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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा में शीत सत्र के दौरान अवैध कब्जे का मुद्दा गूंजा, दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि

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रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार 16 दिसंबर से शुरू हुआ। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन में प्रश्नकाल शुरू हुआ।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू हो गया। सदन में प्रश्नकाल के दौरान बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने बिलासपुर जिले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि, जिले के कई जगहों की भूमि पर अवैध कब्जा हुआ है।

जवाब में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि, 2021 से 2024 के बीच सरकारी भूमि पर कब्जे की 563 शिकायतें मिली हैं। सुशांत शुक्ला ने कहा कि, कितने अफसरों पर कार्यवाही हुई। इस पर जवाब देते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि, अभी पट्टे का वितरण नहीं हुआ है। पिछली सरकार में गलत ढंग से गलत पट्टा बंटा हो तो उसकी जांच कराएंगे। विधायक धरमजीत सिंह ने कहा कि, सरकारी जमीन पर अफरा-तफरी हुई है। राजस्व मंत्री टंक राम ने कहा कि, शिकायतों की जांच कलेक्टर से कराएंगे।

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दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि

वहीं सदन के शुरुआत में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। डिप्टी सीएम अरुण साव ने स्व. गोपाल व्यास को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि, उनका जाना हम सबके लिए अपूर्णीय क्षति है। उनका जीवन सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक रहेगा। डॉ. चरण दास महंत ने दिवंगत गोपाल व्यास, नंदाराम सोरी को श्रद्धांजलि दी। बीजेपी प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन सत्र की कार्यवाही देखने पहुंचे हैं।

कार्यमंत्रणा समिति की हुई बैठक

इसके बाद कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि, आज सत्र में पांच विधेयक पेश किए जाएंगे। द्वितीय अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, दिसंबर का सत्र ऐतिहासिक सत्र के रूप में माना जाएगा। 24 साल की यात्रा अब 2025 में प्रवेश करेगी। रजत जयंती वर्ष की शुरुआत की यह पहली बैठक है। साल भर विविध कार्यक्रम होंगे। शुक्रवार, शनिवार को छात्रों के अवलोकन के विस खोला जाएगा। अगला शीतकालीन सत्र नए विधानसभा में होगा। बजट सत्र में राष्ट्रपति को बुलाने की तैयारी है।

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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