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छत्तीसगढ़ झेरिया गड़रिया समाज रामगढ़ राज के बिलासपुर ब्लॉक के अध्यक्ष बने भागीरथी, विष्णु धनकर को बनाया गया उपाध्यक्ष

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बिलासपुर| सर्वप्रथम सभी स्वजातिय बन्धुओ के द्वारा इष्टदेव भगवान शंकर के श्रीचरणों में पूजा-अर्चन कर बैठक प्रारंभ किया गया,फिर चुनाव प्रक्रिया हुआ,सर्वसम्मति से ग्राम सिलपहरी निवासी भागीरथी पाल को अध्यक्ष एवं बिलासपुर निवासी विष्णु धनकर उपाध्यक्ष एवं,सचिव खुडुभाठा अशोक पाल,सहसचिव पोड़ी किशुन पाल,सभापति धमनी भागवत सप्रे,उपसभापति चकरभाठा बिंदा प्रसाद पाल,महामंत्री खुडुभाठा संत कुमार पाल,कोषाध्यक्ष सिलपहरी दयाराम(अशोक)पाल,
उपकोषाध्यक्ष खुडुभाठा शिव प्रसाद पाल,संयुक्त महामंत्री पोड़ी मुकेश पाल को बनाया गया,एवं ग्राम पंच भी नियुक्त किया गया।


बिलासपुर पंच मोहित धनकर,सिलपहरी पंच सरजू पाल,बोधीराम पाल,पोड़ी बेदराम पाल,चकरभाठा बस्ती संतोष पाल,जयराम पाल,धमनी संतोष पाल,खुडुभाठा संतोष पाल,बेदराम पाल, मुरकुटा धनुष पाल,मंगला खपरी घसिया पाल,अचनाकपुर भागवत पाल को ग्राम पंच नियुक्त किया गया,एवं शपथ ग्रहण कराया गया। इस दौरान रामगढ़ राज के अध्यक्ष वरुण कुमार धनकर ,सचिव रामचेत पाल ,सहसचिव सीताराम पाल ,समाज के वरिष्ठ एवं पूर्व अध्यक्ष भोलाराम पाल ,सभापति भरत सप्रे ,बिठलु पाल ,वरिष्ठ सनद पाल ,संचालक रूपेश पाल ,सहित तुमाढेटा ब्लॉक अध्यक्ष महेश पाल,सहित समाज के युवा साथी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।विष्णु धनकर-उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ झेरिया गडरिया समाज रामगढ़ राज बिलासपुर ब्लॉक एवं मीडिया प्रभारी रामगढ़ राज।

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मुख्यमंत्री साय की ओडिशा के CM माझी से मुलाकात, बोले- महानदी जल विवाद का जल्द निकलेगा समाधान

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से उनके निवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास, जनकल्याण सहित दोनों राज्यों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सौहार्दपूर्ण और सार्थक चर्चा हुई।

दोनों राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने पर हुई सकारात्मक चर्चा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा पड़ोसी राज्य होने के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों के बीच अनेक साझा विषय और विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। आपसी संवाद और सहयोग को और मजबूत करते हुए इन संभावनाओं को दोनों राज्यों की जनता के हित में आगे बढ़ाने को लेकर मुख्यमंत्री माझी से सकारात्मक चर्चा हुई।

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महानदी जल विवाद पर क्या बोले मुख्यमंत्री साय
सीएम साय ने महानदी जल विवाद के संबंध में कहा कि लंबे समय से चले आ रहे इस विषय के समाधान की दिशा में अब सकारात्मक वातावरण बना है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा, दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है। केंद्र सरकार के सहयोग और दोनों राज्यों की सकारात्मक पहल से इस विषय का बहुत जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है।

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WhatsApp में बड़ा बदलाव! अब पुराने मैसेज ढूंढना होगा आसान, जानें कैसे काम करेगा नया Search Shortcut

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Technology Desk : अगर आप WhatsApp की लंबी चैट में किसी पुराने मैसेज को खोजते-खोजते परेशान हो जाते हैं, तो जल्द आपकी यह परेशानी खत्म हो सकती है। WhatsApp iPhone यूजर्स के लिए एक ऐसे नए Search Shortcut की टेस्टिंग कर रहा है, जिसकी मदद से पुराने मैसेज खोजना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगा।

इस फीचर की खासियत यह है कि किसी मैसेज को सर्च करने के लिए बार-बार Chat Info में जाने की जरूरत नहीं होगी। चैट के अंदर ही सर्च का विकल्प मिल सकेगा।

चैट में ऊपर स्क्रॉल करते ही दिखेगा Search
WhatsApp के इस नए फीचर की जानकारी ऐप के नए अपडेट्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, iOS के लिए WhatsApp Messenger के वर्जन 26.36.74 में यह नया Search Shortcut कुछ चुनिंदा यूजर्स को दिखाई दिया है।

नए फीचर में जैसे ही यूजर किसी चैट में पुराने मैसेज देखने के लिए ऊपर की ओर स्क्रॉल करेगा, नेविगेशन बार के ठीक नीचे एक नया Search Control नजर आएगा।

इस पर टैप करते ही सर्च मोड खुल जाएगा। इसके बाद यूजर किसी कीवर्ड को टाइप करके चैट में मौजूद पुराने या किसी खास मैसेज को सीधे खोज सकेगा।

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Channels में भी काम आएगा नया फीचर
WhatsApp का यह शॉर्टकट सिर्फ चैट तक सीमित नहीं रहने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, इसे WhatsApp Channels में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।

किसी लंबे चैनल में पुराने अपडेट को ढूंढना फिलहाल काफी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इसके लिए यूजर्स को काफी पीछे तक स्क्रॉल करना पड़ता है। नए शॉर्टकट की मदद से पुराने अपडेट्स को सर्च करना आसान हो सकता है और इसके लिए चैनल की जानकारी वाले पेज पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पहले नीचे टेस्ट हो रहा था Search बटन
दिलचस्प बात यह है कि WhatsApp पहले इस फीचर को एक अलग तरीके से टेस्ट कर रहा था। WABetaInfo ने अगस्त में बताया था कि कंपनी चैट के निचले हिस्से में Search बटन की टेस्टिंग कर रही है।

अब नए टेस्ट वर्जन में इस शॉर्टकट की जगह बदल दी गई है। इसे चैट के ऊपर की तरफ रखा गया है और यह खास तौर पर तब दिखाई देगा, जब यूजर पुराने मैसेज देखने के लिए ऊपर स्क्रॉल करेगा।

जैसे ही यूजर वापस चैट के सबसे नए मैसेज तक पहुंचेगा, Search Shortcut के गायब होने की बात सामने आई है।

पुराने मैसेज खोजने में कम होंगे स्टेप्स
फिलहाल किसी WhatsApp चैट में खास मैसेज खोजने के लिए पहले Chat Info खोलना पड़ता है और फिर Search विकल्प पर जाना होता है। नए शॉर्टकट के बाद यह काम सीधे चैट स्क्रीन से किया जा सकेगा।

यानी लंबी पर्सनल चैट, ग्रुप या चैनल में किसी पुराने मैसेज को ढूंढने के लिए कम स्टेप्स और कम झंझट होगा।

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RSS ने OTT के ‘सांस्कृतिक प्रदूषण’ पर रोक के लिए बनाया पैनल, जानिए कौन-कौन पैनल में है शामिल…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर “सांस्कृतिक प्रदूषण” से निपटने के तरीकों पर सुझाव देने के लिए एक अनौपचारिक समूह बनाया है। यह कदम सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा OTT (ओवर-द-टॉप) कंटेंट को “नैतिक पतन” का कारण बताए जाने के लगभग दो साल बाद उठाया गया है। इस पैनल में शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े कई सदस्य शामिल हैं, जिनमें पूर्व वाइस-चांसलर और प्रचारक भी हैं।

RSS के एक सूत्र ने बताया कि कुछ महीने पहले बनाए गए इस पैनल की पहली बैठक पिछले महीने हुई थी। “यह एक अनौपचारिक समूह है और एक प्रस्ताव तैयार किया जाएगा जिसे अंततः केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और केंद्र सरकार के अन्य संबंधित पक्षों को सौंपा जाएगा, ताकि OTT प्लेटफॉर्म पर आ रही अश्लीलता से निपटा जा सके।”

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उन्होंने कहा, “हमें इस सांस्कृतिक प्रदूषण से निपटने के लिए सेंसर बोर्ड जैसी किसी चीज़ की ज़रूरत है, जो हमारे परिवारों और खासकर युवा पीढ़ी को प्रभावित कर रहा है।”

एक अन्य सूत्र ने कहा: “समूह के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन प्रस्ताव तैयार करने से पहले हमें कानून के क्षेत्र के लोगों के साथ भी व्यापक विचार-विमर्श करने की ज़रूरत है।”

भागवत ने 12 अक्टूबर, 2024 को नागपुर में अपने सालाना विजयादशमी भाषण में OTT कंटेंट पर निशाना साधा था। RSS प्रमुख ने तब कहा था, “OTT प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाने वाली चीज़ें इतनी घिनौनी होती हैं कि उनके बारे में बात करना भी अशोभनीय होगा… इसे कानून के ज़रिए रेगुलेट करने की ज़रूरत है क्योंकि यह नैतिक पतन के बड़े कारणों में से एक है।” उन्होंने समाज में कथित “विकृति” के लिए OTT प्लेटफॉर्म को जिम्मेदार ठहराया था।

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