Connect with us

क्राइम

SBI एटीएम मशीन को तोडकर चोरी का प्रयास करने वाला आरोपी चढ़ा तोरवा पुलिस के हत्थे, CCTV भी निकालकर साथ ले गया था…

Published

on

बिलासपुर| प्रार्थी विरेन्द्र सूर्यवंशी, जिला कार्यवाहक ट्रांजेक्शन सालूशन इंटरनेश्नल प्रायवेट लिमिटेड बिलासपुर के द्वारा दिनांक 01.08.2023 को अज्ञात आरोपी द्वारा पुराना पावर हाउस स्थित एसबीआई एटीएम बूथ में चोरी करने की नीयत से एटीएम बूथ में लगे दो कैमरा एवं एटीएम मशीन का डोर को तोड़कर क्षतिग्रस्त करने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि रिपोर्ट पर थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 398 / 2023 धारा 457,380, 511, 427 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना किया गया । जिसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संतोष कुमार सिंह(भापुसे) अति0 पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेन्द्र जायसवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली पूजा कुमार (भापुसे) के मार्गदर्शन में तत्काल अज्ञात आरोपी की पता तलाश कर धरपकड करने के लिए थाना प्रभारी तोरवा सुरेन्द्र स्वर्णकार के नेतृत्व में तत्काल टीम तैयार की गई जो पुलिस टीम द्वारा एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज से आरोपी की पहचान क्षेत्र के निवासियों से कराई गई जो उक्त आरोपी के छोटू उर्फ तुषार मरावी निवासी पावर हाउस तोरवा बिलासपुर छ. ग. होना पता चला जिसे मुखबिर सूचना के आधार पर घेराबंदी कर रिपोर्ट के महज 24 घंटो के भीतर पावर हाउस तोरवा से पकड़ा गया जिससे पूछताछ करने पर नशा करने के लिये एटीएम में घुसकर चोरी करने का प्रयास करना स्वीकार किया तथा पूर्व में भी रेलवे कर्मचारी की मोटरसायकल हीरो होंडा डॉन सीजी 04 सीबी 0486 को कासिमपारा से चोरी करना स्वीकार किया आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त ( पूर्व में चोरी की गई ) मोटरसायकल रॉड पेचकस पाना तथा एटीएम बूथ से निकाले गये 01 नग सीसीटीवी कैमरा को जप्त किया गया है। आरोपी को गिरफतार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय भेजा गया है।

यह भी पढ़ें   प्रेमिका की कहीं और शादी होने से नाराज बॉयफ्रेंड ने मारी गोली, बारात आने से पहले ब्यूटी पार्लर में सज रही थी दुल्हन...

प्रकरण की संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी सुरेन्द्र स्वर्णकार सउनि भारत सिंह मरकाम प्र.आर. प्रमोद कसेर, साहेब अली, आर. लक्ष्मी कश्यप एवं उदय पाटले का सराहनीय योगदान रहा|

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्राइम

Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Published

on

Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

यह भी पढ़ें   रिश्ता शर्मसार: कलयुगी मामा ने 4 साल की भांजी को बनाया हवस का शिकार, फिर...

पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

Continue Reading

क्राइम

CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

Published

on

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

यह भी पढ़ें   निजात अभियान के तहत कर्रवाई जारी, 22 लीटर महुवा शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

Continue Reading

क्राइम

Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Published

on

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

यह भी पढ़ें   रिश्ता शर्मसार: कलयुगी मामा ने 4 साल की भांजी को बनाया हवस का शिकार, फिर...

धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

यह भी पढ़ें   तिल्दा स्टेशन के पास देर रात मिली एक अधजली लाश

गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending