छत्तीसगढ़
बिलासपुर: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रमुख अभियंता ने ली संभाग स्तरीय बैठक

बिलासपुर, 19 अक्टूबर 2024: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को धरातल पर शत-प्रतिशत पूर्ण कराने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के तहत विभागीय तैयारियों और ठेकेदारों को गुणवत्तापूर्ण कार्य करवाने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रमुख अभियंता श्री के.के. कटारे ने बिलासपुर के आरआरएनएमयू भवन में संभाग स्तरीय बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में परियोजना मण्डल के अधीक्षण अभियंता श्री वरुण राजपूत, बिलासपुर के सभी कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता और विभिन्न योजनाओं से संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे।
बैठक के मुख्य बिंदु
बैठक में प्रमुख अभियंता ने मंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुसार पीएमजनमन के बैच-एक के सभी कार्यों को मार्च 2025 तक पूर्ण करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने और वर्षा ऋतु की समाप्ति के बाद कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, अगले एक माह में एक विशेष संधारण पखवाड़ा आयोजित कर सभी सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए नियमित संधारण करने के आदेश दिए गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संधारण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर संबंधित ठेकेदारों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
नवीनीकरण कार्यों के निर्देश
2023-24 और उससे पहले के सभी नवीनीकरण कार्यों को अगले 15 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ये कार्य समय पर पूर्ण नहीं होते हैं तो संबंधित ठेकेदारों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रमुख अभियंता ने निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह के लिए लक्ष्यों को निर्धारित किया जाए और समय-समय पर इनकी समीक्षा की जाए ताकि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके और उन्हें निर्धारित समयावधि में पूरा किया जा सके।
निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण
बैठक के पश्चात, प्रमुख अभियंता ने कोटा विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्रों, जैसे पंचायत टाटीधार और मोहली के पास निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान संबंधित ठेकेदार, ग्राम के सरपंच और विभागीय अभियंता भी उपस्थित थे। उन्होंने अत्यंत दुर्गम वन क्षेत्र में रहने वाले बैगा जनजाति के ग्रामीणों के लिए अरपा नदी के किनारे रेलवे ब्रिज के निकट निर्माणाधीन बगथपरा मार्ग और पहाड़ी दुर्गम क्षेत्र में स्थित छपरापारा (मोहली ग्राम) मार्ग का भी निरीक्षण किया। इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य की कठिनाईयों को देखते हुए उन्होंने विभागीय अमले को प्रोत्साहित किया और मार्ग निर्माण के प्रस्तावित एलाइन्मेंट को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
वृहद पुल और संधारण कार्यों का निरीक्षण
प्रमुख अभियंता ने प्रस्तावित वृहद पुल के स्थान का निरीक्षण करते हुए निर्माणाधीन सड़कों के संधारण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सड़कों में हो रहे कार्यों को और अधिक सुधारने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीणों को उच्च गुणवत्ता वाली सड़क सुविधाएं मिल सकें।
इस बैठक और निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों को तेजी से और गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराना है। योजना के तहत ग्रामीण सड़कों की स्थिति को सुधारने और दुर्गम क्षेत्रों में निवास कर रहे लोगों के लिए यातायात को सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में संबंधित विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को समर्पित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया गया है ताकि प्रधानमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा जा सके।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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