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छत्तीसगढ़

नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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नाम गिरफ्तार आरोपी:-

  1. यशवंत सोनवानी पिता संतोष सेानवानी उम्र 23 वर्ष सा. ग्राम पोंछ थाना बलौदा जिला जांजगीर-चाम्पा हाल मु. रामा लाईफ सिटी मकान नम्बर डी-57 थाना सकरी।
  2. आशुतोष मिरी उर्फ सोनू पिता संतोष मिरी उम्र 22 वर्ष सा. गणेश नगर चुचुहियापारा थाना सिरगिट्टी जिला बिलासपुर।

संक्षिप्त विवरण:

इस प्रकार है कि प्रार्थी राजा खाण्डे एवं अन्य 12 लोगो के द्वारा थाना सकरी में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि यशवंत सोनवानी नामक व्यक्ति जो कि अपने आप को स्पेशल ब्राच का इन्सपेक्टर बताते हुये अपने आप को माननीय उच्च न्यायालय में अच्छी जान पहचान होना बताकर छत्तीसगढ हाईकोर्ट बिलासपुर में सहायक ग्रेड 2 व 3 आफिस बाबू पद हेतु भर्ती निकली है कहकर सभी प्रार्थीगण से उनसे अंकसुची, फोटो, आधार कार्ड लेकर लगभग 60 से 65 लाख रूपये की धोखाधडी कर पैसे ले लिये है एवं आरोपी द्वारा उन्हे फर्जी उच्च न्यायालय के तरफ से जारी नियुक्ति आदेश पत्र दिया गया है प्रार्थीगण की रिपोर्ट पर आरोपी यशवंत सोनवानी एवं अन्य के विरूद्ध थाना सकरी में अपराध क्रमांक 328/21 धारा 420, 467, 468, 120 बी भा.द.वि. के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था|

प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध होने के तत्काल उपरांत ही मामले को गंभीरता से लेते हुये त्वरित कार्यवाही हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक झा ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश कश्यप एवं नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन स्नेहिल साहू को निर्देशित किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय से मिले आदेश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश कश्यप के द्वारा एक विशेष टीम का गठन कर आरोपीयों की पतासाजी एवं उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने हेतु किया गया।

जिसमें सायबर सेल से निरीक्षक कलीम खान, प्रदीप आर्या, उप निरीक्षक प्रभाकर तिवारी, मनोज नायक, आरक्षक मुकेश वर्मा, तदबीर पोर्ते, संतीश भारद्वाज, सोनू पाल, विकास राम एवं थाना सकरी से वर्तमान प्रभारी उप निरीक्षक के.बी. परिहार, स.उ.नि. जितेश सिंह, स.उ.नि. के.एस. राजपूत आरक्षक अभीजित डाहिरे की संयुक्त टीम गठन कर अलग अलग क्षेत्रो में आरोपी की पतासाजी हेतु रवाना किया। इस बीच आरोपी यशवंत सोनवानी के संबंध में सायबर सेल की एक टीम को तकनीकी जानकारी प्राप्त हुई कि आरोपी राजनांदगांव में ट्रांसपोर्ट नगर ममता नगर में होना पाया जा रहा है सूचना की तस्दीकी हेतु एक टीम राजनांदगांव रवाना किया गया टीम के द्वारा अलग अलग स्थानो में अपने आप को बचाने के लिये छिप रहे मुख्य आरोपी यशवंत सोनवानी को घेराबंदी कर पकडा गया आरोपी यशवंत सोनवानी को लेकर बिलासपुर लाया गया। आरोपी यशवंत सोनवानी से पुछताछ के साथ ही अन्य आरोपी आशुतोष मिरी को उसके निवास स्थान चुचुहियापारा से लाकर गिरफ्तार किया गया |

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आरोपीगणो का पृथक-पृथक मेमोरण्डम लिया गया एवं वारदात के तरीको के संबंध में पृथक पृथक जानकारी ली गई आरोपी यशवंत सोनवानी द्वारा बताया गया कि उसने हाई कोर्ट वेबसाईट में जाकर सर्च कर रहा था तब मुझे पता चला कि छत्तीसगढ हाईकोर्ट बिलासपुर में सहायक ग्रेड 2 व 3 आफिस बाबू पद हेतु भर्ती निकली थी जो उक्त भर्ती केंसिल हो गयी थी जो उक्त भर्ती की विज्ञप्ति हाईकोर्ट वेबसाईट से डाॅउनलोड कर प्रिंट कर मै उक्त भर्ती कराने के नाम पर लोगो से पैसा कमाने की योजना अपने दोस्त आशुतोष मिरी के साथ बनाया और सबसे पहले मै हाईकोर्ट छत्तीसगढ बिलासपुर के वेबसाईट से उक्त आदेश की काॅपी अपने लैपटाॅप प्रिंटर से प्रिंट करने के बाद रामालाईफ सिटी सकरी में गार्ड, ईलेक्ट्रीश्यन की नौकरी करने वाले राजा खाण्डे एवं अजय खाण्डे को हाईकोर्ट बिलासपुर में पुलिस सब इन्सपेक्टर के पद पर कार्यरत हुॅ बताकर अपना फर्जी आई. कार्ड दिखाकर उन्हे हाईकोर्ट में सहायक ग्रेड 2 व 3 आॅफिस बाबू में भर्ती कराने का झांसा देकर उनसे ढाई लाख रूपये नगदी व फोन-पे, अकांउट पे के माध्यम से लिया इसी तरह अजय लहरे से 2 लाख, भुपेन्द्र जांगडे से 2 लाख, मुकेश कश्यप से 1 लाख 20 हजार, युवराज बघेल से 4 लाख 90 हजार सलील भास्कर से 2 लाख 60 हजार, अमरदास कुर्रे से 30 हजार, सुर्या सोनवानी से 2 लाख 50 हजार, कृत कुमार खाण्डे, इन्द्र खाण्डे, विकास सोनवानी से 9 लाख, विजेन्द्र साहू से 3 लाख, लक्ष्मीनारायण साहू से 3 लाख, हिमांशु सोनवानी से 3 लाख 50 हजार, दिलेश्वर भारद्वाज से 3 लाख, दिलहरण बंजारे से 3 लाख 50 हजार, विजय कौशिक से 6 लाख 50 हजार, आशीष राजपूत से 4 लाख 50 हजार, राकेश से 1 लाख 50 हजार, जोस्वा जाॅन से 6 लाख 80 हजार, जुलियट दास व अमन सिंह से 10 लाख, विपीन से 2 लाख 70 हजार रूपये लिया। उक्त सभी लोगो को छत्तीसगढ हाईकोर्ट बिलासपुर में नौकरी लगाने के नाम पर झांसा देकर धोखाधडी कर मेरे द्वारा कुल रकम 70 से 75 लाख रू. लगभग लिया हुॅ। ।

आरोपी यशवंत ने बताया कि छत्तीसगढ हाईकोर्ट बिलासपुर के वेबसाईट में जाकर अपने लैपटाॅप व मोबाईल फोन मे छत्तीसगढ हाईकोर्ट का नियुक्ति आदेश का पी.डी.एफ. डाॅउनलोड कर पी.डी.एफ. को वर्ड फाईल में कन्वर्ट कर एडिट कर नाम बदल कर सभी को अलग अलग छत्तीसगढ हाईकोर्ट बिलासपुर का फर्जी नियुक्ति आदेश फर्जी सील तैयार कर उच्च न्यायालय के अधिकारियों के आदेश का हस्ताक्षर स्कैन कर एवं अपने हेण्डराईटिंग से नियुक्ति पत्र तैयार कर फर्जी सील लगाकर दिया था जब उक्त लोगो का नौकरी ज्वाईन नही हुआ तो वे सभी अपने-अपने पैसे की मांगने लगे तो मै अपना मोबाईल बंद कर बिलासपुर से भागकर इधर-उधर लूक-छिप रहा था। मेरे द्वारा उपरोक्त सभी लोगो को योजना बनाकर धोखाधडी कर कुछ रकम फोन पे में कुछ रकम अपने बैंक खाते में एवं बाकी रकम नगद प्राप्त किया हुॅ जो कुल लगभग 70 से 75 लाख रूपये है।

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आरोपी द्वारा उक्त कृत्य के लिये उच्च न्यायालय के कार्मिक अधिकारी का एक फर्जी मुहर एवं फर्जी सील भी तैयार किया था आरोपी द्वारा माननीय न्यायालय के नाम एवं तत्कालिक रजिस्ट्रार जनरल के नाम एवं हस्ताक्षर से तैयार नियुक्ति पत्र को स्कैन कर अपने घर पर रखना बताया आरोपी यशवंत सोनवानी से फर्जी तरिके से तैयार नियुक्ति आदेश पत्र, दस्तावेज, फर्जी परिचय पत्र, नकली सील मूहर, दस्तावेज तैयार हेतु प्रयुक्त लैपटाॅप एवं सैमसंग मोबाईल नगदी रकम लगभग 15 लाख रूपये एवं आरोपी आशुतोष मिरी से 55 हजार रूपये नगद बरामद किया गया है। आरोपीगण पीडित लोगो को हाईकोर्ट के बाहर ले जाकर और वहाॅ पर आशुतोष मिरी को हाईकोर्ट का बाबू है कहकर पहचान कराते थे आरोपी आशुतोष मिरी उन्हे उच्च न्यायालय के बाहर से मिलाता था एवं रूको कहकर कुछ देर में फर्जी नियुक्ति आदेश पत्र लाकर देता था आरोपी यशवंत सोनवानी द्वारा इस दौरान सोशल मिडिया का भी भरपुर उपयोग किया गया जिसमें उसने विभिन्न पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से पहचान एवं मित्रता सहित अच्छे संबंध होना बताकर एवं उन्के फोटो दिखाकर उन्हे प्रभावित करता था आरोपी द्वारा इस दौरान कुछ फोटो वर्दी में खिंचाकर रख लिया था जिसका दुरूपयोग भी पीड़ित लोगो को प्रभावित करने में करता रहा है इस दौरान आरोपी द्वारा एक उप निरीक्षक रैंक की वर्दी पर एक फर्जी परिचय पत्र भी तैयार किया गया था एवं कई लोगो को उच्च न्यायालय का सुरक्षा अधिकारी का रौब भी दिखाता था, जिसका उपयोग पीड़ित लोगो को प्रभावित करने में किया जाता रहा है। आरोपी द्वारा अपने काॅन्टेक्ट लिस्ट में अपने दोस्तो का नाम कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, मजिस्ट्रेट के नाम से दर्ज कर रखा था जो पीड़ित लोगो को दिखाकर उनको झांसे में लेता था।

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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