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छत्तीसगढ़

निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2022 के लिए दिया गया गहन प्रशिक्षण

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निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2022 के लिए दिया गया गहन प्रशिक्षण

बिलासपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2022 (अर्हक तिथि 1 जनवरी 2022) हेतु जिले के 06 विधानसभा क्षेत्रों के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, कम्प्यूटर आॅपरेटर सहित जिले के पांचों अनुविभागों के अनुविभागीय अधिकारियों को गहन प्रशिक्षण दिया गया। निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण के पूर्व 9 अगस्त 2021 से 31 अगस्त 2021 तक डुप्लीकेट एंट्री एवं लाॅजिकल एरर ठीक करना, बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन और मतदान केन्द्रों का युक्तियुक्तकरण किया जाना है। इसी प्रकार पुनरीक्षण गतिविधियों के अतंर्गत 1 नवम्बर 2021 तक ड्राफ्ट नामावली प्रकाशन, 20 दिसम्बर 2021 तक दावा आपत्ति निराकरण एवं 05 जनवरी 2022 को नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

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जिला स्तरीय मास्ट्रर ट्रेनर शैलेश कुमार पाण्डेय द्वारा पुनरीक्षण के पूर्व एवं पुनरीक्षण के दौरान की जाने वाली गतिविधियों के संबंध में गहन प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें मतदान केन्द्रों का युक्तियुक्तकरण, बीएलओ द्वारा डोर टू डोर सत्यापन, दोहरी एंट्री को हटाया जाना, अनुपूरक नामावलियों की तैयारी प्रपत्र 6, 7 एवं 8 को भरने की प्रक्रिया, दावा आपत्तियों का निराकरण, बीएलओ, अभिहित अधिकारी तथा सुपरवाइजर के मध्य कार्य विभाजन आदि के बारे में बताया गया। इसी तरह फार्म 16 में नामावाली का अंतिम प्रकाशन, प्रवासी मतदाता, सर्विस वोटर, क्या करें क्या न करें आदि का विस्तार से प्रशिक्षण दिया। अंत में उपस्थित प्रतिभागियों का 40 प्रश्नों का टेस्ट लिया गया तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।
इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी अमित गुप्ता, एस के दुबे, टी डी टंडन मास्टर ट्रेनर, प्रोगामर कोमल देवांगन, निर्वाचन पर्यवेक्षक राय उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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