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छत्तीसगढ़

Bhanupratappur by-election 2022: थम गया चुनावी प्रचार-प्रसार! अब डोर-टू-डोर प्रत्याशी कर सकेंगे जनसंपर्क

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भानुप्रतापपुर।  भानुप्रतापपुर उपचुनाव में प्रचार प्रसार थम गया है। यह इलाका संवेदनशील होने की वजह से 5 बजे की जगह दोपहर 3 बजे ही चुनावी प्रचार-प्रचार थम गया। चुनावी शोरगुल थम गया। अब प्रत्याशी सिर्फ डोर टू डोर जनसंपर्क कर संकेगे।  आज चारामा में प्रदेश के पूर्व सीएम रमन सिंह ने बीजेपी प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम के समर्थन में रोड शो किया। दूसरी ओर बस्तर संभाग के कमिश्नर श्याम धावड़े एवं पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी ने आज विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र भानुप्रतापपुर पहुंचे।

दोनों अफसरों ने उप निर्वाचन के लिए बनाए गए मतदान केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। कमिश्नर धावड़े और आईजी सुंदरराज ने मतदान केन्द्रों की सुरक्षा व्यवस्था के साथ मतदाताओं और मतदान दल के लिए की गई व्यवस्थाओं का जाएजा लिया। बता दें कि 5 दिसंबर को 1 लाख 95 हजार 822 मतदाता करेंगे अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने सभी मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की है।

30 सेक्टर अधिकारी नियुक्त

मतदान को संपन्न कराने के लिए 256 मतदान दल बनाए गए हैं। हर मतदान दल में एक पीठासीन अधिकारी, एक मतदान अधिकारी क्रमांक एक-एक मतदान अधिकारी क्रमांक दो और एक मतदान अधिकारी क्रमांक तीन पर ड्यूटी लगाई गई है।

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256 मतदान केंद्र, 17 अतिसंवेदनशील

भानुप्रतापपुर उपचुनाव के लिए 256 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 82 मतदान केन्द्र नक्सल संवेदनशील, 17 मतदान केंद्र अति नक्सल संवेदनशील और 23 मतदान केन्द्र राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं। इस चुनाव में 1 लाख 95 हजार 822 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 95 हजार 266 पुरुष मतदाता और  1 लाख 555 महिला मतदाता और 1 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।

बात देश की करें तो गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार शाम 5 बजे थम गया है। विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में राज्य की कुल 182 सीट में से 93 सीट पर वोट डाले जाएंगे। जबकि दूसरे चरण का मतदान पांच दिसंबर को होगा। पहले चरण में औसतन 63.31 प्रतिशत मतदान हुआ था। सौराष्ट्र, कच्छ और दक्षिण गुजरात की 89 सीट के लिए पहले चरण का मतदान एक दिसंबर को हुआ था।

दूसरे चरण में, शेष 93 सीट के लिए मतदान होगा, जिसके लिए राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), विपक्षी कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सहित लगभग 60 राजनीतिक दलों के 833 उम्मीदवार और निर्दलीय मैदान में हैं। दूसरे चरण के तहत जिन 93 विधानसभा सीट के लिए मतदान होगा वे उत्तर और मध्य गुजरात के 14 जिलों में फैली हुई हैं जिनमें अहमदाबाद, वड़ोदरा और गांधीनगर शामिल हैं।

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दूसरे चरण में कुछ महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे जिनमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की घाटलोडिया सीट के साथ ही वीरमगाम सीट जहां से पाटीदार नेता हार्दिक पटेल भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और गांधीनगर दक्षिण सीट शामिल है जहां से अल्पेश ठाकोर भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक और दो दिसंबर को भाजपा के कुछ उम्मीदवारों के लिए धुआंधार प्रचार किया, जिनमें अहमदाबाद में दो रोड शो शामिल हैं।

शनिवार को भाजपा अपने स्टार प्रचारकों के कई रोड शो और चुनावी रैलियां की। भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को ढोलका, महुधा और खंभात शहरों में चुनावी रैलियां की। जबकि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी उत्तर गुजरात के मोडासा और सिद्धपुर शहरों में रोड शो किया।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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