छत्तीसगढ़
बिलासपुर: अभाविप महनगर नवीन कार्यकारिणी का गठन

बिलासपुर: कल दिनांक 28 /11/2021को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिलासपुर महानगर इकाई की नवीन कार्यकारिणी गठन का कार्यक्रम संजीवनी हॉस्पिटल में रखा था,जिसमे अभाविप की परंपरा के अनुसार नवीन कार्यकरिणी का गठन अभाविप के स्थापना दिवस 9 जुलाई को ही बड़े धूमधाम से एक पर्व के रूप में मनाया जाता है परन्तु इस वर्ष कोरोना से उपजे हालातों को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम संक्षिप्त रूप में आज संपन्न हुआ.
कार्यकारिणी गठन के इस मौके पर अभाविप प्रांत उपाध्यक्ष अमित बघेल सर, प्रांत सह संगठन मंत्री महेश साकेत जी नगर अध्यक्ष जी राजू सर महानगर मंत्री आयुष तिवारी विकाश पांडेय सर संतोष सोनी सर शैलेंद्र दिवेदी सर अमित सर विशेष रूप से उपस्थित रहे. इस अवसर पर पहले चुनाव अधिकारी के द्वारा महानगर की पुरानी कार्यकारिणी भंग की गयी और इसके बाद नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गयी जिसमे महानगर अध्यक्ष के रूप में राजू गोसाला सर जी महानगर मंत्री हिमांशु कौशिक का नियुक्ति हुईं।
इस मौके पर विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए महेश साकेत जी ने कहा कि “अपने स्थापना काल से ही विद्यार्थी परिषद का ध्येय युवाओं में व्याप्त अपरिमित शक्ति का सदुपयोग करते हुए उस ऊर्जा को सकरात्मक तरीके से राष्ट्र निर्माण में लगाना रहा है, और देश के अंदर राष्ट्रवादी विचारों का प्रचार प्रसार रहा है. विद्यार्थी परिषद का यह सुविचारित मत रहा है कि छात्र कल का नहीं बल्कि आज का नागरिक है और उसका देश के प्रति, देशवासियों के प्रति कुछ जिम्मेदारियां है जिसका निर्वहन वह विद्यार्थी परिषद में रहते हुए अच्छे से करता है. हमारे संस्कारों में रहा है कि शिक्षा जीवन के लिये है और जीवन वतन के लिये है, और जब भी हम कार्यकरिणी गठित करते हैं तो उस वक्त यह संकल्प भी लेते हैं कि हम तो निश्चित तौर पर राष्ट्रवाद को पूर्णतः समर्पित होंगे ही साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी इसी सकारात्मक दिशा पर अग्रसर करेंगे ” कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अमित बघेल ने कहा कि ” विद्यार्थी परिषद एकमात्र ऐसा छात्र संगठन है जो पद कि नहीं बल्कि दायित्वों की बात करता है और यह इसलिए क्योंकि हमारा मानना है कि हम जँहा कंही भी रहें पहले हमारे दायित्व आते हैं कि हमें क्या करना चाहिए या हम क्या कर सकते हैं जिससे कि संगठन के पुनीत लक्ष्य की प्राप्ति में सहायता पहुंचाई जा सके.
दूसरी बात है कि दायित्व से कर्त्तव्य जुड़ता है जबकि जब हम पद की बात करते हैं तो वह अधिकार की बात करता है, और विद्यार्थी परिषद सदैव से ही कर्त्वयों की बात करता है कि राष्ट्र के प्रति, समाज के प्रति, शिक्षा जगत के प्रति हमारे कर्त्तव्य क्या होने चाहिए क्योंकि जैसे ही हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं वह स्वतः ही किसी अन्य के अधिकार बन जाते हैं, इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर पूरी कार्यकारिणी आज से ही पुरे उत्साह के साथ राष्ट्रसेवा के कार्य में लग जाए.” कार्यक्रम में उपस्थित महानगर मंत्री जी ने नवीन कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा “दायित्ववान कार्यकर्ता का मतलब यह नहीं होता कि वह किसी कार्यकर्ता से अलग हो गया है या कुछ विशेष हो गया है, अपितु इसका तात्पर्य इतना मात्र है कि संगठन के कार्यों को सुनियोजित करने के लिये वह एक जरिया बन चुका है जैसे आप एक कार्यकर्ता हैं वैसे ही मैं भी एक कार्यकर्ता हूं फर्क बस इतना है कि आप महनगर के स्तर पर संगठन के कार्यों को सुनियोजित करते हैं और मैं प्रदेश के स्तर पर. हम सभी को एक दूसरे के साथ कन्धा से कन्धा मिलाकर काम करने की जरुरत है. ” और सभी कार्यकर्ता” इस कार्यक्रम में महानगर मंत्री हिमांशु कौशिक सहमंत्री शिवा , श्रेयष , भव्या , गजेंद्र साहू भाग संयोजक कुणाल मिश्रा आयुष शर्मा शुभम ठाकुर कार्यालय मंत्री प्रफुल , साक्षी , सोशल मीडिया प्रकाश , हर्ष , राष्ट्रीय कला मंच काव्या आर्या उपस्थित रहे मौजूद रहे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















