छत्तीसगढ़
भारतीय जनता पार्टी ने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों के बलिदान देने वाले प्रखर राष्ट्रवादी और जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर अर्पित की श्रधांजलि

बिलासपुर| भारतीय जनता पार्टी मंडल कुसमी में भारत की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों के बलिदान देने वाले प्रखर राष्ट्रवादी महान चिंतक और जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर मंडल कुसमी में भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा सादर श्रद्धां सुमन अर्पित की गई ।मंडल अध्यक्ष संजय जयसवाल जी के द्वारा डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि 6 जुलाई 1901 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का जन्म हुआ था और 23 जून 1953 को उनकी मृत्यु हुई थी अपने 52 साल के अल्पकालिक जीवन में 14 वर्ष उन्होंने राजनीति को दिया दीया और देश में एक देश एक विधान एक प्रधान और एक निशान के प्रबल समर्थक थे और एक देश में दो निशान नहीं चलेंगे कहते हुए कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराना चाहते थे|

इसी कारण वहां के हुकूमत ने उन्हें गिरफ्तार कर नजरबंद रखा था और 23 जून 1953 को संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई जो आज तक रहस्य बना हुआ है। जिस कारण आज भी हम डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहते हैं जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है जो कश्मीर हमारा है वह सारे का सहारा है। कार्यकर्ताओं को श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान त्याग तपस्या राष्ट्र के लिए उनका योगदान आदि से कार्यकर्ताओं को अवगत कराया गया साथ में भाजपा जिला पदाधिकारीयो के द्वारा वृक्षारोपण किया गया|

आज के इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष संजय जायसवाल सहित भरतसेन सिंह , जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा, मंडल महामंत्री बालेश्वर राम ,पार्षद आनंद जायसवाल ,नेता प्रतिपक्ष सोमनाथ भगत , जिले की मंत्रीजिला पंचायत सदस्य हीरामुनी निकुंज , महिला मोर्चा की जिले के महामंत्री बसंती भगत महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष शशि कला ,सांसद प्रतिनिधिअल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष इस्तखार खान ,भाजपा मण्डल सोशल मीडिया के प्रभारी अतुल जायसवाल ,झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के जिला मिडिया प्रभारी इंद्रदेव निकुंज , किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष हरेंद्र पैकरा किसान मोर्चा के मंडल महामंत्री द्वय कुंवर राम पारस पाल ,झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ मण्डल संयोजक उमेश यादव ,किसान मोर्चा के मिडिया प्रभारी सतीश बुनकर ,अजा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण राम ,अनुज पाडेय आई. टी.सेल मण्डल प्रभारी,आशीष ,अर्जुन पैकरा, सहित भारतीय जनता पार्टी मंडल कुसमी के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित हुए|
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है















