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छत्तीसगढ़

बिलासपुर : एक्सप्रेस ट्रेनों के अलावा कई मेमू-डेमू भी नहीं चलेंगी, रोका गया इन ट्रेनों का परिचालन

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बिलासपुर। रेलवे ने एक बार फिर से 36 ट्रेनों को एक माह के लिए कैंसल कर दिया है। देश भर में कोयला संकट की समस्या को देखते हुए रेलवे ने माल लदान को प्राथमिकता देते हुए अप्रैल और मई महीने में 36 ट्रेनों को कैंसल कर दिया था। इसके चलते छत्तीसगढ़ से दूसरे राज्यों में यात्रा करने वाले यात्रियों को खासी परेशानी हुई।

ट्रेनों को रद्द करने के रेलवे के फैसले का पहले भी प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत पूरी कांग्रेस पार्टी ने विरोध किया था। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं ने ट्रेनों को कैंसल करने का विरोध करते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दी, लेकिन रेलवे पर इसका कोई असर नहीं हुआ। रेलवे ने बिलासपुर जोन और यहां से गुजरने वाली जिन ट्रेनों को रद्द किया है वे आम जनता के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इनमें से बिलासपुर जोन की एक्सप्रेस और मेमू-डेमू तो यहां की जनता के लिए लाइफ लाइन के समान हैं। खासकर वे ट्रेनें जो बिलासपुर-कटनी रूट पर चलती हैं। ज्यादातर ट्रेनें इसी रूट की है। बिलासपुर-भोपाल, बिलासपुर-रीवा जैसी ट्रेन को काफी महत्वपूर्ण हैं।

कौन-कौन सी एक्सप्रेस ट्रेनें हुईं रद्द…

25 मई से 24 जून तक बिलासपुर एवं भोपाल से रवाना होने वाली बिलासपुर-भोपाल -बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 

24 मई से 23 जून तक बिलासपुर से रवाना होने वाली बिलासपुर –रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

25 मई से 24 जून तक रीवा से रवाना होने वाली रीवा -बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

24 मई से 23 जून तक जबलपुर से रवाना होने वाली अम्बिकापुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

25 मई से 24 जून तक अम्बिकापुर से रवाना होने वाली अम्बिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

30 मई व 6,13, 20 जून को नांदेड से रवाना होने वाली सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

1, 8,15, 22 जून को सांतरागाछी से रवाना होने वाली सांतरागाछी- नांदेड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

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25 मई व 1, 8, 15, 22 जून को रानी कमलापति से रवाना होने वाली रानी कमलापति-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

26 मई से 2, 9, 16, 23 जून को सांतरागाछी से रवाना होने वाली सांतरागाछी-रानी कमलापति एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

26, 30 मई एवं 2, 6, 9, 13, 16, 20, 23 जून को भुनेश्वर एलटीटी द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस भुवनेश्वर रद्द रहेगी।

25, 28 मई एवं 1, 4, 8, 11, 15, 18, 22 जून को (11) एलटीटी भुवनेश्वर द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस एलटीटी रद्द रहेगी।

24, 31 मई एवं 7, 14, 21 जून को पुरी-एलटीटी साप्ताहिक एक्सप्रेस पुरी से रद्द रहेगी।

26 मई एवं 02,09,16,23 जून को एलटीटी पुरी साप्ताहिक एक्सप्रेस एलटीटी से रद्द रहेगी।

27, 28 मई एवं 2, 3, 10, 11, 17, 18 जून को हटिया एलटीटी द्वि साप्ताहिक एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

29, 30 मई एवं 5, 6, 12, 13, 19, 20 जून को एलटीटी हटिया द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस एलटीटी से रद्द रहेगी।

29 मई एवं 5, 12,19 जून को विशाखापट्टनम एलटीटी साप्ताहिक एक्सप्रेस विशाखापट्टनम से रद्द रहेगी।

31 मई एवं 07,14,21 जून को एलटीटी विशाखापटनम साप्ताहिक एक्सप्रेस एलटीटी से रद्द रहेगी।

24, 30, 31 मई एवं 6, 7, 13, 14, 20, 21 जून को बिलासपुर -भगत की कोठी द्वि साप्ताहिक एक्सप्रेस बिलासपुर से रद्द रहेगी।

28 मई एवं 2, 4, 9, 11, 16, 18, 23, 25 जून को भगत की कोठी-बिलासपुर द्वि साप्ताहिक एक्सप्रेस भगत की कोठी से रद्द रहेगी।

26, 28 मई एवं 2, 4, 9, 11, 16, 18, 23 जून को बिलासपुर- बीकानेर द्वि साप्ताहिक एक्सप्रेस बिलासपुर से रद्द रहेगी।

29, 31 मई एवं 5, 7, 12, 14, 19, 21, 26 जून को बीकानेर- बिलासपुर द्वि साप्ताहिक एक्सप्रेस बीकानेर से रद्द रहेगी।

रद्द होने वाली पैसेंजर स्पेशल गाड़ियां

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25 मई से 24 जून तक बिलासपुर एवं रायगढ़ रवाना होने वाली बिलासपुर –रायगढ़ – बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।

25 मई से 24 जून तक बिलासपुर एवं शहडोल रवाना होने वाली बिलासपुर –शहडोल–बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।

24 मई से 23 जून तक रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल रायपुर से रद्द रहेगी।

25 मई से 24 जून 2022 तक  डोंगरगढ़-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल डोंगरगढ़ से रद्द रहेगी।

25 मई से 24 जून तक इतवारी से रवाना होने वाली  इतवारी –रामटेक मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।

25 मई से 24 जून तक रामटेक से रवाना होने वाली रामटेक-नागपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।

25 मई से 24 जून तक रायपुर से रवाना होने वाली रायपुर -डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।

25 मई से 24 जून तक डोंगरगढ़ से रवाना होने वाली  डोंगरगढ़-रायपुर- बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।

24 मई से 23 जून 2022 तक  गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर स्पेशल गोंदिया से रद्द रहेगी।

25 मई से 24 जून तक  झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल झारसुगुड़ा से रद्द रहेगी।

आंशिक रूप से रद्द होने वाली गाड़ी

25 मई से 24 जून तक  गेवरारोड-इतवारी एक्सप्रेस कोरबा-गेवरा रोड़ के मध्य रद्द रहेगी।

समर वेकेशन में यात्रियों को नहीं मिल रही है जगह

एक तरफ समर वेकेशन के बीच में ट्रेनें रद्द होने के बाद यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल रही थी। ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ खचाखच भरी थीं। वहीं, अब फिर से एक माह के लिए बड़ी संख्या में एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें कैंसिल होने से यात्रियों की मुसीबत बढ़ गई है। ट्रेनों में टिकट बुकिंग कराने वाले यात्रियों को या तो यात्रा रद्द करनी होगी या फिर उन्हें टिकट कैंसिल कराकर दूसरी ट्रेनों में टिकट बुक करानी होगी। 

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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