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छत्तीसगढ़

चक्रवाती तूफान जवाद ने बदला अपना रूप

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रायपुर: तूफान का असर(effect of the storm) पूरे प्रदेश के तापमान पर पड़ा है, और सभी जगह न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार सिर्फ दुर्ग का तापमान ही सामान्य से कम है। यहां रविवार को सुबह दर्ज न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री था। यह सामान्य से 2.6 डिग्री कम है। यानी अच्छी ठंड पड़ रही है। दूसरी तरफ अधिकांश जगहों मंे पिछले 24 घंटे के दौरान तापमान मंे वृद्धि हुई है तो यहां पर 0.4 डिग्री कम हुआ है। लालपुर मौसम केंद्र(Meteorological Department) के अनुसार प्रदेश में पूर्व से हवा आने के कारण 6 दिसंबर को मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने 4 और 5 दिसंबर को पूर्वी और लगे हुए जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई थी और उसी के डेटा के अनुसार प्रदेश में कहीं भी इतनी बारिश नहीं हुई। बल्कि तूफान के असर से प्रदेश में कई जगह बादल रह गए, जिससे ठंड कम हो गई है। तूफान के असर से नमी बढ़ने के कारण रात के तापमान में वृद्धि जरूरी हुई है। जैसे रायपुर में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री पहुंच गया। यह सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक है। बिलासपुर में भी भी पारा सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक होकर 16.3 डिग्री पर पहुंचा। जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री अधिक है। पिछले 24 घंटे के दौरान यहां 2.6 डिग्री की वृद्धि रिकार्ड की गई।

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जवाद तूफान(cyclonic storm) के असर से प्रदेश में केवल जगदलपुर और आसपास रविवार को सुबह बूंदाबांदी हुई। रायपुर, माना, बिलासपुर, पेंड्रारोड, अंबिकापुर, दुर्ग और राजनांदगांव में बादल आते-जाते रहे पर पानी नहीं बरसा। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के डेली रैनफॉल डाटा में भी सिर्फ रायगढ़ में 0.4 मिमी बारिश हुई है। प्रदेश के लिए यह अच्छा रहा कि बारिश के लिहाज से तूफान ज्यादा असरदार नहीं रहा। बारिश होने पर फसलों से लेकर लोगों की सेहत पर बुरा असर होने की आशंका थी। धान की कटाई, मिंजाई के साथ सहकारी समितियों में खरीदी चल रही है। बारिश होने से फसल के खराब होने की आशंका थी। लोगों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ने की संभावना थी।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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