छत्तीसगढ़
Bilaspur: कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की बैठक में दी चेतावनी, निजी अस्पतालों में सेवा देने सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ बहुत जल्द कठोर कार्रवाई,

निश्चय मित्र बने कलेक्टर, टीबी मरीज के पोषण आहार के लिए किया दान
बिलासपुर 9 जनवरी/कलेक्टर अवनीश शरण ने आज शाम स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने निजी प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टर को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि वह निजी प्रैक्टिस करना छोड़ दें, अन्यथा उनके विरोध बहुत जल्द कठोर कार्रवाई की जाएगी। एनपीए लेकर निजी अस्पतालों में सेवा देना शासकीय के साथ-साथ नैतिक रूप से भी उचित नहीं है।
शासकीय शासकीय डॉक्टर के निजी प्रेक्टिस करने के भी नियम पूर्व निर्धारित हैं। ऐसे डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग में लिखित में आवेदन देना होता है। उन्हें अपने स्वयं के क्लीनिक अथवा घर ही में ऑफिस टाइम के बाद केवल 3 घंटे के लिए प्रैक्टिस करने का प्रावधान है । किसी भी हालत में निजी अस्पतालों में जाकर इलाज करना नहीं है।
उन्होंने सीएमएचओ से ऐसे डॉक्टर की सूची मांगी है जो निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस के लिए जाते हैं। कलेक्टर ने कहा कि सरकार छोटे-बड़े सभी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है लेकिन इन सुविधाओं से ज्यादा डॉक्टर और कर्मचारियों की बीमार व्यक्ति के सेवा करने की मानसिकता ज्यादा जरूरी है ।उन्होंने कहा कि ज्यादातर गरीब लोग शासकीय अस्पताल में बड़े विश्वास के साथ इलाज करने आते हैं ।
उनके विश्वास को बनाए रखने का प्रयास किया जाना चाहिए, निश्चय मित्र बनकर कलेक्टर ने किया दान कलेक्टर अवनीश शरण ने निश्चय मित्र बनकर टीवी मरीजों की मदद के लिए ₹3000 का दान किया। इस राशि से किसी टीवी मरीज को 6 माह तक पोषण आहार दिया जाएगा। अस्पताल से दवाइयां उन्हें मुफ्त मिलेगी। नगर निगम के अधिकारी भी निश्चय मित्र बने और अंशदान किए।
उन्होंने अन्य अधिकारियों, समाजसेवी, और जनप्रतिनिधियों को भी निश्चय मित्र बनने का आह्वान किया। सभी बीएमओ और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को विकसित भारत संकल्प यात्रा शिविरों और अन्य स्थानों पर इसका प्रचार प्रसार कर लोगों को गोद लेने के लिए प्रेरित करने कहा।
उन्होंने टीबी अभियान के प्रभारी से कहा कि अगले 10 दिवस के भीतर ज्यादा से ज्यादा लोगों को निश्चय मित्र बनाएं। कलेक्टर ने विकसित भारत संकल्प यात्रा और पीएम जनमन योजना में अच्छे काम करने वालों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किए जाने की घोषणा की।
बैठक में खसरा और रूबेला बीमारी के उन्मूलन कार्य की प्रगति का समीक्षा भी किया गया। सीएमएचओ डॉक्टर राजेश शुक्ला सिविल सर्जन अनिल गुप्ता सहित सभी बीएमओ,डीपीएम, बीपीएम सहित राष्ट्रीय का स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभारी अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















