छत्तीसगढ़
चखना बहुत जरुरी हैं भाई! TI शनिप रात्रे के रीडर तक नही पहुँचा चखना, तो कांस्टेबल को पेट्रोलिंग ड्यूटी से से बाहर… जानिए पूरा ममला

बिलासपुर। बिलासपुर SP के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद एसपी दीपक झा ने ज़िले के पत्रकारों के साथ हुई सौजन्य मुलाकात में ये बात कही थी कि पुलिस की छवि बेहतर करने की दिशा में ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे लेकिन शहर के कुछ थानेदारों की हरकतें बिलासपुर पुलिस की छवि को मटियामेट किए जा रही हैं।
शहर के सिविल लाईन थाने में ऐसी ही एक शर्मनाक घटना फिर सामने आई है। सिविल लाईन थाने के टीआई हैं शनिप रात्रे और उनके रीडर हैं दिनेश कांत। टीआई साहब रीडर महोदय पर इतने महारबान हैं कि क्या ही कहिए। सूत्रों से मालूम चला है कि टीआई के चहेते रीडर दिनेश कांत थाने के पेट्रोलिंग स्टाफ से जबरन दारू और चखना मंगवाते हैं, जो स्टाफ इनकी ये अनैतिक डिमांड पूरी नहीं करता है उसे तुरंत ही पेट्रोलिंग की ड्यूटी से हटा दिया जाता है।
सूत्रों ने ये बताया है कि थानेदार के चहेते लोगों का दुस्साहस इस हद तक बढ़ा हुआ है कि ये सिविल लाईन थाने के पास ही एक स्कूल के ग्राउंड में बैठकर शराबखोरी करते हैं और पेट्रोलिंग के स्टाफ को दारू और चखना पहुँचाने का ऑर्डर देते हैं। ज़ाहिर सी बात है कि इतना दुस्साहस टीआई साहब का संरक्षण मिले बिना तो नहीं आ सकता।
टीआई साहब की दूसरी शर्मनाक हरकत भी जान लीजिए
आपको याद होगा कुछ समय पहले तखतपुर में 9 टन गांजा ज़ब्त किया गया था। उस कारवाई के बाद पेट्रोलिंग ड्यूटी में लगे एक आरक्षक की कॉल डीटेल निकलवाई गई तो मालूम चला कि आरक्षक ने गांजा डीलर से एक महीने में 30 से ज़्यादा बार फोन पर बात की थी। गांजा डीलर से सांठगांठ होने की आशंका के चलते उसे पेट्रोलिंग ड्यूटी से हटा दिया था। लेकिन…
जैसे ही शनिप रात्रे महोदय ने सिविल लाईन के टीआई का पद सम्हाला उन्होंने तुरंत ही गांजा डीलर से सांठगांठ रखने की शंका में पेट्रोलिंग से हटाए गए इस आरक्षक को वापस पेट्रोलिंग की ड्यूटी में लगा दिया।
ये बात भी गौर करने वाली है कि गांजा डीलर से सांठगांठ रखने की शंका में पेट्रोलिंग से हटाया गया ये आरक्षक पहले सरकंडा थाने में पदस्थ था और शनिप रात्रे भी पहले सरकंडा थाने के टीआई थे।
थाने को टीआई चला रहे हैं या रीडर?
टीआई साहब की इन अनैतिक हरकतों के दो मतलब निकाले जा सकते हैं पहला ये कि पेट्रोलिंग स्टाफ से दारू और चखना मंगवाने वाले रीडर पर वे उसके अनैतिक आचरण को जानते हुए भी महरबान हैं तो इसका मतलब थाने को रीडर साहब चला रहे हैं न कि टीआई साहब। तो रीडर को ही थाने का प्रभार क्यूँ न सौंप दिया जाए?
और दूसरी बात ये कि टीआई साहब को रीडर के इस आचरण के बारे में कुछ मालूम ही न हो। अगर टीआई साहब को कुछ मालूम ही नहीं है तब तो ये टीआई साहब के लिए और भी शर्म की बात है।
टीआई साहब को हिस्सा मिलता है?
गांजा डीलर से सांठगांठ रखने की शंका में पेट्रोलिंग से हटाए गए आरक्षक को फिर से पेट्रोलिंग ड्यूटी में लगा देने के टीआई साहब के निर्णय के भी दो मतलब हो सकते हैं पहला ये कि गांजे के अवैध कारोबार की मलाई शायद इनके पास भी पहुँचती होगी या दूसरा मतलब ये कि हो सकता है टीआई साहब को इस बारे में कुछ मालूम ही न हो। लेकिन अगर टीआई साहब को कुछ मालूम ही नहीं है तो ये स्थिति तो किसी भी टीआई के लिए बहुत शर्म की बात है। तो क्या ये मान लें कि सिविल लाईन थाना भगवान भरोसे चल रहा है?
पुलिस की छवि को मटियामेट करने में पूरी तन्मयता से जुटे टीआई और उनके रीडर की ऐसी अनैतिक मनमानियां एसपी दीपक झा की साफ़ सुथरी छवि को भी ख़राब कर रही हैं।
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















