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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ : झीरम घाटी नक्सली हमले की रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपे जाने पर कांग्रेस को ऐतराज

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रायपुर,  (भाषा) कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई ने झीरम घाटी में मई 2013 के नक्सली हमले की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग के भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के बजाय राज्यपाल अनुसुइया उइके को रिपोर्ट सौंपने पर आपत्ति जताई। हमले में कांग्रेस के कई नेता मारे गए थे।

झीरम घाटी जांच आयोग के सचिव और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) संतोष कुमार तिवारी ने शनिवार को राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपी थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान 25 मई को हुए हमले के बाद छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आयोग का गठन 28 मई 2013 को किया गया था। न्यायमूर्ति मिश्रा अब आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘न्यायिक आयोग ने राज्य सरकार (कैबिनेट) के बजाय राज्यपाल को अपनी रिपोर्ट सौंपकर निर्धारित और स्वीकृत प्रक्रिया का उल्लंघन किया है। आम तौर पर जब भी जांच आयोग कानून के तहत न्यायिक आयोग का गठन किया जाता है, तो आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपता है।’’

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मरकाम ने यह भी सवाल किया कि आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने में आठ साल क्यों लगे। साथ ही उन्होंने कहा कि यह शोध का विषय है कि आयोग ने रिपोर्ट राज्य सरकार की जगह राज्यपाल को क्यों सौंपी।

आयोग के समक्ष कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले और संवाददाता सम्मेलन में मौजूद वकील सुदीप श्रीवास्तव ने दावा किया कि राज्यपाल को ऐसी रिपोर्ट पर कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है और इसे न्याय के हित में राज्य सरकार को भेजा जाना चाहिए।

इस बीच, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मलाल कौशिक ने पलटवार करते हुए सवाल किया कि राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपे जाने को लेकर कांग्रेस में इतनी ‘घबराहट’ क्यों है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए और कांग्रेस को रिपोर्ट के बारे में अपनी आपत्तियों को बताना चाहिए।

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छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले की झीरम घाटी में 25 मई 2013 को कांग्रेस की ‘परिवर्तन रैली’ के दौरान नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के एक काफिले पर हमला किया था, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के तत्कालीन प्रमुख नंद कुमार पटेल, विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल सहित 29 लोग मारे गए थे।

भाषा आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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