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छत्तीसगढ़

ग्रामीणों के घरों में आई खुशहाली : सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं ने साकार किए सपने

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कुरुद: मजदूरी करने वाली धान बाई की जिंदगी को बदलने वाली योजना साबित हुई। साथ ही इस योजना से न केवल एक परिवार के सपने को पूरा किया बल्कि अन्य जिलों के ग्रामीणों को भी लाभ मिला।

जीवन में हर व्यक्ति का सपना होता है कि, उसका खुद का पक्का मकान हो। जिसमें वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित और हंसी-खुशी के साथ सुखमय जीवन जी सके। गरीब परिवारों के लिए पक्का आवास का सपना, सपना बनकर ही रह जाता है। वहीं अब प्रधानमंत्री जन मन आवास योजना के अंतर्गत वर्षों का यह सपना साकार हो रहा है। यह मजदूरी करने वाली धान बाई की जिंदगी को बदलने वाली योजना साबित हुई। साथ ही इस योजना से न केवल एक परिवार के सपने को पूरा किया बल्कि अन्य जिलों के ग्रामीणों को भी लाभ मिला। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना ने खड़मा निवासी कुलेश्वरी के सपने को भी साकार किया।

केंद्र सरकार की दो योजनाएं बनीं मील का पत्थर

धमतरी जिले के ग्राम पंचायत मारागांव निवासी धान बाई जो की पेशे से मजदूरी करती थी। उसका सपना था कि, वह एक पक्के मकान में अपने परिवार के साथ खुशहाल जिंदगी जिए। जिसके लिए केंद्र सरकार की दो योजनाएं मील का पत्थर साबित हुई। उसे सम्मान भरा जीवन यापन करने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 90 दिनों तक के रोजगार के साथ 19 हजार 890 रुपये मजदूरी मिली।

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कर रहे सुरक्षित और आनंदित जीवन व्यतीत

साथ ही उसके पक्के मकान के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से 2 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई। जिससे न केवल उन्होंने अपने घर का निर्माण कराया बल्कि बची हुई राशि से आगे के जीवन के लिए सहेज कर रखा। धान बाई ने केंद्र व राज्य सरकार का इस योजना के सफल संचालन व मदद के लिए आभार जताया। साथ ही कहा कि, आज उसका पूरा परिवार सुरक्षित और आनंदित जीवन व्यतीत कर रहा है।

महत्वकांक्षी योजना ने कुलेश्वरी के सपने को किया साकार

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से लोगों के सपने साकार हो रहे हैं। ग्राम पंचायत खड़मा निवासी कुलेश्वरी पहरिया पहले मिट्टी के कच्चे मकान में असुविधाओं के साथ रोजी-मजदूरी कर जीवन यापन कर रही थी। उसका भी सपना था कि, उसके बच्चे और परिवार पक्के मकान में रह सकें। जब भी बारिश होती थी छत टपकने के साथ आंखों के आंसू उसके सपनों के आशियाने को धुंधला करता था। आज केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना ने केवल उसके सपनों को पूरा किया बल्कि आज उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया।

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कई समस्याओं का करना पड़ता था सामना

कुलेश्वरी पहरिया बताती है कि, कच्चे मकान में रहने के कारण असुविधा तो होती ही थी साथ ही उसे पक्का मकान बनाना असंभव लगने लगा था। कुलेश्वरी बताती है कि, मिट्टी और घासफूस से ढंके खपरे का घर होने के कारण बरसात के दिनों में पानी का टपकना, जमीन में नमी आ जाना, दीवारों में सीलन व कई अन्य प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन आज सरकार ने उसके इस सपने को पूरा किया जिसके लिए उसने राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार का भी आभार व्यक्त किया। कुलेश्वरी को अलग-अलग किश्तों के माध्यम से 2 लाख 19 हजार 890 रूपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई, जिससे उसका सपना पूरा हुआ और उनका पूरा परिवार चिंतामुक्त हो गया।

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छत्तीसगढ़

Khelo India Tribal Games 2026 : छत्तीसगढ़ में नेशनल रेसलिंग का आगाज़! 144 रेसलर्स, 4 दिन और कड़ा मुकाबला, जानें कब और कहाँ देख सकेंगे लाइव

अंबिकापुर में 28 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की कुश्ती स्पर्धा शुरू होगी, जिसमें देशभर के 144 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। आयोजन का लाइव प्रसारण DD Sports पर किया जाएगा।

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रायपुर : Khelo India Tribal Games 2026 देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की कुश्ती स्पर्धा का मेजबानी कर रहा है। सरगुजा जिले का हृदय स्थल अम्बिकापुर एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 28 मार्च से कुश्ती (रेसलिंग) स्पर्धा का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है, जिसमें पुरुष और महिला वर्ग में कुश्ती के रोमांचक मुकाबले होंगे।। स्थानीय गांधी स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय समागम में देश के अलग-अलग राज्यों के जनजातीय खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा और शारीरिक कौशल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सुदूर वनांचलों में छिपी जनजातीय खेल प्रतिभाओं को मंच देना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। अंबिकापुर में होने वाले मुकाबले स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे और उन्हें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करेंगे।

Ambikapur Wrestling Competition देशभर की प्रतिभाओं का जुटेगा महाकुंभ

इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, झारखंड, असम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, गुजरात, ओडिशा, मिजोरम, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मेजबान छत्तीसगढ़ सहित कुल 144 रेसलर्स (पुरुष एवं महिला) हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन जनजातीय युवाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने की दिशा में एक स्वर्णिम अवसर प्रदान करेगा। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यहां 28 से 31 मार्च तक पुरुष और महिला वर्ग में कुश्ती के रोमांचक मुकाबले होंगे.

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DD Sports Live Wrestling चार दिवसीय रोमांच- तीन चरणों में होंगे मुकाबले

28 मार्च से शुरू होकर 31 मार्च तक चलने वाले इन मुकाबलों को प्रतिदिन तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए सुगमता बनी रहे, प्रथम चरण प्रातः 8 बजे से 9 बजे तक, द्वितीय चरण प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक, तृतीय चरण सायं 4 बजे से खेल समाप्ति तक आयेाजित किए जाएंगे। अंबिकापुर में होने वाले मुकाबले स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे और उन्हें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करेंगे।

डी डी स्पोर्ट्स पर लाइव प्रसारण

इस भव्य आयोजन को भारत के जनजातीय खेल, छत्तीसगढ़ मा सुंदर मेल की प्रेरणादायी टैगलाइन के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। खेल प्रेमियों के उत्साह को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। गौरव की बात यह है कि इस आयोजन का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स और प्रसार भारती पर किया जाएगा, जिससे दुनिया भर के दर्शक सरगुजा की धरती पर हो रहे इस महाकुंभ को लाइव देख सकेंगे।

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तैयारियां पूर्ण, खिलाड़ियों का स्वागत खेल विभाग द्वारा खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। सरगुजा अब अपनी पारंपरिक संस्कृति के साथ-साथ देश को नई खेल ऊर्जा देने के लिए तैयार है। देशभर से आने वाले खिलाड़ी और अधिकारी छत्तीसगढ़ की ‘अतिथि देवो भव’ परंपरा का अनुभव कर सकें।

सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

प्रश्न 1: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की कुश्ती स्पर्धा कहां होगी?

उत्तर: अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित होगी।

प्रश्न 2: कितने खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं?

उत्तर: देशभर से 144 पुरुष और महिला खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

प्रश्न 3: मुकाबले कहां देखे जा सकते हैं?

उत्तर: DD Sports और Prasar Bharati पर लाइव प्रसारण होगा।

 

 

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छत्तीसगढ़

Dhamtari Suicide News: धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम छोटी करेली में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक नवविवाहिता की फांसी पर लटकी लाश घर के अंदर मिली। मृतका की पहचान 23 वर्षीय नूतन दीवान के रूप में हुई है।

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Dhamtari Suicide News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम छोटी करेली में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक नवविवाहिता की फांसी पर लटकी लाश घर के अंदर मिली। मृतका की पहचान 23 वर्षीय नूतन दीवान के रूप में हुई है। युवती की शादी महज 13 दिन पहले ही हुई थी। नूतन मूल रूप से फिंगेश्वर क्षेत्र के खैरझिटी गांव की रहने वाली थी और शादी के बाद अपने ससुराल छोटी करेली में रह रही थी।

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि घटना से ठीक पहले पति और पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था (Dhamtari Suicide News) और इसी के बाद नूतन ने घर के अंदर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही मगरलोड पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

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पुलिस कर रही मामले की जांच

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। खास तौर पर यह जानने की (Dhamtari Suicide News)  कोशिश की जा रही है कि पति-पत्नी के बीच आखिर विवाद किस बात को लेकर हुआ था, लेकिन सवाल ये है कि, शादी के महज 13 दिन बाद ही ऐसा क्या हुआ? जिसने एक नई जिंदगी को खत्म कर दिया। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा।

 

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बिलासपुर को मिली नई सौगात

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Chouksey College of Ayurved Research Center & Hospital

बिलासपुर। क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। Chouksey Group of Colleges के अंतर्गत नया Chouksey College of Ayurved Research Center & Hospital अब राष्ट्रीय आयुर्वेद आयोग (NCISM), नई दिल्ली से संबद्ध हो गया है।

यह उपलब्धि बिलासपुर के लिए गौरव की बात है, क्योंकि अब जिले को अपना पहला और एकमात्र निजी बीएएमएस (BAMS) कॉलेज मिल गया है।

कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि इस वर्ष होने वाली काउंसलिंग में चौकसे आयुर्वेद कॉलेज में NEET 2025 के आधार पर प्रवेश (Admission) दिए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद शिक्षा एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

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ज्ञात रहे कि इस वर्ष Chouksey Group के इंजीनियरिंग कॉलेज में बिलासपुर संभाग में सर्वाधिक प्रवेश (Admissions) हुए हैं। साथ ही डिग्री पाठ्यक्रमों जैसे B.Com, Law, BBA, BCA, PGDCA की सभी सीटें भी पूर्ण रूप से भर गई हैं। यह विद्यार्थियों के बीच चौकसे ग्रुप की बढ़ती लोकप्रियता और विश्वास को दर्शाता है।

चौकसे ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के प्रबंध निदेशक डॉ. आशीष जायसवाल ने कहा —
“हमारा संकल्प विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। बिलासपुर में पहला निजी बीएएमएस कॉलेज खुलना न केवल विद्यार्थियों बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। हमें विश्वास है कि यह कॉलेज आयुर्वेद शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।”

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