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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ को चार हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों की दी जाए मंजूरी: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर, 15 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य में चार हजार किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों की मंजूरी देने की मांग की है।

राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को यहां बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव नागेन्द्र नाथ सिन्हा से मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए लगभग चार हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों की मंजूरी देने और ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए छत्तीसगढ़ को अधिक से अधिक संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

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अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ सिन्हा ने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव सिन्हा को छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों की जानकारी दी और कहा कि छत्तीसगढ़ तमिलनाडु और बिहार से बड़ा राज्य है। छत्तीसगढ़ में बसावट दूर-दूर स्थित हैं इसलिए बसावटों को सड़कों से जोड़ने के लिए लगभग चार हजार किलोमीटर सड़कों की मंजूरी दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत छत्तीसगढ़ को ज्यादा राशि उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार से भी जीएसटी सहित अन्य मदों में छत्तीसगढ़ को लगभग साढ़े चार हजार करोड़ रूपए की राशि मिलना शेष है। कोरोना संकट के कारण राजस्व में कमी आई है। उन्होंने इन परिस्थितियों में ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के लिए छत्तीसगढ़ को और अधिक संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

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अधिकारियों ने बताया कि सिन्हा ने मुख्यमंत्री के साथ प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर राज्य के ​वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

भाषा संजीव शफीक

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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