छत्तीसगढ़
कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक, गिरदावरी का कार्य प्राथमिकता से करने के दिए निर्देश

बिलासपुर। कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर ने आज आयोजित समय-सीमा की बैठक में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत् धान के बदले अन्य फसल एवं वृक्षारोपण करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने त्रुटि रहित गिरदावरी का कार्य प्राथमिकता से करने कहा। बाढ़ जैसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा की।
मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत् जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली है। यदि वे धान की फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हंै तो उन्हें आगामी तीन वर्षाें तक प्रति वर्ष 10,000 रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस संबंध में उन्होंने चिन्हांकित किसानों के बारे में जानकारी प्राप्त की। मानसून के दौरान बाढ़ जैसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए। इस हेतु सभी विकासखण्ड एवं नगर पंचायतों में भवन का चयन कर अन्य आवश्यक इंतजाम करने कहा। कलेक्टर ने गिरदावरी के कार्य को प्राथमिकता के साथ त्रुटि रहित करने के निर्देश दिए। इसके लिए सतत रूप से पटवारियों की निगरानी करने कहा। गोधन न्याय योजना में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर जरूरी चिकित्सा व्यवस्था करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। हमर लैब योजना के तहत् लैबों को सुव्यवस्थित एवं अपग्रेड करने कहा। सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना की भी समीक्षा की। खाद एवं बीज उपलब्धता की जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों से ली। कलेक्टर ने राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए विशेष शिविर आयोजित कर प्रकरणों को निपटाने कहा। जाति प्रमाण पत्र के लिए भी शिविर आयोजित करने कहा। बैठक में कलेक्टर ने हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों को सकरी, बेलगहना, रतनपुर तहसील कार्यालय का कार्य शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने लोक सेवा गांरटी एवं टीएल के लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की।
बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर श्री बी.एस.उइके, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हैरीश एस, वनमण्डलाधिकारी श्री कुमार निशांत, नगर निगम कमिश्नर श्री अजय त्रिपाठी, सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















