 09 एवं 12 नवंबर 2024 को।
गाड़ी संख्या 08295/08296 बिलासपुर-हडपसर-बिलासपुर त्योहार स्पेशल, बिलासपुर से हडपसर के लिए 08 नवंबर 2024 को, और हडपसर से बिलासपुर के लिए 09 नवंबर 2024 को।
गाड़ी संख्या 07023/07024 सनतनगर-रायपुर-सनतनगर स्पेशल, सनतनगर से रायपुर के लिए 07 एवं 14 नवंबर 2024 को, और रायपुर से सनतनगर के लिए 08 एवं 15 नवंबर 2024 को।
भारतीय रेलवे का यह कदम यात्रियों के सफर को आरामदायक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















