छत्तीसगढ़
1.36 करोड़ के इनामी 26 माओवादियों को ढेर कर लौटे जवान

जगदलपुर। छत्तीसगढ़- महाराष्ट्र बॉर्डर पर गढ़चिरौली में शनिवार को हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली। कमांडो फोर्स C-60 ने कुल 1.36 करोड़ के इनामी 26 माओवादियों को ढेर किया। इनमें 4 महिला माओवादी भी शामिल हैं। सभी की शिनाख्त हो चुकी है। 26 नक्सलियों के शव लेकर कमांडोज रविवार को गढ़चिरौली मुख्यालय लौटे। साथियों ने ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम का ढोल बजाकर स्वागत किया।
ऑपरेशन की पूरी विजय गाथा:
गढ़चिरौली सुरक्षाबलों को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्यारापट्टी के जंगल में कई हथियारबंद हार्डकोर इनामी माओवादी मौजूद हैं। इसी सूचना के आधार पर गढ़चिरौली के सी-60 कमांडोज की टीम को शनिवार की सुबह इसी इलाके में ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया था। जवान चारों तरफ से इस इलाके को घेर रहे थे। इस बीच सुनसान जंगल में नक्सलियों को कुछ चहल-पहल की आहट सुनाई पड़ी। ऊंचाई वाली जगह पर मौजूद नक्सलियों की नजर फोर्स पर पड़ी। जिसके बाद नक्सलियों ने फायर खोल दिया। कमांडो टीम ने भी नक्सलियों को मुहंतोड़ जवाब दिया।
जवाबी कार्रवाई में जवान एक के बाद एक नक्सलियों को ढेर कर आगे बढ़ते गए। नक्सलियों ने फोर्स पर कई UBGL भी दागे थे। दोनों तरफ से कुछ देर तक फायरिंग रुकी भी थी। तब तक टीम ने कई नक्सलियों को मार गिराया था। थोड़ी देर बाद फिर गोलीबारी शुरू हो गई। घने जंगल का सहारा लेकर कई बड़े नक्सली नेता भाग खड़े हुए। कईयों को गोली भी लगने की बात कही जा रही है। लगभग 10 घंटे तक चली इस मुठभेड़ में कमांडोज ने 26 नक्सलियों के शव बरामद किए और दूसरे दिन लौट आए।
मारे गए नक्सली:
मिलिंद उर्फ दीपक उर्फ जीवा- 50 लाख रुपए का इनाम। नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी का सदस्य था।
महेश उर्फ शिवाजी गोटा- 16 लाख रुपए का इनाम। यह नक्सली छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-सुकमा जिले की सरहद पर स्थित जगरगुंडा का निवासी था।
लोकेश उर्फ मंगू पोडयाम- 20 लाख रुपए का इनाम। बस्तर कंपनी कमांडर था।
जयमन और सन्नू पर 8-8 लाख रुपए का इनाम।
लच्छू और कोसा- 4-4 लाख रुपए का इनाम।
चेतन- 2 लाख रुपए का इनाम।
इसके अलावा कमांडोज ने 46 लाख के इनामी 7 माओवादी भी मारे। इनमें एक महिला माओवादी भी शामिल है, जिसकी हिस्ट्री खंगाली जा रही है।
सबसे खूंखार नक्सली मिलिंद भी मारा गया:
गढ़चिरौली एनकाउंटर में कमांडोज ने खूंखार नक्सली मिलिंद को भी मार गिराया है। इस पर 50 लाख रुपए का इनाम घोषित था। यह कई बड़ी घटनाओं में भी शामिल रहा है। यह नक्सलियों को गोरिल्ला युद्ध प्रशिक्षण देने के लिए शिविर आयोजित करता था। इससे प्रशिक्षण लिए कई लीडर आज महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्य में तांडव मचा रहे हैं। मिलिंद की पत्नी भी माओवादी संगठन में थी , जिसे 2011 में गिरफ्तार किया गया था।
29 हथियार बरामद, 3 कमांडोज घायल:
गढ़चिरौली के SP अंकित गोयल ने बताया- करीब 10 घंटे तक सुरक्षाबलों और नक्सलियों की मुठभेड़ चली। 3 जवानों को भी गोली लगी। तीनों घायल जवानों को नागपुर रेफर किया गया है। उनका इलाज जारी है। घटनास्थल से टीम ने 5 AK-47, 9 SLR , 1 इंसास, 3 थ्री नॉट थ्री, 9 बारह बोर बंदूक समेत 1 पिस्टल बरामद की गई है। कुल 29 हथियार समेत भारी मात्रा में अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















