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छत्तीसगढ़ : धर्मांतरण के विरोध में भाजपा का पैदल मार्च, राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा

रायपुर, 11 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को जबरन धर्मांतरण के मुद्दे पर पैदल मार्च निकाला और इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के संरक्षण में लोगों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा है।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को यहां बताया कि पार्टी के नेताओं ने धर्मांतरण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार की अनदेखी के विरोध में आजाद चौक पर स्थित गांधी प्रतिमा से राजभवन (करीब चार किलोमीटर) तक पैदल मार्च निकाला और राज्यपाल अनुसुइया उइके को ज्ञापन सौंपा।
भाजपा नेताओं ने बताया कि आजाद चौक में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक तथा पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में राज्य के सभी वर्तमान और पूर्व सांसद, वर्तमान और पूर्व विधायक, कोर कमेटी के सदस्य तथा अन्य पदाधिकारी मुख्य मार्गों से राजभवन पहुंचे।
इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष साय ने आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस नीत सरकार आदिवासियों की संस्कृति दूषित करना चाह रही है। भोले-भाले आदिवासियों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों के खिलाफ शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। इससे आदिवासियों और परिवर्तित आदिवासी में संघर्ष की स्थिति बन रही है। जो भविष्य में कभी भी विकराल रूप ले सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि बस्तर से सरगुजा तक षड्यंत्र पूर्वक सरकार के संरक्षण में बलपूर्वक ईसाई मिशनरी धर्म परिवर्तन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसकी पराकाष्ठा दिखी जब थाने के अंदर मिशनरी कहते हैं कि धर्म परिवर्तन हम कर रहे हैं और करेंगे जिसमें हिम्मत हो रोक ले। मिशनरी संविधान का सम्मान न कर उसे जलाने की बात कह रहे हैं। यह साफ इंगित करता है कि उनके पीछे देश को अस्थिर करने वाली ताकतें काम कर रही है।’’
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि धर्मांतरण के मुद्दे पर इस सरकार से पहले भी कोई उम्मीद नहीं थी और जिस सरकार के मुखिया अपने परिजनों को एक जाति विशेष और भगवान के नाम पर अनर्गल वक्तव्य देने से नहीं रोक पा रहे हैं, वह सरकार बहुसंख्यक वर्ग के हितों की रक्षा नहीं कर सकती
भाजपा नेताओं ने बताया कि पार्टी ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वह राज्य की संवैधानिक प्रमुख होने के नाते जबरन/धोखा-धड़ी से धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें।
वहीं, राज्य में सत्तासीन कांग्रेस ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनता का भरोसा खो चुकी भाजपा धर्मांतरण के फर्जी मुद्दे उठा कर संजीवनी खोज रही है। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने आरोप लगाया, ‘‘छत्तीसगढ़ में जनता का भरोसा खो चुकी भाजपा धर्मांतरण का फर्जी मुद्दा उठा कर संजीवनी खोज रही है। प्रदेश की जनता भाजपा की कुचाल को समझ रही है। लोग जान रहे हैं जब-जब भाजपा विपक्ष में रहती मुद्दों के दिवालियेपन से जूझती है तब वह अपने अस्तित्व को बचाने के लिए धर्म की राजनीति शुरू कर देती है।’’
भाषा संजीव अर्पणा
अर्पणा
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















