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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: महिला स्व-सहायता समूहों पर बकाया 12.77 करोड़ रूपए का ऋण होगा माफ

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रायपुर, 7 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में महिला स्व-सहायता समूहों पर बकाया 12.77 करोड़ रूपए के ऋण को माफ करने का फैसला किया है।

राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को यहां बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास पर आयोजित तीजा-पोरा त्यौहार (हरितालिका तीज और पोला) के अवसर पर महिला समूहों के पुराने ऋणों को माफ करने की घोषणा की है, जिससे वह फिर से ऋण लेकर नई आर्थिक गतिविधियां शुरू कर सकें।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही महिला कोष से महिला समूहों को प्रति वर्ष दिए जाने वाले ऋण के बजट में भी पांच गुना वृद्धि की करते हुए महिला कोष के बजट की राशि दो करोड़ रूपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रूपए करने की घोषणा की है।

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मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों के साथ न्याय करने में जुटी है। किसानों की कर्ज माफी और सिंचाई कर की माफी से राज्य में न्याय की शुरूआत हुई। यह कड़ी आगे बढ़ते हुए राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण कृषि भूमिहीन मजदूर न्याय योजना के बाद आज महिलाओं को न्याय देने के उद्देश्य से ऋण माफी के रूप में सामने आई है।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री निवास में प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी तीजा-पोरा का त्यौहार परम्परागत तरीके से मनाया गया। मुख्यमंत्री निवास को मायका मान कर राज्यभर की माताएं-बहनें त्यौहार मनाने पहुंचीं। मुख्यमंत्री ने तीजा-पोरा मनाने पहुंची सभी महिलाओं का स्वागत करते हुए उन्हें परंपरा के अनुसार उपहार भेंट किए। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में राज्य के अन्य मंत्रियों के साथ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी मौजूद थे।

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गौरतलब है कि राज्य में मुख्यमंत्री पद के कथित रूप से ढाई-ढाई वर्ष के बंटवारे की चर्चा के बाद बघेल और सिंहदेव के बीच अनबन की खबरें थीं। पिछले दिनों दोनों नेताओं ने नई दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं से मुलाकात की थी।

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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