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CG Live: मुख्य सचिव ने दिया अल्टीमेटम, कोविड संक्रमण के नियंत्रण के लिए करें बेहतर प्रबंधन, वेंटिलेटर, ICU,ऑक्सीजन बेड सहित स्वच्छता पर दें विशेष ध्यान

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज वर्चुअल बैठक के माध्यम से कोरोना संक्रमण और नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने प्रदेश के कलेक्टरों, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगर निगम आयुक्तों को बैठक में प्रदेश में कोविड संक्रमण के नियंत्रण के लिए बेहतर प्रबंधन के साथ काम करने के निर्देश दिए। अमिताभ जैन ने वर्तमान में कोरोना संक्रमण की प्रतिशत कम होने पर कलेक्टरों के बेहतर कार्य की सराहना की। उन्होंने कलेक्टरों को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समन्वय कर अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों में वेंटिलेटर, आईसीयू बेड सहित उपकरणों की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों एवं कोविड सेंटरों में सभी जरूरी दवाइयां उपलब्ध सुनिश्चित हो। बैठक में प्रदेश में वैक्सीनेशन की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव जैन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप वैक्सीनेशन में अंत्योदय और बीपीएल परिवारों को भी फ्रंटलाइन वारियर तथा अन्य लोगों के साथ प्राथमिकता देने के लिए कलेक्टरों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सीजी टीका ऐप तैयार किया गया है। इसके माध्यम से टीकाकरण के लिए सभी वर्गों का पंजीयन कराया जाना है। कल से होने वाले टीकाकरण को सीजी टीका एप के माध्यम से किया जाए। साथ ही वेब पोर्टल पर सभी आवश्यक जानकारी अपलोड किया जाना भी सुनिश्चित करें ताकि आम लोगों को टीकाकरण के लिए अनावश्यक रूप से लाइन लगना न पड़े।

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मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि आगामी 20 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के 6 जिले बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, बिलासपुर और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों से वीडियों कांफ्रेंसिग के माध्यम से सीधे संवाद करेंगे। इन जिलों में कोरोना संक्रमण से बचाव एवं नियंत्रण के उपायों सहित सभी अन्य जानकारी अद्यतन कर ली जाए। वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, स्वास्थ्य विभाग के सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव जैन ने कहा कि वर्तमान में कोरोना प्रकरणों का ट्रेंड डाउनवर्थ हो रहा है। विगत एक सप्ताह के कोरोना रिपोर्ट से कोरोना संक्रमण की दर में काफी कमी आई है। आज की स्थिति में कोरोना संक्रमण की दर 12 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से मरीजों की बेहतर देख भाल की जाए जिससे कि मरीज गंभीर स्थिति में न आए। उन्होंने टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने कोविड के साथ-साथ सभी शासकीय अस्पतालों में स्थायी रूप से वेंटिलेटर, आईसीयू और ऑक्सीजन बेड की संख्या बढ़ाया जाए, ताकि भविष्य में भी इसका उपयोग किया सके। उन्होंने शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने और शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन कराने पर बल दिया।

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. शुक्ला ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जैसे-जैसे हमें वैक्सीन प्राप्त होता जाएगा तत्काल जिलों को वैक्सीन उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने बताया कि सीजी टीका एप में पंजीयन के अनुरूप टीकाकरण के लिए सभी जिलों को पर्याप्त टीका भेज दी गई है। डॉ. शुक्ला ने बताया कि ऐसे परिवार जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है या ऐप में जानकारी दर्ज कराने के लिए सक्षम नहीं है, उनके लिए सभी टीकाकरण केंद्रों में टीकाकरण पंजीयन के लिए हेल्पडेस्क स्थापित किया जा रहा है। टीकाकरण के प्रति जागरूकता के लिए इन केंद्रों में सेल्फी जोन भी स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अभी समाप्त नहीं हुई है, हमें सतत् रूप से कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने के साथ-साथ सभी आवश्यक सावधानियां बतरना भी आवश्यक है। उन्होंने कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर के लिए भी कलेक्टरों को सभी आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए।

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बैठक में खरीफ फसल 2020-21 में उपार्जित धान के उठाव एवं मिलिंग की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि बारिश के मौसम के मद्देनजर समितियों और धान संग्रहण केन्द्रों में उपलब्ध धान का उठाव और शीघ्र मिलिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय पुल में चावल जमा करने के बाद बचे हुए धान को खुली निविदा के माध्यम से विक्रय करना सुनिश्चित करें।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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