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बिलासपुर से छूटी ट्रेन रायपुर में भी नहीं रुकी! सीधे पहुंची दुर्ग, जाने क्या है मामला?

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बिलासपुर। रायपुर-बिलासपुर-दुर्ग के बीच 130 किमी की रफ्तार से ट्रेन चलाने के 6 माह लेट हो चुके प्रोजेक्ट की औपचारिक प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार को हुई, जब बिलासपुर से एक इंजन और एक पार्सल बोगी को समान रूप से 140 की रफ्तार से दौड़ा कर 1 घंटे 7 मिनट में रायपुर पहुंचा दिया गया. सुबह 11.12 बजे ट्रायल ट्रेन बिलासपुर से चली और दोपहर 12.19 बजे रायपुर पहुंच गई.

यही नहीं रायपुर में रुकने के बजाय ट्रेन को सीधे इसी स्पीड से दुर्ग रवाना किया गया और ठीक आधा घंटे (12.49 बजे) में ट्रेन दुर्ग स्टेशन पर लगी. अफसरों के मुताबिक यह एक तरह से जांच प्रक्रिया थी ताकि पता चले कि दुर्ग-रायपुर-बिलासपुर के बीच सेमी हाईस्पीड (130 किमी प्रति घंटा) ट्रेन चलाने में क्या बाधाएं आ सकती हैं और पटरियां उपयुक्त हैं या नहीं.

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माना जा रहा है कि इस ट्रायल रन के बाद प्रदेश में हाई स्पीड ट्रेन चलाने का लक्ष्य अगले छह माह में हासिल किया जा सकता है.

प्रदेश में सेमी हाईस्पीड ट्रेन चलाने का प्रोजेक्ट कोरोना व लॉकडाउन के कारण लेट चल रहा है. लेकिन 140 के स्पीड ट्रायल के बाद अब इस रूट पर ट्रेनों की गति बढ़ने की उम्मीद बढ़ी है.

मिली जानकारी के अनुसार पहली ट्रायल ट्रेन को बिलासपुर से अप लाइन पर दौड़ाया गया. रायपुर से दुर्ग के बीच भी वह इसी लाइन से गई. इसके बाद दुर्ग से रायपुर और फिर यहां से बिलासपुर डाउन लाइन से ले जाया गया.

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दरअसल उन शहरों के बीच तीन लाइनें हैं. तीसरी लाइन नई बनाई गई है और इसी पर ट्रेन इस स्पीड से गुजरी है. रेलवे अफसर इसे इसलिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं क्योंकि तीसरी लाइन पर ट्रेनों की स्पीड 160 तक करने की संभावना बन गई है.

गौरतलब है कि नागपुर से दुर्ग के बीच ट्रेनों की गति 130 तक कर दी गई है. अब दुर्ग से बिलासपुर तक स्पीड बढ़ जाने से लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी.

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WhatsApp में बड़ा बदलाव! अब पुराने मैसेज ढूंढना होगा आसान, जानें कैसे काम करेगा नया Search Shortcut

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Technology Desk : अगर आप WhatsApp की लंबी चैट में किसी पुराने मैसेज को खोजते-खोजते परेशान हो जाते हैं, तो जल्द आपकी यह परेशानी खत्म हो सकती है। WhatsApp iPhone यूजर्स के लिए एक ऐसे नए Search Shortcut की टेस्टिंग कर रहा है, जिसकी मदद से पुराने मैसेज खोजना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगा।

इस फीचर की खासियत यह है कि किसी मैसेज को सर्च करने के लिए बार-बार Chat Info में जाने की जरूरत नहीं होगी। चैट के अंदर ही सर्च का विकल्प मिल सकेगा।

चैट में ऊपर स्क्रॉल करते ही दिखेगा Search
WhatsApp के इस नए फीचर की जानकारी ऐप के नए अपडेट्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, iOS के लिए WhatsApp Messenger के वर्जन 26.36.74 में यह नया Search Shortcut कुछ चुनिंदा यूजर्स को दिखाई दिया है।

नए फीचर में जैसे ही यूजर किसी चैट में पुराने मैसेज देखने के लिए ऊपर की ओर स्क्रॉल करेगा, नेविगेशन बार के ठीक नीचे एक नया Search Control नजर आएगा।

इस पर टैप करते ही सर्च मोड खुल जाएगा। इसके बाद यूजर किसी कीवर्ड को टाइप करके चैट में मौजूद पुराने या किसी खास मैसेज को सीधे खोज सकेगा।

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Channels में भी काम आएगा नया फीचर
WhatsApp का यह शॉर्टकट सिर्फ चैट तक सीमित नहीं रहने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, इसे WhatsApp Channels में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।

किसी लंबे चैनल में पुराने अपडेट को ढूंढना फिलहाल काफी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इसके लिए यूजर्स को काफी पीछे तक स्क्रॉल करना पड़ता है। नए शॉर्टकट की मदद से पुराने अपडेट्स को सर्च करना आसान हो सकता है और इसके लिए चैनल की जानकारी वाले पेज पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पहले नीचे टेस्ट हो रहा था Search बटन
दिलचस्प बात यह है कि WhatsApp पहले इस फीचर को एक अलग तरीके से टेस्ट कर रहा था। WABetaInfo ने अगस्त में बताया था कि कंपनी चैट के निचले हिस्से में Search बटन की टेस्टिंग कर रही है।

अब नए टेस्ट वर्जन में इस शॉर्टकट की जगह बदल दी गई है। इसे चैट के ऊपर की तरफ रखा गया है और यह खास तौर पर तब दिखाई देगा, जब यूजर पुराने मैसेज देखने के लिए ऊपर स्क्रॉल करेगा।

जैसे ही यूजर वापस चैट के सबसे नए मैसेज तक पहुंचेगा, Search Shortcut के गायब होने की बात सामने आई है।

पुराने मैसेज खोजने में कम होंगे स्टेप्स
फिलहाल किसी WhatsApp चैट में खास मैसेज खोजने के लिए पहले Chat Info खोलना पड़ता है और फिर Search विकल्प पर जाना होता है। नए शॉर्टकट के बाद यह काम सीधे चैट स्क्रीन से किया जा सकेगा।

यानी लंबी पर्सनल चैट, ग्रुप या चैनल में किसी पुराने मैसेज को ढूंढने के लिए कम स्टेप्स और कम झंझट होगा।

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RSS ने OTT के ‘सांस्कृतिक प्रदूषण’ पर रोक के लिए बनाया पैनल, जानिए कौन-कौन पैनल में है शामिल…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर “सांस्कृतिक प्रदूषण” से निपटने के तरीकों पर सुझाव देने के लिए एक अनौपचारिक समूह बनाया है। यह कदम सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा OTT (ओवर-द-टॉप) कंटेंट को “नैतिक पतन” का कारण बताए जाने के लगभग दो साल बाद उठाया गया है। इस पैनल में शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े कई सदस्य शामिल हैं, जिनमें पूर्व वाइस-चांसलर और प्रचारक भी हैं।

RSS के एक सूत्र ने बताया कि कुछ महीने पहले बनाए गए इस पैनल की पहली बैठक पिछले महीने हुई थी। “यह एक अनौपचारिक समूह है और एक प्रस्ताव तैयार किया जाएगा जिसे अंततः केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और केंद्र सरकार के अन्य संबंधित पक्षों को सौंपा जाएगा, ताकि OTT प्लेटफॉर्म पर आ रही अश्लीलता से निपटा जा सके।”

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उन्होंने कहा, “हमें इस सांस्कृतिक प्रदूषण से निपटने के लिए सेंसर बोर्ड जैसी किसी चीज़ की ज़रूरत है, जो हमारे परिवारों और खासकर युवा पीढ़ी को प्रभावित कर रहा है।”

एक अन्य सूत्र ने कहा: “समूह के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन प्रस्ताव तैयार करने से पहले हमें कानून के क्षेत्र के लोगों के साथ भी व्यापक विचार-विमर्श करने की ज़रूरत है।”

भागवत ने 12 अक्टूबर, 2024 को नागपुर में अपने सालाना विजयादशमी भाषण में OTT कंटेंट पर निशाना साधा था। RSS प्रमुख ने तब कहा था, “OTT प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाने वाली चीज़ें इतनी घिनौनी होती हैं कि उनके बारे में बात करना भी अशोभनीय होगा… इसे कानून के ज़रिए रेगुलेट करने की ज़रूरत है क्योंकि यह नैतिक पतन के बड़े कारणों में से एक है।” उन्होंने समाज में कथित “विकृति” के लिए OTT प्लेटफॉर्म को जिम्मेदार ठहराया था।

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EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला: पीएफ पर बेसिक सैलरी लिमिट ₹15000 से बढ़ाकर 25 हजार की, 51 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा

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Modi Government Big Decision on EPF: कर्मचारी भविष्य निधि यानी ईपीएफ (EPF) को पर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मोदी सरकार ने PF के लिए बेसिक सेलरी लिमिट ₹15000 से बढ़ाकर ₹25 हजार कर दी है। अब कंपनियों को 25 हजार रुपए तक की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को PF के दायरे में शामिल करना ही होगा। मोदी कैबिनेट की बैठक में पीएफ पर बेसिक सैलरी लिमिट बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इससे 51 लाख कर्मचारियों को PF बचत और पेंशन का सीधा फायदा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि पहले 15 हजार रुपए से ज्यादा बेसिक सेलरी वाले कर्मचारियों का PF कटना या न कटना उनकी मर्जी पर डिपेंड करता था। नए आदेश से 25 हजार रुपए की लिमिट होने के बाद PF कटने से कर्मचारी की सेविंग बढ़ेगी और रिटायरमेंट पर बड़ा फंड मिलेगा। इस पर भारत सरकार का अनुमानित खर्च हर साल लगभग 11,339 करोड़ रुपये होगा।

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यहां एक बात यह भी समझना जरूरी है कि EPF में अनिवार्य योगदान की वेतन सीमा ₹15,000 ही रहेगी। यानी कंपनी और कर्मचारी का अनिवार्य EPF योगदान ₹15,000 तक की सैलरी के हिसाब से ही तय होगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और DA मिलाकर ₹20,000 है, तो उसे EPF में शामिल करना अनिवार्य होगा, लेकिन अनिवार्य योगदान ₹15,000 की सीमा तक ही होगा।

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